छालीवुड के सुपर विलेन मनमोहन सिंह ठाकुर ने पर्दे के हीरो को किया कटघरे में खड़ा,लगाया सब पर भ्र्ष्टाचार का आरोप कहा राज्य में भूपेश सरकार आते ही हो जानी थी करवाई

 

रायपुर छालीवुड में बेबाकी के साथ बात करने वाले सूपर खलनायक मनमोहन सिंह ठाकुर ने IMNB को एक मुलाकात में अपने चिर परचित अंदाज में बताया कि लोक कलाकारो को उनका हक दिलवाने में संस्कृति विभाग पूरी तरह विफल है और दलालो के चंगुल में है। मूल लोक कलाकारो को राज्य निर्माण के बाद से आज तक कोई लाभ नहीं मिल पाया है।

उसके बदले दिखावा करने वाले लोक कलाकार भी है जो लोक कलाकार तो नहीं है पर कलाकार है। लोक कलाकार होने की अच्छी एक्टिंग कर लेते है। जिसमें संस्कृति विभाग के अफसरो की भी मिलीभगत होती है। उन्होंने रील के हीरो का नाम लेते हुए कहा कि कोई भी आरटीआई कार्यकर्ता इन नाम पर आरटीआई लगाकर देख ले घपले घोटाले भ्रष्ट्राचार का मामला उजागर होगा। उन्होंने दावा किया है कि मेरे नाम से भी संस्कृति विभाग में आरटीआई लगाकार कोई भी कार्यकर्ता जानकारी हासिल कर ले। खुला चैलेंज है

बहारहाल संस्कृति विभाग के खिलाफ हमेशा मुखर रहने वाले छत्तसीगढ़ के सुपर स्टार विलेन मनमोहन सिंह ठाकुर दावा करते हैं कि विभाग में बीस सालों से बाहरी और विभागीय लोगों का रैकेट सक्रिय है…जो अंतिम छोर में बसे लोक संस्कृति में रचे बसे लाखों कलाकारों का हक़ मार रहे हैं…मनमोहन का दावा है,कि रैकेट के सिर्फ पांच छै कलाकारों के सिर्फ 6/7 सालों के भुगतान का ब्योरा निकाला जाए तो आंकड़ा करोडों में और चौंकाने वाला हो सकता है l कलाकारों के इस भुगतान में जीएसटी चोरी और अनुपातहीन् सम्पति का मामला भी बनने की पूरी पूरी संभावना है l मनमोहन ने चुनौती देते हुए कहा है,बीस वर्षों में मुझे बीस लाख का भी भुगतान नहीं मिला जबकि रैकेट के कईयों को बीस करोड़ से भी ज्यादा का भुगतान हो चुका है l चाहे तो कोई आर टी आई लगाकर जानकारी हासिल कर ले….अपने कारनामो के लिए हमेशा सुर्ख़ियों में रहने वाले संस्कृति विभाग से अगर मनमोहन सिंह ठाकुर जैसे फिल्म जगत के बड़े चेहरे के साथ विभाग का अगर इतना खराब रवैय्या है,तो अंतिम छोर के उन कलाकारों के साथ विभाग का क्या व्यवहार होता होगा ये केवल कल्पना की जा सकती है…रमन राज में सलमान और करीना के ऊपर सवाल खड़े करने वाली कांग्रेस पार्टी इस खबर पर क्या संज्ञान लेती है ये देखने वाली बात होगी l

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *