IMNB EXCLUSIVE काट दिए गए सैकडों हरे भरे वृक्ष, भूपेश सरकार के अफसरों को नहीं लगी भनक,

किशोर कर ब्यूरो चीफ महासमुंद

 

मीडिया को जानकारी देने से बच रहे हैं अफसर

सरायपाली अनुभाग क्षेत्र का मामला 

– सरकार की ओर से एक तरफ करोड़ों रुपए खर्च कर सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम कराया जा रहा है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर वनांचल क्षेत्र में सैकड़ों हरेभरे वृक्षों के कट जाने के बाद भी कटाई रोकने के लिए किसी भी विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे वनों के संरक्षण संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे तमाम उपायों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ऐसा वाक्या महासमुंद जिला अंतर्गत सरायपाली अनुभाग और वन परिक्षेत्र के चिवराकुटा डोंगररक्शा के बीच माकरमुत्ता जंगल में सामने आया है जहां सैकड़ों हरे भरे वृक्षों को काटकर सफाया कर दिया गया है।
वृक्षों की कटाई का मामला सामने आने के बाद महासमुंद जिले के सरायपाली अनुभाग और वन परिक्षेत्र के ग्राम चिवराकुटा और डोंगररक्शा के बीच जंगल में जाकर जब मौका मुआयना किया गया तब जो बात निकल कर आई है वह और भी काफी चौंकाने वाला है दरअसल जिस जगह पर हरे-भरे वृक्षों को काटा गया है वह राजस्व विभाग की जमीन बताया जा रहा है लिहाजा वन विभाग उस जगह पर वृक्षों की कटाई रोकने से अपने हाथ खड़े कर दिए हैं वहीं राजस्व विभाग अब तक कोई ठोस कार्यवाही वृक्ष कटाई करने वाले व्यक्ति पर नहीं कर सका है। बताया जाता है कि जिस जगह पर वृक्षों की कटाई की गई है वहां ग्राम केदुआं के हेतराम पटेल की जमीन बताई गई है। हालांकि वृक्ष की कटाई के इस मामले में अभी तक कोई भी कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे है । हम आपको बता दें कि शासन की ओर से करोड़ों रुपए खर्च कर पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण का कार्यक्रम हर साल आयोजित किया जाता है और वृक्षों को काटने वालों को दंडित भी किया जाता है लेकिन बेरहमी पूर्ण ढंग से सैकड़ों हरे-भरे वृक्षों को काट दिए जाने के बाद भी मामले में किसी तरह का कोई भनक न लग पाना और संबंधित विभाग को इसकी जानकारी तक ना हो पाना बहुत बड़ा सवाल खड़ा करता है ऐसे में वनों की सुरक्षा जिनके भरोसे है वह किस तरह से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं इसे भी आसानी से समझा जा सकता है। करीब 20 से 25 एकड़ के भूभाग पर सैकड़ों वृक्षों की कटने के बाद भी न तो इस मामले को राजस्व विभाग ने संज्ञान में लिया है और ना ही वन विभाग की ओर से कोई कार्यवाही की गई है जो अपने आप में काफी अहम सवाल खड़ा करता है । कटाई वाले स्थल पर आज भी हरे भरे काटे गए वृक्ष पड़े हुए हैं । सैकडों की संख्या में वृक्षों के काटे जाने के बाद पर्यावरण संतुलन बिगडने का खतरा मंडरा रहा है। मामले को लेकर वन विभाग के डिप्टी रेंजर संतोष पैकरा से जब चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आया है लेकिन राजस्व भूमि में कटाई होने की वजह से उच्चाधिकारियों के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वही सरायपाली वन परिक्षेत्र के रेंजर किशोरी साहू से भी चर्चा का प्रयास किया गया किंतु उनसे संपर्क नहीं हो पाया। जबकि वनमंडलाधिकारी महासमुंद मयंक पांडेय ने दूरभाष पर बताया कि राजस्व भूमि पर हम कार्रवाई नहीं कर सकते . परिवहन करते पाए जाने पर मामला दर्ज किया जाएगा।

 

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