केन्द्र की मोदी सरकार और राज्य की भूपेश सरकार कोरोना से निपटने में असहाय सिद्ध हुए ,इकबाल अहमद रिजवी

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि देश एवं प्रदेशों में बड़ी संख्या में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से निर्वाचन आयोग एवं केन्द्र सरकार की आंखे खुल जाना चाहिए। इस तरह की कुंभकर्णी नींद से देश के हालात बिगड़ रहे हैं तथा देश में आजकल कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या चालीस हजार के पार पहुंच चुकी है।

इस संक्रमण को रोक पाना केन्द्र एवं प्रदेश सरकारों के बस की बात दिखलाई नहीं दे रही है। संक्रमण को रोकने सभी को एक मंच पर आकर तत्काल सकारात्मक पहल करते हुए इस गंभीर समस्या से निजात पाने का उपाय तलाशने हेतु गंभीर मंथन की महती आवश्यकता महसूस की जा रही है। कड़े नियम एवं कठोर कार्यवाही आज वक्त का तकाजा बन चुकी है।

          रिजवी ने इस गंभीर संक्रमण की स्थिति को देखते हुए कहा है कि आसन्न पांचों राज्यों के चुनाव स्थगित किए जाना चाहिए वरना चुनाव प्रचार की बड़ी-बड़ी सभाऐं कोरोना को विकराल रूप तक पहुंचाकर भी थमने वाली नहीं है। इन आसन्न चुनावों को छः महिने तक के लिए स्थगित करने का निर्णय केन्द्रीय निर्वाचन आयोग को तत्काल लेना उचित होगा। सभी दलों की आमसभाओं में लाखों की संख्या में जनमानस की उपस्थिति खतरनाक है और कोरोना संक्रमण का प्रजनन केन्द्र बनती जा रही है। देश में हो रहे भारी भीड़ के जमावड़ों में न तो मास्क और न ही सामाजिक दूरी नजर आ रही है। शासन व प्रशासन एहतियात बरतने में असहाय सिद्ध हो चुके है। किसी भी दल या राजनेताओं ने इस भयावह संक्रमण काल में आसन्न चुनाव न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष पहल नहीं की जो अमानवीय अदूरदर्शिता का परिचायक है।

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