एक चर्च में चार बार क्रिसमस की आराधना होगी , आर्च बिशप ने कहा प्रभु के जन्मोत्सव के लिए आत्मिक तैयारी करें

रायपुर। प्रदेशभर में क्रिसमस यानी प्रभु यीशु के जन्म के समारोहों की शुरूआत हो चुकी है। आर्च बिशप विक्टर हैनरी ठाकुर व बिशप राबर्ट अली ने समारोहों की शुरूआत की है। मुख्य समारोह 25 दिसबंर को ख्रीस्त जन्मोत्सव और एक जनवरी को नववर्ष तक चलेंगे।
आर्च बिशप ठाकुर ने कहा कि प्रभु के जन्मोत्सव पर हर इन्सान स्वयं को आत्मिक रूप से तैयार करे। ये उद्धार का पर्व है। बाजारवाद क्रिसमस का अभिप्राय बदलने में लगा है। सांसारिक खुशी का अपना स्थान है, लेकिन यीशु मसीह सबके मनो में जन्मे ये बड़ी और प्रमुख बात है। तभी बड़े दिन की सार्थकता है।
मसीही समाज इसकी खुशी उन लोगों तक भी पहुंचाएगा जो निर्धन हैं। उन जरूरतमदों को गुरुवार को नए-नए कपड़े, शॉल व कंबल बांटे जाएंगे।
यह परंपरा बरसों पुरानी है। इसके लिए बकायदा गरीबों से उनकी जरूरत पूछी जाती है फिर चर्च कि ओर से इसका इंतजाम किया जाता है। महिला सभा व पास्ट्रेट कमेटी द्वारा उन्हें नए वस्त्र बांटे जाएंगे। इसके साथ ही गिरजाघरों में सजावट लगभग पूरी हो चुकी है। युवा सभा सचिव आशीष बाघे, अध्यक्ष अनीश डेनियल व चर्च सचिव आशीष सोलोमन की अगुवाई में सेवक अब्राहम दास, शुभांक पॉल, नीलेश राम, नितिन सिंह, मारिओ जॉन, सैवियों जॉन, सैम अली रिचर्ड दास, रोबर्ट दास, अंशुल सिंग, मीकू अरविन्द बाघे, वैशाली मसीह, मालविका बोगी, आयुषी सोलोमन, स्वप्निल चौधरी, जइस निकिता राम, अभिषेक मसीह आदि ने डेकोरेशन से क्रिसमस प्रतीकों चरणी, स्टार, क्रिसमस ट्री आदि को उकेर दिया है। घरों में महिलाएं केक और पकवान बनाने की चीजें बाजारों से खरीद रही हैं।
इस बार संडे स्कूल के बच्चे इस बार बड़े दिन का ड्रामा नहीं खेल सकेंगे। मोहल्लों में होने वाले क्रिसमस ट्री प्रोग्राम की जगह दूसरे जरिए बच्चों को बच्चों को प्रोत्साहित किया जाएगा। राजधानी में सेंट पॉल्स कैथेड्रल, सेंट जोसफ महागिरजाघर, सेंट मेरीस चर्च टाटीबंध, जॉन द बैपटिस्ट चर्च कापा, अमलीडीह चर्च, ग्रेस चर्च, सेंट मैथ्यूस चर्च, सेंट पीटर्स चर्च जोरा, नवा रायपुर में खड़वा चर्च, मारथोमा चर्च, बिलिवर्स ईस्टर्न चर्च, रायपुर क्रिश्चियन चर्च, चर्च आफ गॉड समेत चार दर्जन गिरजाघरों में धार्मिक संस्कारों को पादरी व फादर अंतिम रूप दे रहे हैं। सेंट पॉल्स कैथेड्रल में पादरी अजय मार्टिन की अगुवाई व चर्च कोर्ट के अध्यक्ष जॉन राजेश पॉल के संचालन में धन्यवादी पर्व यानी नई फसल के आने की खुशी मनाई गई। राजेश लिविंग्स्टन व लीली भागीरथी, रूचि धर्मराज, नीला मुंडू, जीवन मसीह, डिक्सन बैंजामिन ने भी आगमन की रविवारीय आराधनाएं ली हैं। डायसिसन यूथ स्पोर्ट्स डे भी मनाया गया है। चर्च आफ नार्थ इंडिया के स्थापना के गोल्डन जुबली ईयर भी केक काटकर मनाया गया।
एक नजर में –
19 दिसंबर को शाम सात बजे युवा सभा के अनुरोन मसीह के नेतृत्व में करौल सिंगिंग नाइट यानी कैंप फायर होगा। 24 दिसंबर को मध्य रात्रि की आराधना में बड़े दिन यानी प्रभु का जन्म होगा। इस अवसर पर 25 दिसंबर को सुबह 9 बजे ख्रीस्त जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 27 से 30 दिसंबर तक खेलकूद प्रतियोगिताएं होंगी। इसके पुरस्कार 31 दिसंबर को नव वर्ष की पूर्व संध्या को बंटेंगे। रात ग्यारह बजे वॉच नाइट सर्विस होगी। 1 जनवरी को नए साल की आराधना होगी।
कमेटियां –
माहभर करीब 40 दिन चलने वाले महोत्सव के लिए कमेटियां बनाकर प्रमुख लोगों को जिम्मेदारियां बांटी गई हैं। चर्च कोर्ट पास्ट्रेट कमेटी, संडे स्कूल, महिला सभा, युवा सभा के पदाधिकारियों व स्टाफ को काम दिए गए हैं। प्रथम महिला डॉरथी अली, डीकन मारकुस केजू, सेवक अब्राहम दास व इस्माइल मसीह, केनस नायक, आशीष अनुराग सालोमन, जेपी बारिक, सीजे परदेसी, प्रवीण जेम्स, अजय मसीह, मृदुला सिंग, रौली सालोमन, डिक्सन बैंजामिन, रूचि धर्मराज, जयकिरण प्रकाश, रिचर्ड दास, समीर तिमोथी, अनिल सालोमन, शीतल पॉल, सैम अली, नीलेश राम, नीरज सिंग, अजय पॉल मलाकी, राकेश गार्डिया, संजय मसीह, गुलाब यादव आदि समारोहों में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।.                                            सेंट जोसेफ महा गिरजा घर में 24 दिसम्बर को शाम 6, 8 और रात 10 बजे आराधना होगी। 25 दिसंबर को सुबह 8 बजे विशेष आराधना होगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *