Monday, June 17

कलेक्टर्स, जन-कल्याण के लिए करें क्षमताओं का भरपूर उपयोग: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

संबल-2 योजना देगी जरूरतमंद परिवारों को सम्पूर्ण पैकेज
सभी जिलों में होंगे महिला सम्मेलन
बहनों का जीवन संवारने आजीविका मिशन बढ़ाए गतिविधियाँ
दिव्यांग बच्चों और कोविड में बेसहारा हुए बच्चों को दें सहायता
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में की योजनाओं की समीक्षा और दिये निर्देश

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संत रविदास जयंती से अनुसूचित जाति जनजाति के उन बच्चों को भी प्रमाण-पत्र देने का कार्य प्रारंभ होगा जो इससे वंचित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा जिलों में उद्योग क्षेत्र में निवेशकों को प्रोत्साहित करें। एक जिला-एक उत्पाद कार्यक्रम से लोगों को जोड़ कर लाभान्वित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि युवाओं को कौशल विकास का लाभ दिलवाएँ। सामान्य उच्च शिक्षा के स्थान पर ऐसी शिक्षा दिलवाएँ जो उन्हें किसी हुनर में दक्ष बनाए। लाड़ली लक्ष्मी बेटियों को रचनात्मक कार्यों से जोड़ें। जिलों में छात्रावासों में व्यवस्थाएँ बेहतर बनाने का अभियान चलाएँ। दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग दिलवाने आगे आएँ। एक भी पात्र सुविधा से वंचित न हो।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान में अच्छे कार्यों के लिए कलेक्टर्स को बधाई दी। उन्होंने कहा कि संबल -2 योजना के प्रारूप को जल्द अंतिम रूप दिया जायेगा। योजना के हितग्राहियों को अनुग्रह सहायता जिसमें आकस्मिक मृत्यु और सामान्य मृत्यु शामिल है, प्रसूति सहायता, बेटियों के विवाह के लिए सहायता और बेटे-बेटियों को मेडिकल और इंजीनियरिंग की शिक्षा के लिए शिक्षण शुल्क देने का कार्य एक पेकेज के रूप में प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में हवाई यात्रा भी प्रारंभ होगी। प्रदेश के सभी जिलों में शीघ्र महिला सम्मेलन होंगे। गरीब बहनों को आजीविका मिशन और बैंकों के माध्यम से जीवन संवारने का कार्य प्रारंभ किया गया था, उसे गति प्रदान की जाएगी।

जल जीवन मिशन

प्रमुख उपलब्धियाँ – कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि योजना में प्रदेश के 120 लाख घरों तक नल से जल प्रदाय करने के लक्ष्य के विरूद्ध लगभग 50 प्रतिशत प्राप्ति हो चुकी है। हाल ही में की गई समीक्षा में बुरहानपुर, नीमच, इंदौर, बालाघाट और रतलाम रेंकिंग में आगे हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश – मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जन-प्रतिनिधि और आमजन कार्यों को देखें। कलेक्टर नियमित रूप से कार्यों की मानीटरिंग करें और दिन-रात जुट कर कार्य करें। महिला स्व-सहायता समूहों को भी जोड़ना है। जिलों में साप्ताहिक समीक्षा की जाए। जनता के सुझावों के आधार पर भी कार्य किये जायें।

कमिशनर्स भी हर माह समीक्षा करें। ग्राम में योजना के उद्घाटन पर जल कलश यात्रा निकाली जाये। पेयजल मिशन से जनता जुड़े। कार्य पूर्ण होने पर लोकार्पण कार्यक्रम में जनता की भागीदारी हो। जन अभियान परिषद, योजना के क्रियान्वयन से भी जुड़ें। प्रारंभ हो चुकी योजनाएँ ठीक से संचालित हों, इस पर नजर रखना है। जहाँ पानी उपलब्ध नहीं है, वहाँ अन्य विकल्पों पर भी कार्य किया जाए।

सीएम राइज स्कूल

प्रमुख उपलब्धियाँ – प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 274 और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा 95 विद्यालयों के संचालन के कार्य किए जा रहे हैं। सीहोर जिले के नसरूल्लागंज में शिक्षकों, बच्चों और अभिभावकों ने काफी रूचि ली है। इन स्कूलों से अपनापन देखा जा रहा है। अन्य जिलों में कलेक्टर्स ने विद्यालयों को चित्रकला के माध्यम से आकर्षक बनाया है। अनेक सुविधाओं से युक्त विद्यालयों में पढ़ने के लिए विद्यार्थी जागरूक हुए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश – मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम राइज स्कूल से लोगों की उम्मीद जागी है। यह योजना लोकप्रिय हो, इसकी ठीक से मानीटरिंग की जाए। यदि कहीं विद्यालय निर्माण से जुड़े भूमि विवाद हों तो वे समाप्त किए जाएँ।

स्वास्थ्य क्षेत्र में लोकप्रिय होती सुमन डेस्क

प्रमुख उपलब्धियाँ – बताया गया कि प्रदेश में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर कम करने के प्रयास निरंतर हो रहे हैं। गर्भावस्था में पंजीयन के कार्य में झाबुआ, भोपाल, अलीराजपुर, उज्जैन और धार सबसे आगे हैं। हाई रिस्क महिलाओं (गंभीर एनीमिया) के चिन्हांकन पर ध्यान दिया जा रहा है। इसमें रीवा, सीधी, मण्डला, अलीराजपुर और छिन्दवाड़ा शीर्ष जिले हैं। उच्च जोखिम वाली महिलाओं की सुमन हेल्प डेस्क द्वारा ट्रेकिंग की जा रही है। हाई रिस्क माताओं की जानकारी अनमोल मोबाईल एप से पोर्टल पर पंजीयन कर ट्रेकिंग के लिए सर्वप्रथम हाई रिस्क गर्भवती माताओं की ब्लॉक वार सूची बनाने और उसके अनुसार जिला स्तर पर संचालित सुमन हेल्प डेस्क द्वारा महिलाओं को मोबाईल के माध्यम से संपर्क किया जाता है। समय पूर्व प्रसव के लिए निकट के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती होने की कॉउंसलिंग और गर्भवती माताओं का नियमित फलोअप कर परिवहन के लिए 108 एम्बुलेन्स सहायता भी दी जाती है। इसके लिए कर्मचारियों का दायित्व निर्धारित किया गया है। प्रदेश में निजी अस्पतालों से टाइअप कर आयुष्मान कार्डधारी हितग्राही लाभान्वित किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में करीब सवा दो हजार निजी अस्पताल आयुष्मान हितग्राहियों के उपचार के लिए अनुबंधित हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश- कलेक्टर जिले में एक अस्पताल को आदर्श बनाएँ। आमजन को दवाओं की उपलब्धता की जानकारी सूचना पट के माध्यम से दें। स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना के बाद आम नागरिकों का सरकारी अस्पतालों के प्रति विश्वास बढ़ा है। अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं का सोशल मीडिया द्वारा भी प्रचार किया जाए। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान में सर्वाधिक आवेदन आयुष्मान कार्ड के लिए प्राप्त हुए हैं। संबल योजना से हितग्राहियों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जाएँ।

उपभोक्ता कल्याण

प्रमुख उपलब्धियाँ – प्रदेश में उपभोक्ताओं को अन्न उत्सव से खाद्यान्न का वितरण हो रहा है। प्रतिमाह दुकानों का निरीक्षण भी किया जाता है। कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए अमला सक्रिय है। प्रदेश में उचित मूल्य दुकानों के निरीक्षण के बाद गड़बड़ियाँ प्राप्त होने पर 186 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश- विकास यात्रा के दौरान हितग्राहियों को राशन वितरण भी किया जाए। दीनदयाल अंत्योदय समितियों के सदस्य अन्न उत्सव में उपस्थित रहकर व्यवस्थाएँ देखें। कालाबाजारी करने वालों और राशन वितरण करने वालों को जेल भेजने की कार्यवाही की जाए। सतना के जिला खाद्य अधिकारी के अस्वस्थ होने की जानकरी मिलने पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर सतना से उनके स्वास्थ्य का हालचाल प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह, तीर्थ-दर्शन, दिव्यांग कल्याण, परिसम्पत्तियों का प्रबंधन, आजीविका मिशन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में बढ़ी हुई राशि 55 हजार रूपये प्रदान किए जाने का कार्य पारदर्शी तरीके से करने के निर्देश दिए। बताया गया कि स्पर्श पोर्टल में सवा सात लाख दिव्यांग पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना लोकप्रिय हो रही है। शीघ्र ही बुजुर्ग तीर्थ-यात्रियों को हवाई जहाज से भी तीर्थ-स्थानों पर भेजा जाएगा। प्रदेश में परिसम्पत्तियों के प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2022 -23 से जिला प्रोत्साहन योजना भी लागू है। मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन की गतिविधियों की भी कॉन्‍फ्रेंस में समीक्षा की गई।

जिलों के कलेक्टर्स ने श्रेष्ठ कार्यों और नवाचारों की दी जानकारी

कलेक्टर इंदौर ने स्कूटी वाहन में आवश्यक मोडिफिकेशन कर दिव्यांग वर्ग के लिए उपयोगी बनाकर वितरण की योजना की जानकारी दी। गुना कलेक्टर ने भरोसा कार्यक्रम (स्वास्थ्य क्षेत्र) की जानकारी दी। हरदा कलेक्टर ने “प्रशासन आपके द्वार” में 28 कलस्टर्स बनाकर हितग्राहियों को लाभान्वित करने के कार्यों का विवरण दिया। इस पहल से राजस्व मामलों के निराकरण का हरदा जिले में प्रतिशत एक वर्ष में दोगुना हो गया है। सीहोर जिले में हर शाला स्मार्ट शाला के नवाचार से शालाओं को स्मार्ट टीवी जन-सहयोग से मिले हैं। इससे शिक्षा आसान हुई है। मुख्यमंत्री अध्ययन केंद्र से परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के प्रयास किए गए हैं। शहडोल जिले में एनिमिक महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार और सुमन हेल्प डेस्क का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है। अन्य जिले भी इस डेस्क का लाभ महिलाओं को दिलवाने में आगे आ रहे हैं। डिंडोरी जिले में रेवा अभियान से वीडियो कालिंग द्वारा परामर्श सेवाएँ दी जा रही हैं। सतना जिले में प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के अमल पर ध्यान देते हुए गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। रेडियोलॉजिस्ट की सेवाएँ रोग डायग्नोसिस के लिए ली जा रही हैं।

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