आईपीएस जीपी सिंग के घर छापा लिक, सरकार स्वयं कटघरे में खड़ी

जीपी के घर छाप सरकार स्वयं कटघरे में खड़ी पिछली सरकार में ही विवादों में घिरे IPS जीपी सिंग को आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो का चीफ बनाया गया। जिस ADG मुकेश गुप्ता की जांच पड़ताल के लिए जीपी सिंग को जिम्मेदारी सौपी गई थी उसके करीबी अफसर होने की जानकारी महकमे में सभी को थी। सिर्फ जानकारी में नही थी तो भूपेश सरकार के ऐसा सोच लेना भी उचित नही होगा। बहरहाल IPS जीपी सिंग की गतिविधि बस्तर बिलासपुर सहित दुर्ग कवर्धा में भी पिछले सरकार के करीबी बनकर कार्य करने का रहा है। जमीनों के विवाद में उनका नाम भी उछला था। तत्कालीन गृह मंत्री राम सेवक पैकरा से अनबन ओर सीधे सीएम हाउस की सुनने का आरोप पिछले सरकार में भी लगता रहा है। कांग्रेस से भाजपा में आए एक अल्पसंख्यक छात्र नेता ने तो पत्रकारवार्ता लेकर सीधे जमीन के मामले में फ़बाव डालने का आरोप लगाया था। जानकारों की माने तो 26 महीने की सरकार को आते ही कारवाही कर देना था।लेकिन सरकार ने आईजी जीपी सिंग को जिम्मेदार पद पर बिठा दिया। पिछली सरकार के खिलाफ चल रही भृष्टचार कि जांच कछुए से चींटी की चाल में आकर फाइलों में गुम हो गई। अब छापा लीक हो जाने से ही सरकार अनुमान लगा सकती है कि जीपी सिंग के तार उनके पार्टी और सिस्टम में किस कदर कनेक्शन रखते है।
पुलिस अफसर जीपी सिंह के घर एसीबी व ईओडब्ल्यू के संयुक्त छापामार कार्रवाई के बीच बताया गया कि उनके सरकारी बंगले ये सीसीटीवी का डीवीआर गायब है। इस वजह से टीम को ये पता नहीं चल पा रहा है कि आखिर कौन लोग यहां आ रहे थे और बंगले क्या कुछ सामान बाहर भेजा गया है। इसका क्या यह मतलब निकाला जा सकता है कि छापे की जानकारी लीक हो गई थी? शनिवार की दोपहर तक टीम वहीं जमी हुई है। सूत्रों के मुताबिक कई ऐसे अहम दस्तावेज मिले हैं जिनकी पड़ताल घर पर ही की जा रही है। जीपी सिंह अपने घर में बंद हैं। वो फोन पर कुछ लोगों से बीच-बीच में बात कर रहे हैं। कुछ कागजों में अफसर और नेताओं के नाम भी मिले हैं। इनसे जुड़ी पूछताछ की जा रही है। अब यह भी चर्चा हो रही है कि जीपी सिंह की गिरफ्तारी कब होगी और कब होंगे सस्पेंड..?
जांच टीम के अफसरों को यहां से एक डायरी मिली है। इस डायरी में कोर्ड वर्ड में कुछ अफसरों के बारे में बातें लिखी हैं। कुछ जादू-टोने की बातें भी पुलिस महकमे के ही बड़े अधिकारियों के बारे में है। जीपी सिंह के विदेशी बैंकों में कई खातों की जानकारी मिली है। उन खातों की लिस्टिंग, पैसा कहां से आया किसने दिया इन पहलुओं की जांच टीम कर रही है। शुक्रवार शाम तक की स्थिति में ओडिशा में संपत्ति, कंस्ट्रक्शन के काम में इस्तेमाल होने वाले आधा दर्जन वाहन, कई बैंक अकाउंट्स, 75 से अधिक बीमा पॉलिसी के सबूत मिले। ये सब जीपी सिंह उनकी धर्मपत्नी और उनके पुत्र के नाम पर हैं।टीम ने जीपी सिंह पर धारा 13(1)बी, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम यथा संशोधित 2018 के तहत केस पंजीबद्ध किया गया। जमीन और दूसरे निवेश के दस्तावेजों की जांच के बाद जीपी सिंह की गिरफ्तारी हो सकती है। अब गिरफ्तारी होती है तो स्वाभाविक हैं सस्पेंड भी हो सकते हैं,वैसे जानकारी मिल रही है कि कभी भी उनका सस्पेंड आदेश निकल सकता है।

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