पत्रकार कमल शुक्ला पर हमला पूरी प्रेस बिरादरी पर हमला जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरेगा प्रेस क्लब, हेमंत थवाईत

बस्तर अंचल के वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला के साथ भीड़  द्वारा मारपीट का एक वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में यह साफ दिख रहा है कि कमल शुक्ला को गंदी-गंदी गालियां देते हुए कई लोग बेतहाशा पीट रहे हैैं। उनके कैमरे को थोड़ा जा रहा है उनके कपड़े फाड़ दिए गए हैं।
प्रेस क्लब रायगढ़ के अध्यक्ष हेमंत थवाईत ने कमल शुक्ला पर हुए हमले की निंदा की है साथ ही कहा है कि एक वरिष्ठ पत्रकार पर इस प्रकार जानलेवा हमला करना कतई बर्दाश्त नहीं होगा। रायगढ़ प्रेस क्लब हमले की भर्त्सना करता है और जरूरत पड़ी तो रायगढ़ प्रेस क्लब सड़क पर उतर कर इस घटना का विरोध करेगा।
बकौल हेमंत, कमल शुक्ला के साथ मारपीट का जो वीडियो वायरल हुआ है उससे देखकर वास्तव में लग रहा है सूबे में पत्रकार सुरक्षा कानून तुरंत लागू करना चाहिए। कलमकार के साथ ऐसी हरकत वो भी जनप्रतिनिधियों द्वारा शर्मनाक है।
विदित हो कि बस्तर क्षेत्र के दिग्गज पत्रकार कमल शुक्ला से शनिवार को सैकड़ों लोग मारपीट करने लगे। उन्हें थाने के अंदर से लेकर थाने के बाहर तक जमकर पीटा। पूरी भीड़ तमाशा देखती रही और कमल शुक्ला को बचाने कोई नहीं आया।
कमल, बस्तर क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकारों में से एक है और उनकी लेखनी लगातार बस्तर अंचल के समसामयिक मुद्दे और बस्तर चिंतन को लेकर ही लिखती रही है। हाल में उनकी लेखनी के रडार में पुलिस महकमा भी आया था जिससे उनके खिलाफ एक कैंपेन चलाया गया।
उन्होंने नगर कांग्रेस की कड़ी समीक्षा की थी जिसको लेकर वह कांग्रेस के नेताओं की नज़रों में चढ़े थे। आज इन सभी को एक साथ मौका तब मिल गया जब एक पत्रकार साथी के कहने पर कमल शुक्ला थाने पहुंचे। उन्हें जानकारी मिली थी कि एक पत्रकार साथी को थाने बुलाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। कमल अन्य पत्रकार साथियों के साथ वहां पहुंच गए। कमल को मौके पर देखकर पुलिस और कांग्रेसी भड़क गए और उन्होंने अपनी पुरानी भड़ास उन पर निकाल दी। कुछ पत्रकार साथी बताते हैं कि थाने के अंदर में ही कुछ नेताओं ने कमल पर बंदूकें तान दी थी और वहीं पीटने लगे। कमल के नजदीकी लोगों ने आरोप लगाया है कि कमल लगातार पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगा रहे थे लेकिन पुलिस सारा माजरा चुपचाप देख रही थी।
थाने के बाहर कमल शुक्ला को भीड़ द्वारा पीटे जाने का वीडियो वायरल हो गया है जिसे देख कर लोगों में आक्रोश है। सोशल मीडिया पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के समर्थन में लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही है और साथ ही साथ उन मारपीट करने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग भी की जा रही है।

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