राष्ट्रव्यापी अभियान ‘आपके द्वार-पहुंचा हरिद्वार’ का विधिवत् शुभारंभ अभियान के लिए शांतिकुंज से निकली टोलियाँ, डॉ पण्ड्या व शैलदीदी ने दी विदाई गंगाजल एवं प्रेरणाप्रद युगसाहित्य घर-घर होंगे स्थापित

हरिद्वार 15 जनवरी।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज का राष्ट्रव्यापी अभियान ‘आपके द्वार-पहुँचा हरिद्वार’ का शुक्रवार को विधिवत् शुभारंभ हो गया। इस अभियान को देश भर में जन-जन तक पहुँचाने के लिए शांतिकुंज से 18 टोलियाँ रवाना हुई। रवाना होने से पूर्व अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या एवं श्रद्धेया शैलदीदी ने प्रवृज्या पर जाने वाली टोली के सभी सदस्यों का मंगल तिलक कर विदाई दी। एक टोली में पाँच सदस्य शामिल हैं। राष्ट्रव्यापी इस अभियान में देशभर के लिए निकलने वाली टोलियों को अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या, श्रद्धेया शैलदीदी एवं व्यवस्थापक श्री महेन्द्र शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
टोली को विदाई देते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि यह एक सुखद संयोग है कि हरिद्वार में महाकुंभ और शांतिकुंज का स्वर्ण जयंती वर्ष दोनों एक साथ है। कोरोना संक्रमण के कारण अनेक श्रद्धालु इस वर्ष हरिद्वार नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन श्रद्धालुओं-परिजनों तक ये टोलियाँ गंगाजली एवं प्रेरणाप्रद युग साहित्य पहुंचाने का कार्य करेगी। टोलियों के अलावा हमारे क्षेत्रीय परिजन भी इस कार्य में सहयोग करेंगे। श्रद्धेया शैलदीदी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण अनेकानेक लोग हरिद्वार नहीं आ पायेंगे। ऐसी स्थिति में गंगाजली व युग साहित्य का प्रसाद लेकर उनकी श्रद्धा भावना को पोषित करने के उद्देश्य से हमारे परिजन उनके द्वार पहुँचेंगे। भारतीय संस्कृति में श्रद्धा का महत्त्वपूर्ण स्थान है।
इससे पूर्व ‘आपके द्वार-पहुंचा हरिद्वार’ के अंतर्गत शांतिकुंज द्वारा गंगा कलश शोभायात्रा का आयोजन भगीरथी बिंदु से प्रारंभ हुई। शंख, मंजिरा घंटी आदि भारतीय प्राचीन वाद्ययंत्र एवं बैण्ड के साथ निकली यह रैली सप्त सरोवर मार्ग होते हुए शांतिकुंज पहुंची। शोभायात्रा की प्रथम पंक्ति में 24 कन्याएँ चल रहीं थी, तो वहीं द्वितीय पंक्ति में शांतिकुंज की पीतवस्त्रधारी 251 बहिनें गंगा संरक्षण एवं महाकुंभ संकल्पों के बीच सिर पर कलश और गंगाजली लेकर देशभर में गंगा और गायत्री के विचारों को पहुँचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर देसंविवि प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि यह संक्रमण काल है। इस काल में लोगों में आस्था एवं श्रद्धा को पोषित करने के उद्देश्य से ‘आपके द्वार-पहुँचा हरिद्वार’ एक महत्वाकांक्षी अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम विभाग के समन्वयक श्री श्याम बिहारी दुबे ने बताया कि उप्र, दिल्ली, गुजरात, मप्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखण्ड, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, असम, आंध्रप्रदेश सहित देशभर के सभी राज्यों में टोलियाँ पहुँचेंगी।
प्रथम चरण में दस लाख घरों तक पहुंचाने की योजना-
अभियान के समन्वयक श्री केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि ‘आपके द्वार-पहुँचा हरिद्वार’ अभियान के अंतर्गत प्रथम चरण में दस लाख घरों तक गंगाजली, वेदमाता गायत्री एवं युगसाहित्य पहुँचाया जायेगा। इसके लिए विगत कई दिनों से शांतिकुंज परिवार तैयारी में जुटा है।

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