प्रसव पूर्व जाँच कराएँ – गर्भावस्था के जोखिम से बचें प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर गर्भवती की हुई जांच

*ब्यूरो चीफ योगेश द्विवेदी कालपी (जालौन)*

कालपी (जालौन) 09 दिसंबर 2020
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन बुधवार को जिला महिला अस्पताल समेत स्वास्थ्य केन्द्रों पर किया गया। इस दौरान गर्भवती की सेहत की जांच की गई। साथ ही उन्हें गर्भवावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से भी अवगत कराया गया । उन्हें बताया गया कि नियमित जांच से न सिर्फ गर्भवती की बल्कि उसके होने वाले बच्चे की सेहत का पता चलता है। इससे गर्भावस्था के दौरान होने वाली परेशानियों को समय रहते दूर किया जा सकता है।
हर माह की नौ तारीख को सरकारी अस्पतालों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में बुधवार को जिला महिला अस्पताल में धूमधाम से इस दिवस का आयोजन किया गया। अस्पताल परिसर को झालर और गुब्बारों से सजाया गया। स्टाल लगाकर गर्भवती को सुरक्षित मातृत्व की पुस्तिका वितरित की गई। वरिष्ठ परामर्शदाता डा. सुनीता बनौधा ने बताया कि महिलाओं को खानपान का विशेष ध्यान रखना है। जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर हरा साग, छिलके वाले अनाज, दालें, सूखे मेवे, मूंगफली के दाने, गुड, चना आदि का सेवन करना चाहिए। लौहतत्व, कैल्शियम, विटामिन,प्रोटीन, वसा तत्वों वाले पदार्थों का सेवन करें। साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। नियमित रुप से अपने नाखून काटें।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. एके सिंह ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान आयरन फोलिक , एसिड की सौ गोलियां दी जाती है। गर्भावस्था के चौथे महीने से आईएफए की एक गोली रोज लेनी है।अगर किसी में खून की कमी है तो उसे रोजाना दो गोलियां लेनी है। डा.अंकिता राजपूत ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान तीसरे, पांचवे, सातवें और नौवे महीने में जांच की जाती है। इस दौरान 112 गर्भवती की एचआईवी, हीमोग्लोबिन, बीपी, शुगर, एलएफटी आदि की जांच की गई। कार्यक्रम में बाल रोग विशेषज्ञ डा. एसके पाल, लेडीज हेल्थ विजिटर (एलएचवी) आशा गोयल, सहायक नर्सिंग अधीक्षक ह्दय नारायण दीक्षित, विद्या देवी, लल्ला बेटी, ऊषा देवी, रामजानकी, कीमती कटियार , प्रियंका, वंदना, वीरु, हरिश्चंद्र आदि ने भी सहयोग किया। सभी गर्भवती को गुड, चना, फल भी वितरित किए गए।

गर्भवती की कोरोना जांच भी हुई, सभी निगेटिव
अस्पताल आने वाली सभी महिलाओं की कोरोना संबंधी जांच की गई। हालांकि कोई भी महिला पाजिटिव नहीं मिली। महिलाओं को बताया गया है कि कोरोना संक्रमण के दौर में सभी खुद को बचाव करना है। यह उनके और उनके होने वाले बच्चे दोनों के लिए बहुत जरूरी है। गर्भवती में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है।

बताई गई सावधानियां
शहर के मोहल्ला उमरारखेरा निवासी नैनसी ने बताया कि वह पहली बार अस्पताल जांच करना आई है। उसे गर्भ ठहरे हुए तीन माह बीत चुके है। अस्पताल स्टाफ ने उन्हें न सिर्फ उनकी जांच की। साथ ही गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया। अस्पताल आकर अच्छा लगा।

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