सैकड़ों ठेका मजदूरों ने निकाली न्याय अधिकार यात्रा, एडीएम को सौंपा ज्ञापन

बकाया वेतन भुगतान, पीएफ में धांधली, प्रोत्साहन राशि के रूप में अतिरिक्त वेतन भुगतान, छंटनी पर रोक आदि प्रमुख मांगों को लेकर भिलाई स्टील प्लांट के लॉन्ड्री, एजुकेशन, सेनेटरी, अटेंडेंट, गार्बेज कलेक्शन आदि विभागों से जुड़े सैकड़ों ठेका मजदूरों ने न्याय अधिकार यात्रा निकालकर दुर्ग एडीएम को ज्ञापन सौंपा और अपने मेहनत के अधिकार को दिलाने न्याय की गुहार लगाई। एडीएम ठाकुर ने मजदूरों से खुद उनकी जुबानी उनकी समस्याएं सुनी और इस पर कार्यवाही का आश्वासन दिया। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए यह न्याय यात्रा भिलाई में सेक्टर-9 से गांधी प्रतिमा तक बीएसपी प्रबंधन और ठेकेदारों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए निकाली गई।

हिंदुस्तान इस्पात ठेका श्रमिक यूनियन (सीटू) के महासचिव योगेश सोनी तथा कोषाध्यक्ष कमलेश चोपड़ा के नेतृत्व में निकली इस न्याय अधिकार यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी और कईयों की गोद मे दूधमुंहे बच्चे थे। यात्रा में ऐसी वृद्ध महिलाएं भी शामिल थीं, जो उम्र के इस पड़ाव में पहुंचने के बाद भी मजदूरी करने के लिए मजबूर हैं, लेकिन जिनकी मजदूरी का एक हिस्सा हड़पने में ठेकेदार को शर्म भी नहीं आती।

ठेका श्रमिक यूनियन (सीटू) के महासचिव योगेश सोनी ने मीडिया को बताया कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा इन ठेका मजदूरों की पूरी मजदूरी का भुगतान ठेकेदारों को किया जाता है, लेकिन मजदूरी भुगतान के समय इन ठेकेदारों द्वारा मजदूरों की हाजिरी में गड़बड़ी करके व अन्य तरीकों से मजदूरी भुगतान में घपला किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भ्रष्टाचार प्रबंधन अधिकारियों की पूरी जानकारी में होता है, जो इन भ्रष्ट ठेकेदारों से मिलीभगत किये हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन ठेकेदारों के कारनामों की जानकारी देने के बाद भी प्रबंधन कोई कार्यवाही करने के बजाए चुप्पी साधे रहता है।

सीटू नेता योगेश सोनी ने बताया कि सेक्टर 9 चिकित्सालय में कार्यरत सफाई कर्मियों के खाते में पिछले एक वर्ष से कम मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है, पीएचडी विभाग के अंतर्गत गार्बेज कलेक्शन का काम करने वाले सफाई कर्मियों को पिछले दो माह से केवल आधा वेतन दी दिया जा रहा है, शिक्षा विभाग के मजदूरों का अप्रैल-मई माह का वेतन भुगतान अभी तक नहीं किया गया है, टीएंडडी विभाग के मजदूरों के सितम्बर माह का भुगतान भी अभी तक नहीं हुआ है, जबकि उनकी पिछले 6 माह की पीएफ की राशि भी जमा नही की गई है। उन्होंने कहा कि लंबित वेतन भुगतान की यह राशि करोड़ों में बैठती है।

सीटू नेता ने आरोप लगाया कि इन ठेका मजदूरों द्वारा कोरोना वारियर्स के रूप में काम करने के बावजूद प्रोत्साहन राशि के रूप में उन्हें अतिरिक्त वेतन भुगतान करना तो दूर, अपना बकाया वेतन मांगने पर उन्हें छंटनी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नियमित कर्मियों की तरह इन ठेका श्रमिको को भी त्योहार पूर्व बोनस भुगतान करने की मांग की।,

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