ज्योतिष विज्ञान की माने तो 4 मई से जुलाई तक मिलना शुरू हो जाएगा राहत,पढ़िए ज्योतिषाचार्य स्वामी राजेश्वरानंद की शुक्र ,बुध,ब्रहस्पति, शनि की गणना

आगामी समय मे महामारी कोरोना का प्रभाव कम होगा*
स्वामी राजेश्वरानंद जी श्री सुरेश्वर महादेव पीठ संस्थापक
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✍🏻शुक्र २२ अप्रैल को अपने भरणी नक्षत्र में उदित हो गए हैं, बुध के साथ शुक्र ग्रह ४ मई के आसपास वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। वहां राहु पहले से विराजमान हैं। स्वग्रही शुक्र ग्रह का होना और बुध का साथ मिलने से उसमें कुछ शुभता आएगी। वृहस्पति शनि से पहले ही अलग हो चुके है, इन सबका प्रभाव यह होगा कि भारत वर्तमान संकट का सामना दृढ़ता से कर सकेगा। और इस महामारी का प्रभाव भी कम होगा। वृष चूंकि स्थिर राशि है, इसलिए शासकों के व्यवहार/निर्णयों में स्थिरता दिखेगी। रोगों का शमन होगा। मोदीजी की जन्मकुंडली के अनुसार वृषभ सप्तम भाव की राशि है, सप्तम भाव में सप्तमेश के साथ अष्टमेश और राहु की युति से शत्रुओं की प्रबलता बढ़ेगी। दुष्प्रचार के बल पर वितंडा फैलाने के प्रयास होंगे। किंतु छठे भाव में राज्येश सूर्य की स्थिति शत्रुओं के सारे षड़यंत्रों को जलाकर नष्ट करने वाली होगी। छठे भाव से रोग और ऋण का विचार होता है। षष्ठेश मंगल अष्टम मिथुन में रहकर ऋण भार बढ़ा रहा है किंतु षठे का सूर्य रोगों का शमन/उपचार जैसी स्थितियों का योग भी बना रहा है स्वामी राजेश्वरानंद जी के अनुसार मंगल ग्रह २० जुलाई में जब सिंह राशि में होगा तब यही मंगल ऋणात्मक स्थिति को धनात्मक स्थिति में ला देगा। अर्थव्यवस्था चल पड़ेगी। देश का मान सम्मान बढ़ेगा, लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। स्वामी राजेश्वरानंद जी के अनुसार प्रतिदिन जोकि वह खुद कर रहे हैं प्रतिदिन श्री गणेश अंबिका नवाग्रह कलश देवता एवं षोडश मातृका द्वादश लिंग तो भद्र मंडल के सभी देवी देवताओं के साथ महामृत्युंजय एवं बगलामुखी का हवन प्रतिदिन करना श्रेष्ठ कार्य रहेगा एवं प्रतिदिन प्रातः कालीन एवं संध्याकालीन स्नान अवश्य करें संत महासभा की तरफ से हम सभी आचार्य संत पुजारी मंदिर के सभी से निवेदन करते हैं की सभी धार्मिक कार्य आप स्वयं बैठकर के करें भीड़ ना करें सभी को जागरूक करें साथ ही शासन से निवेदन करते हैं के सभी धार्मिक स्थलों में जो बंद पड़े हैं लॉकडाउन के कारण उनके पुजारियों को मानदेय देने की कृपा करें

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