करोना के बाद मंकीपॉक्स के संक्रमण का वैश्विक खतरा। (मंकीपॉक्स जानलेवा भी हो सकता है) संजीव ठाकुर

करोना यानी कोविड-19 के संक्रमण ने भारत सहित पूरे विश्व में एक करोड़ से ज्यादा लोगों को संक्रमित किया और लाखों लोगों की जिंदगी खत्म कर दी है। इसके बावजूद अभी भी कोविड-19 के नए-नए वैरीअंट सामने आकर चीन, उत्तर कोरिया, ब्रिटेन ,अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा ,भारत, मलेशिया ,बांग्लादेश ,पाकिस्तान सहित कई देशों को वर्तमान में भी संक्रमित कर के रखा है। संपूर्ण मानव जाति इस संक्रमण से भयभीत एवं डरी हुई है। इसके पश्चात जेनेवा की न्यूज़ एजेंसी संयुक्त राष्ट्र संघ के स्वास्थ्य विभाग के हवाले बताया की मंकीपॉक्स नामक एक और खतरनाक संक्रमण लगभग 22 देशों में फैल चुका हैl जो 92 लोगों को संक्रमित कर चुका हैl इसके अलावा लगभग 100 लोगों की प्रयोगशाला में नमूने भेज कर जांच की जा रही है, पर राहत की बात यह है कि मंकीपॉक्स से अभी तक किसी की मृत्यु की सूचना नहीं आई हैl वर्तमान साक्ष्यों का हवाला देते हुए डब्ल्यूएचओ ने बताया कि यह उन लोगों के लिए सबसे अधिक जोखिम वाला है जो इस बीमारी से संक्रमित किसी व्यक्ति के शारीरिक संपर्क में आते हैंl संयुक्त राष्ट्र संघ की स्वास्थ्य केंद्रों ने आगे बताया की रिपोर्ट किए गए मामले में संक्रमित का स्थानीय क्षेत्र में यात्रा का कोई लिंक नहीं मिला है। विशेष तौर पर मंकीपॉक्स का संक्रमण मानव जाति के लिए चिंताजनक तो है ही साथ ही मानव जीवन को भी खतरा भी हैl रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के हिसाब से अभी तक आए मामलों में अभी तो नहीं लेकिन अधिकतर मामले समलैंगिक लोगों के बीच शारीरिक संबंधों के कारण बीमारी के प्रसार एवं फैलने के प्रकरण पाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मंकीपॉक्स एक दुर्लभ वायरल बीमारी है, जो सामान्य तौर पर जानवरों से लोगों में फैलती है लेकिन शारीरिक तरल पदार्थ स्वशन गुणों और अन्य दूसरी पदार्थों के माध्यम से एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकती है। इसीलिए इस संक्रमण से भी बचने के लिए भीड़ में जाने से बचना चाहिए इस संक्रमण में आने के पश्चात व्यक्ति यदि गंभीर रूप से संक्रमित होता है,तो 100 में से 10 से 20% लोगों की मौत भी हो सकती है। इसीलिए मंकीपॉक्स के संक्रमण से संयुक्त राष्ट्र संघ ने बचने की अपील जारी की है कि संक्रमण से बचने के लिए साफ सफाई की ज्यादा आवश्यकता है एवं समलैंगिकों को इससे बहुत ज्यादा खतरा होने की तरफ इशारा किया गया है।
संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट के हिसाब से ब्रिटेन में मंकीपॉक्स का सामूहिक फैलाव बहुत तेजी से हो रहा है। ब्रिटेन की न्यूज़ एजेंसी के अनुसार करोना के बाद दुनिया अब एक नई तरह की बीमारी की चपेट में बीमारी का नाम मंकीपॉक्स वायरस है जिसका कम्युनिटी मैं विस्तार हो रहा है। ब्रिटेन की हेल्थ एजेंसी के मुताबिक देश में मंकीपॉक्स बहुत तेजी से फैलना शुरू हो चुका है। ब्रिटेन की हेल्थ एजेंसी एवं यूनाइटेड किंगडम हेल्थ सर्विसेज के मुख्य चिकित्सा सलाहकार सुसान हापकिंस ने कहा कि हम ऐसे मामलों को पता लगा रहे हैं जिनका पश्चिम अफ्रीका के किसी व्यक्ति के साथ संपर्क नहीं रहा है फिर भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। ब्रिटेन में यह बीमारी खतरा इसलिए भी है क्योंकि वहां समलैंगिकता बड़े पैमाने पर व्याप्त है एवं कानूनी तौर पर उस पर बहुत ज्यादा प्रतिबंध भी नहीं है। इन परिस्थितियों में ब्रिटेन और यूरोपीय देशों में मंकीपॉक्स नामक इस संक्रमण का खतरा ज्यादा है, हालांकि करोना संक्रमण ने भी ब्रिटेन में लाखों लोगों की जान ले ली है पर कोविड-19 के सबसे ज्यादा संक्रमित व्यक्ति अमेरिका में ही पाए गए हैं। अमेरिकन एजेंसी द्वारा इस बात की पुष्टि की जा रही है कि अमेरिका में मंकीपॉक्स के मरीजों को पता लगाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। हवाई अड्डा तथा एयरपोर्ट पर मंकीपॉक्स की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा यूरोप तक अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया ,इजराइल ने विशेष अभियान चलाया जा रहा है, पर चूंकि यह संक्रमण से फैलने वाला वायरस है इसीलिए संयुक्त राष्ट्र संघ की स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा इस संक्रमण से बचने के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। भारत की स्वास्थ्य सेवाओं को भी हिंदुस्तान से बाहर जाने वाली तथा बाहर से हिंदुस्तान आने वाली एयरपोर्ट के माध्यम से हवाई सेवाओं पर विशेष नजर रखें परीक्षण किया जाना चाहिए। हालांकि भारत में समलैंगिकता बहुत न्यून है, पर संक्रमण से बचने के लिए हिंदुस्तान के निवासियों को भी विशेष सावधानी रखनी होगी। अभी वर्तमान में कोरोना संक्रमण ही भारत में मुसीबत बना हुआ है। वह पूर्णता भारत से बाहर नहीं गया है। भारत में इस तरह के संक्रमण से बचने के लिए हालांकि वैक्सीनेशन शत प्रतिशत किया जा चुका है किंतु भारत की जनसंख्या के परिपेक्ष में विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता होगी अन्यथा फिर मानव जीवन को खतरा हो सकता है।
संजीव ठाकुर, रायपुर छत्तीसगढ़, 9009 415 415,

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