सरायपाली कोरोना की वजह से मंदिरों में नहीं लग रही है भक्तों की भीड़, शारदीय नवरात्र पर मंदिरों में शुरू हुई पूजा अर्चना

किशोर कर, महासमुंद

महासमुंद – छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में शारदीय नवरात्र पर माता के दरबार सज गए हैं और मंदिरों में आस्था के दीप जलने लगे हैं लेकिन कोरोना की वजह से इस साल कहीं पर भी भव्य आयोजन नहीं किया गया है और माता मंदिरों में किसी तरह की भीड़ भाड़ नजर नहीं आ रही है। महासमुंद जिले के नेशनल हाईवे 53 पर सरायपाली से 20 किलोमीटर दूर स्थित सिंघाड़ा के माता रुद्रेश्वरी मंदिर में भी इस बार कोई खास आयोजन नहीं किया गया है जहां माता के मंदिर में सिर्फ पूजा अर्चना कर शारदीय नवरात्र का आयोजन किया जा रहा है। हम आपको बता दें कि अन्य वर्ष सिंघोड़ा घाटी स्थित माता रुद्रेश्वरी मंदिर में शारदीय नवरात्र पर हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती थी जहां छत्तीसगढ़ सहित उड़ीसा बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल महाराष्ट्र मध्य प्रदेश यूपी आदि अनेक राज्यों से भक्तों का तांता लगा रहता था लेकिन इस वर्ष कोरोना की वजह से प्रशासन द्वारा गाइडलाइन जारी होने के बाद मंदिर परिसर में कहीं कोई भीड़ भाड़ नजर नहीं आ रही है गौरतलब है कि सिंघोड़ा घाटी स्थित माता रूद्रेश्वरी मंदिर छत्तीसगढ़ का प्रमुख शक्ति स्थल माना जाता है नेशनल हाईवे 53 पर स्थित होने की वजह से बाहरी राज्यों से आने जाने वाले लोगों के लिए यह आकर्षण का केंद्र भी बना हुआ है। माता के मंदिर में अन्य वर्ष जहां लाखों की संख्या में आस्था के दीप जलाए जाते थे और ज्योत प्रज्वलित किए जाते थे वहीं इस पर ऐसा किसी भी तरह का कोई आयोजन नहीं किया गया है। लेकिन इस वर्ष लंबे अंतराल बाद मंदिर के पट खुले हैं और वहां सिर्फ पूजा अर्चना कर ही शारदीय नवरात्र का आयोजन किया गया है मंदिर प्रबंधन के सदस्यों से जब आयोजन के संदर्भ में बातचीत की गई तब उनका साफ तौर पर कहना था कि जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार ही शारदीय नवरात्र का आयोजन किया गया है मंदिर परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है और ना ही किसी तरह का यहां पर कोई विशेष आयोजन किया गया है करो ना कोई वजह से विशेष सावधानी बरती जा रही है तथा आने जाने वाले भक्त और श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और बाहर से ही माता का दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करें। महासमुंद जिले के शहरी क्षेत्रों में भी कहीं पर दुर्गा के पंडाल नजर नहीं आ रहे हैं कई जगह परंपरागत रूप से माता का छायाचित्र रखकर ही पूजा-अर्चना की जा रही है हम आपको बताते चलें कि जिला कलेक्टर द्वारा दुर्गा पूजन के लिए विशेष गाइडलाइन जारी किया गया था जिसके परिपालन करते हुए लोगों में इस बार दुर्गा पूजा के दौरान भी विशेष सावधानी बरती जा रही है।

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