सरकारी डॉक्टर मरीजों को लिखें जेनरिक दवा, ब्रांडेड दवाई लिखने पर होगी कार्यवाही

कलेक्टर ने ली समय सीमा की समीक्षा बैठक
सुकमा (IMNB). मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समय सीमा की समीक्षा बैठक कलेक्टर श्री विनीत नन्दनवार की अध्यक्षता में आहुत की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के समीक्षा के दौरान प्रदेश भर में बढ़ रहे तापमान को देखते हुए मितानिनों के पास सभी आवश्यक दवाई, ओआरएस आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ग्रामीणों को लू आदि की समस्या होने पर शीघ्र उपचार मिले। उन्होंने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार समस्त सरकारी चिकित्सकों से मरीजों को केवल जेनरिक दवाई ही लिखने के लिए कहा, ताकि मरीजों को कम कीमत पर ही गुणवत्ता दवाई आसानी से उपलब्ध हो। इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ब्रांडेड दवाई लिखने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। छिन्दगढ़ तथा कोण्टा में चिकित्सकों का चयन कर सोनोग्रॉफी करने हेतु प्रशिक्षित करने पर जोर दिया, जिससे अंदरुनी क्षेत्रों के ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय में सोनोग्राफी जांच संभव हो। 12 से 14 आयु वर्ग के कोविड टीकाकरण की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों में लाए तेजी लाने के दिए निर्देश
कलेक्टर ने जिले में प्रगतिरत सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जिला निर्माण समिति एवं लोक निर्माण विभाग को गत वर्षों में स्वीकृत अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही हैण्डओवर हो चुके स्वास्थ्य केन्द्र, आंगनबाड़ी भवन, पीडीएस दुकान का संचालन यथाशीघ्र प्रारंभ करने हेतु संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है। ग्राम सिलगेर में स्वीकृत कार्यों को द्रुत गति से समय सीमा में पूर्ण करने को कहा। जिले के अंदरुनी क्षेत्रों में संचार सुविधा के विस्तारीकरण हेतु मोबाईल टावर की स्थापना का कार्य किया जाना है, श्री नन्दनवार ने टावर लगाने हेतु संबंधित क्षेत्रों का सर्वे कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सर्व विभाग के कार्यों की साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा के दौरान कहा कि केसीसी निर्माण, किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत ई-केवॉयसी, कृषकों द्वारा बीज और उर्वरक का उठाव में तेजी लाने कृषकों को प्रोत्साहित करें। इसके साथ ही गोठानों में वर्मी खाद उत्पादन में भी तेजी लाने की बात कही। गत दिवसों में जिले में आयोजित किए गए जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित आवेदनों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश सर्व विभाग के अधिकारियों को दिए।

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