माताओं से होने वाले एचआईवी संक्रमण से बच्चों का हो सकता है बचाव

(ब्यूरो चीफ योगेश द्विवेदी कालपी जालौन)

ममता संस्था की ओर से एचआईवी संक्रमित माताओं को दी गई सुरक्षा किट.

  • कालपी (जालौन)-आज दिन गुरुवार को प्लान इंडिया के सहयोग से ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फार मदर एंड चाइल्ड की ओर से एचआईवी पीडि़त गर्भवती को पोषण और सेफ्टी किट जिला क्षय रोग अस्पताल में वितरित की गई। किट का वितरण जिला महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सुनीता बनौधा ने किया। उन्होंने सुरक्षा किट वितरित करते हुए कहा कि माताएं बच्चे का समय समय पर एचआईवी जांच कराती रहें ताकि संक्रमण से रोकथाम के लिए उन्हें जो टीका व दवा दी जाती है, वह नियमानुसार दी जाती रहे।
    जिला क्षय रोग अधिकारी डा. सुग्रीव बाबू ने कहा कि इन संस्थाओं द्वारा जो एचआईवी संक्रमित महिलाओं को सुरक्षा किट वितरित की जा रही है। वह उनके लिए इस कोरोना काल में मददगार साबित होगी। ममता संस्था के परियोजना अधिकारी पुरुषोत्तम तिवारी ने बताया कि अक्तूबर 2019 से जुलाई 2020 के बीच जिन एचआईवी संक्रमित महिलाओं का प्रसव हुआ है। ऐसी महिलाओं को संस्था द्वारा चिह्नित किया गया था। इन महिलाओं को गुरूवार को सुरक्षा किट दी गयी। जिन आधा दर्जन महिलाओं को यह किट दी गई है, वह इसका उपयोग कर सकती है। जिन महिलाओं को आज सामग्री वितरित की जा रही है, उनके बच्चे एचआईवी संक्रमण से सुरक्षित हैं। इससे न सिर्फ उनके पोषण में मदद मिलेगी। बल्कि सुरक्षा किट से वह वे संक्रमण को भी रोक सकेंगी। उन्होंने कहा कि अब ऐसी दवाएं आ गई है, जिसकी बदौलत एचआईवी संक्रमित मां से होने वाले बच्चे को एचआईवी संक्रमण से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में एचआईवी संक्रमित महिलाओं को ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। इसलिए संस्था की ओर से यह मदद उन्हें दी जा रही है। इस दौरान डा. एसके पाल, शहनवाज खान, नुरुल हुदा, सुरजीत सिंह, संजय अग्रवाल, आलोक मिश्रा, परामर्शदाता आदर्श कुमारी, राजीव उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
    सुरक्षा किट में यह सामग्री है शामिल
    पोषण किट में चावल पांच किलो, आटा 15 किलो, अरहर की दाल तीन किलो, वनस्पति तेल दो किलो, नमक दो किलो, शक्कर दो किलो, दो बड़े पैकेट बिस्किट, आधा किलो चाय, चार माचिस डिब्बी तथा सेफ्टी में पांच फेस मास्क, दो हैंडवाश, सैनेटरी पेड का पैकेट, कंडोम के दस पैकेट दिए गए।

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