कोरबा बिजली सुधार के आश्वासन पर माकपा का ‘हल्ला बोल’ आंदोलन एक सप्ताह के लिए स्थगित

 

बांकी मोंगरा में बिजली व्यवस्था में सुधार का आश्वासन मिलने के बाद माकपा द्वारा प्रस्तावित ‘हल्ला बोल’ आंदोलन फिलहाल एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि बांकी मोंगरा की बदहाल बिजली व्यवस्था से आक्रोशित लोगों ने माकपा के नेतृत्व में 1 जुलाई से तीन चरणों में आंदोलन की घोषणा की थी, जिसमें एसएमएस भेजने, पुतला दहन करने और बिजली कार्यालय घेराव करने का कार्यक्रम शामिल था।

माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने बताया कि एसएमएस आंदोलन शुरू होने से पहले ही बिजली विभाग के एई नितिन विश्वकर्मा, जेई कंवर और गोविंद सोनवानी अपनी टीम के साथ बांकी मोंगरा सब स्टेशन पहुंचे और उन्होंने माकपा व स्थानीय लोगों के साथ चर्चा की। चर्चा में जवाहर सिंह कंवर, नंदलाल कंवर, माकपा पार्षद सुरती कुलदीप, सत्रुहन दास, लखपत दास, जनकदास, हुसैन अली, व्यापारी संघ के रमेश अग्रवाल और विनोद साहू आदि गणमान्य नागरिक शामिल थे। चर्चा में बिजली संकट से जुड़ी मुख्य समस्याओं पर बातचीत हुई और विभाग ने एक सप्ताह में बिजली सुधार की प्रक्रिया शुरू करने का सकारात्मक आश्वासन दिया, जिसके बाद एक सप्ताह के लिए इस आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।

माकपा प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा के दौरान बिजली विभाग के अधिकारी सहमत हुए कि बांकी मोंगरा टाऊन फीडर (11केवी) को दो भागों में बाटने का कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे बांकी क्षेत्र में बार-बार बिजली कटौती से राहत मिलेगी। मड़वाढ़ोढा-पुरैना लाईन को सीधे बांकी मोंगरा से जोड़ने के लिए एक सप्ताह के अंदर सर्वे शुरू किया जाएगा और टूटे बिजली के खंभो को बदलने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने औसत बिलिंग के नाम पर भेजे जा रहे अनाप-शनाप बिजली बिलों को सुधारने, बीपीएल कार्डधारी गरीबों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन देने और खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने का भी आश्वासन दिया। माकपा पार्षद सुरती कुलदीप ने भी भैरोताल की बिजली समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया, जिस पर उन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।

उल्लेखनीय है कि पॉवर हब होने के बावजूद एक ओर कोरबा नगर निगम के अंतर्गत बांकीमोंगरा क्षेत्र में 15 घंटों से लेकर दो-दो दिनों तक बिजली कटौती जारी है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, खेती किसानी और व्यवसाय से लेकर रोजमर्रा के सभी काम प्रभावित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बदहाली का आलम यह है कि बिजली खंभो में करेंट दौड़ रहा है जिससे जान माल का नुकसान हो रहा है। इससे इस क्षेत्र के लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। माकपा ने चेतावनी दी है कि यदि वार्ता के अनुरूप बिजली की समस्याओं पर एक सप्ताह के अंदर समाधान की प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी, तो इस क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

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