Sunday, July 21

थोक सब्जी बाजार के सामने अवैध पार्किंग से, आमजन को खतरा, सौ मीटर पर खड़ी पुलिस की आंखें बंद, वरिष्ठ पत्रकार जवाहर नागदेव की खरी… खरी…

 

रायपुर आम आदमी का जीवन सरल और सुरक्षित बनाने के लिये सरकार ने थोक दुकानो को शहर के आउटर मंे ले जाने का प्रयास काफी सराहनीय है। बेहद मशक्कत और हर तरह की कड़ाई के बाद रायपुर के मुख्य थोक बाजार शहर से बाहर कर दिये गये।

मशक्कत इसलिये करनी पड़ी कि व्यापारी इस बात से आशकित थे कि जमी-जमाई जगह से दुकान शहर के बाहर शिफ्ट करने से दुकान चलेगी कि नहीं, वहां खरीददार आएंगे या नहीं। बहरहाल… थोक किराना, थोक सब्जी बाजार, थोक दवा बाजार, थोक जूता, चप्पल, बर्तन मार्केट जयस्तंभ चैक से लगभग 11 किलोमीटर और पचपड़ी चैक से लगभग 6 किलोमीटर दूर धमतरी मेन रोड या थोड़ा आसपास मौजूद हैं।

व्यावसायिक के साथ
आवासीय प्रोजेक्ट भी

बीस साल पहले जब इस योजना को कार्यान्वित किया जा रहा था तब ये सोच सही थी कि ये एरिया शहर से बाहर है। फिर अफसरांे ने अपनी लापरवाही और असंवेदनशीलता के चलते आसपास कई आवासीय प्रोजेक्ट्स को अनुमति दे दी। इतना ही नहीं हाउसिंग बोर्ड ने हिमालयन हाईट्स नाम से अपने दो बड़े प्रोजेक्ट लाउंच कर दिये।

नतीजा ये हुआ कि आवासीय भवनों में रहने वालों को हमेशा थोक मार्केट में आने-जाने वाले भारी-भरकम वाहनों से जान का खतरा बना रहता है। ऐसा नहीं है कि इस बात का अहसास प्रशासन को नहीं है, कई बार इसकी शिकायतें भी की गयी हैं लेकिन जनता की सुरक्षा के लिये कभी कोई कार्यवाही होती नहीं दिखती।

सब्जी मार्केट में खड़ी
बेतरतीब सैकड़ों ट्रकें

जयस्तंभ चैक से लगभग 8 किलोमीटर स्थित कमल विहार गेट पर स्थित चौक से मुख्य धमतरी रोड को क्राॅस करते हुए एक सड़क थोक सब्जी मार्केट, जैन पब्लिक स्कूल, हाउसिंग बोर्ड के आवासीय प्रोजेक्ट हिमालयन हाईट्स और कुछ अन्य आवासीय प्रोजेक्ट्स होते हुए अटलपथ (एक्सप्रेस वे) से जोड़ती है।
इस सड़क पर हाउसिंग बोर्ड के व अन्य प्राईवेट बिल्डर्स के कई बड़े आवासीय प्रोजेक्ट स्थित हैं और हजारों की संख्या में यहां के रहवासी इस सड़क से आना-जाना करते हैं।

थोक सब्जी बाजार के ठीक सामने सैकड़ों की संख्या में छोटी-बड़ी गाड़ियां सब्जियां लेकर आती हैं और फिर वापस अनलोड होते तक तथा वापसी के लिये माल मिलते तक यहां पर प्रतीक्षा करती हैं। ये वाहन अटलपथ से कमल विहार चैक तक आने वाली वनवे रोड पर थोक सब्जी बाजार के सामने दोनों तरफ खड़े रहते हैं।

इनकी तरफ देखने वाला कोई नहीं है। सिर्फ इतना ही नहीं। थोक मार्केट के बाहर सामने ही यहां के व्यापारियों की बहुत सी कारें अवैध रूप् से खड़े रहकर रोड को घेरती हंै।
यहां अच्छी आवाजाही को देखते हुए कई आॅटो वाले अवैध रूप् से खड़े रहते हैं साथ ही चाय, पान की कई गुमटियां भी स्थायी रूप् से यहां लगा दी गयी हैं। बाजार के ठीक सामने कमल विहार चैक तक व्यावसायिक वाहन सड़क के दोनों ओर खड़े होने से सड़क आधी हो जाती है।

इसके अलावा मार्केट के अंदर आने-जाने वाली गाड़ियां किसी भी नियम का पालन न करने के कारण दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। प्रायः इन गाड़ियों को चालक भी अशिक्षित और कम अनुभवी होते हैं। जैन पब्लिक स्कूल जाने वाले बच्चों के लिये भी ये खतरा हैं।
कई बार इन व्यावसायिक वाहनों को इनके क्लीनर भी अंदर-बाहर करते देखे गये हैं।

यहां पर राॅंग साईड चलना एकदम सहज है। किसी को इसमें कोई गलती नजर नही आती।

प्रशासन की अनदेखी से
दुर्घटना घट सकती है

*दुख की बात है कि कमल विहार चैक पर हर आए दिन पुलिस की गाड़ी खड़ी कर पुलिस चेकिंग करती दिख जाती है। ये टुव्हीलर्स को चेक करती और जुर्माना करती है।* लेकिन मात्र दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित अवैध ढंग से खड़ी ट्रकें इन्हें नजर नहीं आतीं।
जबकि दोनों ओर के भारी वाहनों के कारण स्कूल और आॅफिस जाने के समय पर अक्सर जाम लगा रहता है। *सड़क सुरक्षा के नियम पालन कराने की जवाबदारी पुलिस की है। समय-समय पर गोष्ठियों और बैठकों के माध्यम से सरकार वाहन चालकों को नियम-कायदों की जानकारी देती है, लेकिन वे इसका पालन करते हैं या नहीं इस ओर कोई ध्यान नहीं देता।*
अक्सर चाय से लेकर मार्केट तक लगे वाहनों का जमावड़ा देखकर भी पुलिस अनदेखा क्यों करती है आश्चर्य का विषय है।
इस संबंध मे थोक सब्जी बाजार के अध्यक्ष श्रीनिवास रेड्डी से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर उन्होंने फोन नहीं उठाया।

 

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