ड्रग्स पार्टी,दो बिजनसमैन हिरासत में,महंगे शौक लड़कियों को बनाता था पार्टी का हिस्सा

मुंबई की तर्ज पर राजधानी रायपुर सहित दुर्ग भिलाई की होटलों में रंगीन पार्टियां आयोजित की जाती रही है हालांकि इस पार्टी को आयोजन करने वालों में रईस लोग शामिल रहे हैं जिनका उद्देश्य सिर्फ पैसे के दम पर पूर्णता अश्लीलता को परोस ना और उसे बड़े चाव के साथ समाज में  प्रस्तुत करना रहा है  जानकारों की माने तो  जयपुर दुर्ग भिलाई  और  ऐसी कई फार्म हाउस में इस तरह के रंगीन पार्टियों का आयोजन किया जाता है इस रंगीन पार्टी में  खास तौर पर ऐसी युवतियों को शामिल किया जाता है  जो  उदासी जीवन जीना चाहती हैं हालांकि उनका बैकग्राउंड  निम्न ओर मध्यम वर्ग से है लेकिन ये युवतियां अपने अधिक महंगे शौक के कारण इन पार्टियों में ड्रग्स परोसने का काम करती थी। हालांकि अब तक पुलिस को इस मामले में सही सुराग नहीं मिल पाया है लेकिन जानकारों की मानें तो यह कार्य एक लंबे समय से चल रहा है जिसमें रसूखदार शामिल हैं निकिता पंचाल के हिरासत में लेकर पूछताछ करने से अब यह स्पष्ट हो गया है कि निकिता अकेली नहीं है और भी लड़कियां हैं जो इस रंगीन पार्टियों में थिरकते दिखती थी डक्स पर उससे दिखती थी मुंबई के बाद अब राजधानी में ड्रग्स कनेक्शन का तार लगातार खुलते जा रहा है। राजधानी पुलिस की गिरफ्त में आए इंजीनियर निकिता पंचाल के मोबाइल से पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है, निकिता ने कई बार मुंबई और गोवा जाकर ड्रग्स खरीदी थी। उसके मोबाइल से 12 से अधिक लडकियों के नाम मिले हैं, जो निकिता से साथ ड्रग्स पार्टी में शामिल होती थीं। ड्रग्स तस्करी के भंडाफोड के बाद इनमें से कुछ युवतियां छत्तीसगढ़ से भाग गई हैं। पुलिस इनकी जानकारी जुटा रही है। वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में पुलिस ने दो ड्रग्स पैडलर्स को हिरासत में लिया है। इसमें से एक युवक कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता का भतीजा होना बताया जा रहा है। दूसरी तरफ  पूरा मामला भी राजनीतिक संरक्षण का होता नजर आ रहा है राज्य में 15 साल से भाजपा की सरकार रही है वही पिछले 2 साल से इस राज्य में कांग्रेस की सरकार है रसूख दारू का संबंध दोनों ही पार्टियों से बराबर का रहता है यह बात सभी जानते हैं हालांकि अभी कांगेस और भाजपा एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और ड्रग सप्लाई की निंदा कर रहे हैं संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने खुलेआम भाजपा के पूर्व मंत्री राजेश मूणत पर गंभीर आरोप लगाया है तो वही मूरत ने वीडियो जारी करते हुए स्पष्ट तौर पर इसके लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार बताया है मामला क्लब में गोली चलने के बाद ही उजागर हुआ है क्वींस क्लब को कहीं ना कहीं राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है यह बात राजनीतिक गलियारों में सभी की जुबां पर चर्चा है क्वींस क्लब के संचालक कहीं न कहीं राजनीति के शिकार हो रहे हैं कुल मिलाकर कांग्रेश भाजपा की खींचतान में और आरोप-प्रत्यारोप के कारण रक्त का मामला खुलकर सामने आया है अगर आरोपी और संधियों की बात करें तो दोनों का राजनीतिक दलों से किसी न किसी रूप में संबंध है इसकी पुष्टि कई ऐसे कार्यक्रम हैं जो इसकी पुष्टि करते हैं

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