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जशपुरनगर : सिंगल सुपर फॉस्फेट एवं एनपीके डीएपी से बेहतर विकल्प

जशपुरनगर 26 जून 2024/भारत अपनी कृषि जरूरतों की ज्यादातर आपूर्ति आयात पर निर्भर करती है। उर्वरक मंत्रालय के रिपोर्ट अनुसार भारत 50 फीसदी फॉस्फेटिक उर्वरक का उत्पादन करता है। शेष माल विदेशों से आता है। पोटाश, फास्फोरस और नाइट्रोजन तीनो विदेशों से आते है। विदेशों से डीएपी तैयार और रॉ मटेरियल दोनो रूप में मंगाई जाती है। जबकि भारत 80 फीसदी नाईट्रोजन (यूरिया) का उत्पादन करता है बाकि विदेश से आता है। जैसे ही खेती का सीजन आता है किसानों के बीच डीएपी की मांग बढ़ जाती है। चूंकि यह खाद विदेश से आता है। इसलिए इसकी आपूर्ति में समस्या उत्पन्न होती है। वहीं खेती के लिए लगभग 17 प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। जिसमें मुख्य पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश होता है। द्वितीयक पोषक तत्व सल्फर, मैग्नीशियम और कैल्शियम होता है तथा तृतीयक पोषक तत्व जिंक, आयरन और बोरान आदि होता है। डीएपी कि कमी के निदान हेतु कृषि विभाग और विशेषज्ञो ने सिंगल सुपर फॉस्फेट और एनपीके को डीएपी का बेहतर विकल्प माना है। तकनीकी तौर पर डीएपी, एनपीके और एसएसपी तीनो खादो की तुलना किया जा सकता है। डीएपी (18ः46) में नाईट्रोजन 18 प्रतिशत एवं  फॉस्फोरस 46 प्रतिशत मिश्रित रसायन होते है। इस खाद की प्रति एकड़ में 1 बोरा मात्रा की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार एनपीके 12ः32ः16 में नाईट्रोजन 12 प्रतिशत, फॉस्फोरस 32 प्रतिशत, पोटाश 16 प्रतिशत मिश्रित रसायन होते है। इस खाद की प्रति एकड़ में 1.5 बोरा मात्रा की आवश्यकता होती है। एसएसपी 16ः11ः8 में फॉस्फोरस 16 प्रतिशत, सल्फर 11 प्रतिशत,  कैल्शियम 8 प्रतिशत मिश्रित रसायन होते है। इस खाद की प्रति एकड़ में 3 बोरा मात्रा की आवश्यकता होती है।
डीएपी का आयात चीन, साउदी अरब, मोरक्को, रूस, बांगलादेश, इंडोनेशिया, थाईलैंड से किया जाता है। वर्तमान में डीएपी के लिए भारत रूस का सबसे बड़ा आयातक देश है। जिस पर निर्भर होने के कारण डीएपी खाद समय पर किसानो को नही मिल पाता है। विकल्प के रूप में एनपीके और एसएसपी खाद के उपयोग किये जाने हेतु पर्याप्त प्रचार-प्रसार करते हुए किसानों को डीएपी की निर्भरता के स्थान पर एनपीके और एसएसपी खाद उपयोग किये जाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
खाद की कीमतों में एक नजर
           डीएपी खाद 1350.00 रूपये प्रति बोरा है। जबकि एसएसपी पावडर 470.00 रूपये प्रति बोरा, एसएसपी जिंकटेड 490.00 रूपये प्रति बोरा, एसएसपी दानेदार 510.00 रूपये प्रति बोरा, एनपीके (12ः32ः16) 1470.00 रूपये प्रति बोरा, एनपीके (20ः20ः0ः13) 1199.00 रूपये प्रति बोरा, पोटाश 1625.00 रूपये प्रति बोरा एवं यूरिया 266.50 रूपये प्रति बोरा है। इन सीजन के लिए समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण कर लिया गया है। खेती के लिए खाद की समस्या न हो इसलिए किसानों को डीएपी खाद के साथ-साथ एनपीके एवं एसएसपी खाद का उठाव करने की अपील की गई है वहीं डीएपी खाद की पर्याप्त प्राप्ति के लिए विभाग प्रयासरत है। उक्त स्रोत उर्वरक मत्रालय रिपोर्ट के आधार पर प्राप्त की गई है जिसकी सत्यता की सुनिश्चिता के लिए गूगल व यू-टयूब सर्च किया जा सकता है।

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