Sunday, July 21

छत्तीसगढ़ समाजशास्त्रीय एसोसिएशन का पहला वार्षिक सम्मेलन 28 से

वैश्विक परिदृश्य में आदिवासी महिलाओं की स्थिति पर होगा मंथन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ समाजशास्त्रीय एसोसिएशन के प्रथम वार्षिक सम्मेलन का आयोजन 28 और 29 जून  2024 को पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के सभागृह में किया जा रहा है। यह प्रथम वार्षिक सम्मेलन ” वैश्विक परिदृश्य में आदिवासी महिलाओं की स्थिति ” विषय पर आयोजित किया जा रहा है जिसमें मेजबान छत्तीसगढ़ सहित देशभर के विद्वान, शोधार्थी, प्राध्यापकगण शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
छत्तीसगढ़ समाजशास्त्रीय एसोसियेशन की अध्यक्ष और अधिवेशन ( कांफ्रेंस) की समन्वयक प्रो. प्रीति शर्मा एवं एसोसिएशन के सचिव तथा अधिवेशन के आयोजन सचिव प्रो. एल.एस. गजपाल  ने बताया कि आदिवासी महिलाओं का सशक्तिकरण पूरी दुनिया के देशों के विकास की प्रक्रिया में केंद्रीय मुद्दा है। आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से 28 और 29 जून 2024 को सीजीएसए अपना पहला वार्षिक सम्मेलन उक्त विषय़ पर आयोजित कर रहा है।
इस सम्मलेन का उद्घाटन समारोह सुबह 10.30 बजे से आयोजित किया जाएगा जिसके मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा सचिव श्री प्रसन्ना आर होंगे। विशिष्ट अतिथि हेमचंद विश्वविद्यालय दुर्ग की कुलपति डॉ अरुणा पलटा, इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी के प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. अंशु केडिया, बीएचयू वाराणसी की एसोसिएट प्रोफेसर, समाजशास्त्र डॉ. श्वेता प्रसाद, टीआरएस  कॉलेज रीवा मध्यप्रदेश के प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष एवं मध्यांचल सोशियोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ महेश शुक्ल, होंगे। मुख्य वक्ता संबलपुर यूनिवर्सिटी, ओडिशा के रिटायर्ड प्रोफेसर  डॉ. सुखदेव नायक होंगे। यह आयोजन पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला के संरक्षण में आयोजित  किया जा रहा है। आयोजन  समिति के संरक्षक के रूप में प्रो. शुक्ला भी उपस्थित  रहेंगे।
इस सम्मेलन में छत्तीसग़ढ़ राज्य की जनजातियाँ, वैश्विक समाज में महिलाओं की बदलती स्थिति, आदिवासी महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति, आदिवासी महिलाओं पर वैश्वीकरण का प्रभाव, आदिवासी महिलाओं के मुददे और चुनौतियाँ, बहुसांस्कृतिकवाद और आदिवासी महिलाएँ, आदिवासी महिलाओं के लिए कल्याणकारी कार्यक्रम जैसे

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