यीशु मृत्युंजय हुए, दुनिया को अनंत जीवन का तोहफा दे गए O ईस्टर पर प्रदेश में आस्था की नई किरण के साथ उमंग,


रायपुर। प्रभु यीशु मसीह आज मृत्युंजय हो गए। वे शुक्रवार को सूली पर बलिदान हुए थे। मृत्यु पर जय पाकर उन्होंने दुनिया को अनंत जीवन और उद्धार का तोहफा दिया। रविवार को राज्य में ईस्टर आस्था की नई किरण और उमंग के साथ मनाया गया। बच्चों का नामकरण संस्कार भी हुआ।
राजधानी में सेंट पॉल कैथेड्रल और सेंट जोसेफ महागिरजघर से पुनरुत्थान पर्व की आराधना प्रदेश में सभी मसीहियोंं को ऑनलाइन प्रसारित की गई। इसमें लाखों भक्त जन शरीक हुए। हालांकि कब्रास्थानों में भी कोरोना की वजह से तले लटके रहे। कोई भी अपने पुरखों की समाधि पर कैंडल एवम फूलों से श्रद्धांजलि अर्पित नहीं कर सका। सेंट जोसेफ महागिरजघर में आर्च बिशप विक्टर हेनरी ठाकुर ने ईस्टर पर प्रवचन दिया। विकार जनरल फादर सेबेस्टियन पी. और मुख्य पुरोहित फादर जॉस फिलिप, फादर संजीत, फादर प्रमोद और फादर फेलिक्स ने जागरण के पवित्र संस्कार संपन्न किए। सेंट पॉल कैथेड्रल में बिशप रॉबर्ट अली ने अपने उपदेश में मसीहियो के समक्ष चुनौती रखी कि क्या उनका पुनरुत्थान हुआ है। या वे परिपाटी ही निभा रहे है? बिशप ने पुनरुत्थान की व्याख्या की कि आज आप पुनरुत्थान का आनंद तो लें, लेकिन जीवन मसीह को समर्पित करें ताकि अनंत जीवन के भागी हों। यीशु का मृत्युंजय होना काल्पनिक नहीं। यह ऐतिहासिक सच्चाई है। खाली कब्र यीशु के जी उठने का संदेश दे रही है कि प्रभु सचमुच जी उठे हैं। सारा संसार इस पर विश्वास करता है। इसलिए उत्साह से ईस्टर माना रहा है। आज जय ने मृत्यु को निगल लिया है। ज्योति ने अंधकार की समर्थ खत्म कर दी है। जो यीशु पर विश्वास करते हैनुंके लिए मृत्यु मार चुकी है। पुनरुत्थान की घटना को दबाने का प्रयास किया गया पर यह विफल हो गया। पुण्य शुक्रवार को क्रूस की मृत्यु के बाद शाम तक प्रभु की दफन क्रिया हो चुकी थी। यहां उनकी सांसारिक यात्रा जो परमेश्वर की योजना से प्रारंभ हुई थी खत्म हो गई। मृत्युंजय से दूसरी यात्रा जो अनंत जीवन की यात्रा है शुरू हो गई। इस सफर का अंत नहीं है। यह सारे विश्व में एक कोने से दूसरे कोने में चल रही है। यीशु का पुनरुत्थान मानव जीवन के लिए नया संदेश है। इसमें कभी रात नहीं होगी। इसमें ऐसी शक्ति और विधा है जिसे कोई दबा और छीन नहीं सकता। यह किसी भी दौलत से खरीदी नहीं जा सकती। इसे जितना खर्च करेंगे बढ़ती जाती है। ये अद्भुत सुसमाचार है। छत्तीसगढ़ डायोसीस के प्रवक्ता जॉन राजेश पॉल ने बताया कि
आराधना का आह्वान पादरी अजय मार्टिन ने किया। अनुग्रह वचन बिशप ने दिया। पादरी असिमप्रकाश विक्रम ने स्तुति की। पास्तरीय पादरी सुनील कुमार ने की। धर्मशास्त्र का पाठ सेवक अब्राहम दास, डिकन मार्कस केजू डिकन एमआर पतरस, सुसमाचार का पाठ पादरी शमशेर सैमुअल और उत्तरवादी पाठ सेवक इस्माइल मसीह ने किया। परहित निवेदन सेवक अब्राहम दास ने किया। संगीत समन्वय मनशीश केजू और प्रसारण सैम सैमुअल अली, नीलेश राम, सेवियो जॉन, आशीष बाघ ने किया।
राजधानी में एस सेंट टेरेसा चर्च अम्लीडीह में फादर जॉन पुन्नूर, सेंट मेरिस चर्च टाटीबंध में फादर जॉन डेविड, भानपुरी चर्च में फादर जोसेफ, गुढियारी चर्च में फादर फेलिक्स आदि ने रात्रि जागरण की आराधना संपन्न की। रायपुर क्रिश्चियन चर्च में पादरी डाक्टर अनिल कुमार, कैपिटल पास्टर फेलोशिप से जुड़े चर्चों में अध्यक्ष पादरी मार्क रॉड्रिक्स, पास्टर शिमोन पतरस, पास्टर थामस मामन और अन्य गिरजाघरों में भी ईस्टर की आराधना ऑनलाइन हुई।

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