आपदा को अवसर में बदलने वाले है तो आपदा में सेवा करने वालो से भी समाज भरा पड़ा है,कोरोना से स्वस्थ्य हुए मरीज ने कोविड केयर सेंटर को दान में दिए 10 वेपराइजर मशीन


बेमेतरा, 29 अप्रैल 2021। जिले में हाल के दिनों में कोरोना  से ठीक होने वाले लोगों की संख्या  बढ़ी है। साफ है, अगर सतर्कता बरतें, नियमों का पालन करें और सही समय पर सही इलाज मिले तो यह चुनौती इतनी कठिन नहीं रह जाएगी।
कोविड केयर सेंटर से 7 दिनों में कोरोना को हराकर डिस्चार्ज हुए 55 वर्षीय जितेंद्र साहू अब पूरी तरह स्वस्थ्य है। कोरोना वॉरियर जितेंद्र साहू सिंघौरी के  पुत्र निखिल साहू जो कंट्रक्शन का व्यवसायी ने पिता के कोरोना संक्रमण से ठीक होने पर अस्पताल को 10 वेपराइजर मशीन दान  किए  है। इस मौके पर आज सिविल सर्जन वंदना भेले, देवजानी शिवारे मेट्रनर, अस्पताल सलाहकार आरती दत्ता को कोविड केयर मरीजों को भाप लेने के लिए वेपराइजर मशीन दान कर महामारी से निपटने के योगदान दिया।
कोरोना वॉरियर बने जितेंद्र ने बताया 10 अप्रैल को अचानक तबीयत ठीक नहीं लगने बुखार की शिकायत आने पर उन्होंने टेस्ट कराया तो एंटीजन में रिपोर्ट पॉजिटिव आई|  चिकित्सकों की सलाह से 7 दिनों तक होम आईसोलेशन में रहकर दवाईयां ली लेकिन अचानक 18 अप्रैल को सांस लेने में तकलीफ के साथ ऑक्सीजन लेवल में गिरावट आने लगी।  परिजनों ने देर न करते हुए तुरंत जिला अस्पताल के मातृ शिशु अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया। कोविड केयर सेंटर में चिकित्सकों ने ऑक्सीजन स्पोर्ट देते हुए आईसीयू वार्ड में मरीज का इलाज शुरु किया। लगातार 7 दिनों की इलाज व स्टॉफ के सहयोग से जितेंद्र साहू ने कोरोना मात देकर घर लौट आया।
वर्तमान जिला प्रशासन द्वारा एमसीएच बिल्डिंग को कोविड केयर सेंटर में 200 बेड अस्पताल संचालित की जा रही है। यहां 100 बिस्तर ऑक्सीजन बेड, 80 जनरल बेड, 10 एचडीयू बेड व 10 आईसीयू बेड की व्यवस्था कोविड मरीजों के लिए जिला स्तर पर की जा रही हैजिसमें कोरोना पॉजिटिव मरीजों का देखभाल वह इलाज किया जाता है। यहां पर ऑक्सीजन युक्त बिस्तर के साथ आईसीयू व कोरोनाके मरीज का इलाज संबंधित संपूर्ण सुविधा उपलब्ध है। यहां डॉक्टर एवं स्टाफ 24 घंटा अपनी ड्यूटी में खरा उतरे हैं। यहां भर्ती होने वाले मरीज पूर्ण रूप स्वस्थ होकर अपने घर  जा रहे हैं।
डॉ दिपक मिरे का कहना है सीएमएचओ डॉ एसके शर्मा के मार्गदर्शन में कोविड टेस्ट से लेकर इलाज कराने के लिए मरीजों की प्रबंधन में बेहतर कार्य किया जा रहा है। डॉ मिरे का कहना है , अस्पताल आने में देरी करने वाले मरीजों को ठीक होने में 7 दिन से ज्यादा समय लग जाता है। इस लिए कोरोना मरीजों को सरकारी अस्पताल में दी जा रही निशुल्क इलाज की सुविधाओं का लाभ उठाना चाहिए।कोविड केयर केंद्र में आने को लेकर किसी तरह की भी देरी मरीज के जीवन में संकट डाल सकता है। उन्होंने बताया जिले से औसत 350 से 400 होम आईसोलेशन व अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहे हैं जबकि पॉजिटिव मरीजों की संख्या में गिरावट आने से 300 से कम मरीज कोरोना संक्रमण प्रति दिन हो रहे हैं। यानी कि बेहतर इलाज व मरीजों के सकारात्मक सोच की वजह से पूर्णतः ठीक होकर घर को जा रहे है।
जितेंद्र साहू का कहना है यहां के डॉक्टर स्टाफ बहुत अच्छे से देखभाल कर रहे हैं। साथ ही यहां समय-समय पर नाश्ता व भोजन की व्यवस्था बहुत अच्छी है।उन्हें आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया था । 24 अप्रैल तक लगातार इलाज चला और  पूर्णता स्वस्थ होने के उपरांत छुट्टी दी गई। यहां देखभाल बहुत अच्छे से की गई|  साथ ही डॉक्टरों द्वारा इलाज व व्यवस्था प्रबंध बहुत अच्छे से हुआ।जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के प्रबंधन व मरीजों के प्रति सकारात्मक व्यवहार से खुश होकर अन्य मरीजों के लिए गर्म भाप लेने वेपराइजर मशीन उपलब्ध कराने के निवेदन को अस्पताल प्रबंधन ने स्वीकार किया है।

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