,,,,,JNU मेरा है..वह भी भारत में ही आता है..

छःत्तीसगढ़ प्रदेश का नाम कार्टून जगत में ऊंचा करने वाले लोकप्रिय कार्टूनिष्ट त्रयम्बक शर्मा जिनके द्वारा दो दशक से कार्टून वॉच नामक पत्रिका का प्रकाशन भी किया जाता है।उन्होंने देश के केमौजूदा हालात और JNU की भूमिका पर सोशल मीडिया पर अपने विचार व्यक्त किया है।                                                 त्रयम्बक शर्मा लिखते है ,,,,,,JNU मेरा है..वह भी भारत में ही आता है…यदि वहाँ भारत के टुकड़े टुकड़े करने वाले ना Uसिर्फ़ घुस सकते हैं अपितु नारे भी लगाते हैं..वहीं रहते हैं…इसका मतलब वहाँ नक़ाब पोशों के घुसने की शुरुआत बहुत पहले हो चुकी है..वैचारिक पढ़ाई के लिए जाना जाने वाला महत्वपूर्ण संस्थान कुछ असामाजिक लोगों के कारण..वैचारिक लड़ाई से शारीरिक लड़ाई तक पहुँच गया है..आप नहीं जानते आप भी भारत के हैं..उसके टुकड़े करने का मतलब अपने ही टुकड़े करना है…असामाजिक तत्वों को JNU छोड़ना होगा..अन्यथा ये संस्थान पढ़ाई के लिए नहीं ..खून ख़राबे और लड़ाई के लिए जाना जाएगा…और हाँ सचेत रहें..राजनीति के लिए तवा गर्म है.-
त्र्यम्बक शर्मा

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