धान खरीदी में अनियमितता मंत्री अमरजीत के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर। विधानसभा में बुधवार को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितता का मामला ध्यानाकर्षण के जरिये भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने उठाया। अग्रवाल ने कहा कि किसान परेशान हुए हैं, बहुत किसान धान बेच नहीं पाए हैं। किसान खुदकुशी को भी उन्होने जोड़ा। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट भी कर दिया।
खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने इस सवाल के जवाब में कहा कि इस साल शनिवार और रविवार होने की वजह से 2 दिन पहले ही धान खरीदी की समय सीमा खत्म हुई है। पहले की भी सरकार में शनिवार, रविवार और शासकीय अवकाश के दिन धान खरीदी नहीं होती थी। ये सही नहीं है कि प्रदेश अब किसानों के हित का ध्यान नहीं दिया गया है।
उन्होंने कहा कि 21 लाख 52 हजार पंजीकृत किसानों में से 20 लाख 53 हजार किसानों से धान खरीदी हुई। ये भी सही नहीं है कि गिरदावरी की वजह से परेशान होकर किसान ने खुदकुशी किया। बृजमोहन अग्रवाल ने पूछा- छत्तीसगढ़ में कुल कितने किसानों ने धान बोया था इसकी जानकारी चाहिए। खाद्य मंत्री ने कहा- हालांकि ये मामला कृषि विभाग का है लेकिन करीब 35 लाख हेक्टेयर में खेती होती है, हमारे पास धान के रकबे और खरीदी की जानकारी है।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा-  क्या जीतने किसान धान की खेती करते हैं सबको राजीव गांधी किसान न्याय योजना का लाभ सरकार देगी ? खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- धान बेचना और न बेचना स्वैक्षिक है, राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि के संबंध में जानकारी कृषि विभाग देगा। विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने गिरदावरी संबंधित जानकारी मांगी। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- इसकी जानकारी राजस्व विभाग से मिलेगी। इसके बाद मंत्री के जवाब से असंतुष्ट बीजेपी विधायकों ने किया सदन से वाकआउट किया।

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