अंतरराष्ट्रीय सिरपुर बौद्ध महोत्सव-2021 का केंद्रीय कार्यालय का नन्दकुमार बघेल ने किया शुभारम्भ


  • रायपुर, 8 जनवरी 2021। राजधानी में अंतरराष्ट्रीय सिरपुर बौद्ध महोत्सव-2021 के लिए आज शाम 6 बजे केंद्रीय कार्यालय शांति नगर का उद्घाटन मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष मतदाता जागृति मंच एवं कल्याण समिति के अध्यक्ष बाबूजी नंद कुमार बघेल के कर कमलों द्वारा किया गया । राजधानी के शांति नगर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला के सामने केंद्रीय कार्यालय के शुभारंभ मौके पर नंद कुमार बघेल ने कहा कि सिरपुर महोत्सव छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक बौद्ध विरासत को सहेजने के लिए यह सांस्कृतिक आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर गांव, कस्बो से लेकर देश व विदेश तक बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार किया जाना है। श्री बघेल ने कहा कि यह महोत्सव छत्तीसगढ़ को बुद्ध के मार्ग पर ले जाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा ।                                  तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सिरपुर महोत्सव आगामी 12, 13 एवं 14 मार्च 2021 को होने जा रहा है। यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की प्राचीन बौद्ध संस्कृति एवं उसकी भव्यता को स्थापित करेगी। श्री बघेल ने कहा कि इस दिशा में सिरपुर महोत्सव एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक सामाजिक कार्यक्रम साबित होगा।
    सिरपुर दुनिया का सबसे बड़ा बौद्ध धरोहर है। महानदी के तट पर 15 किलोमीटर क्षेत्र में प्राचीन राजधानी फैला हुआ था जो उत्खनन से प्रमाण प्राप्त हो रहा है। सिरपुर में बंदरगाह था जहाँ से दुनिया मे व्यापार होता था। अंतराष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय था जहाँ दुनिया भर के छात्र अध्ययन के लिये सिरपुर आते थे। ज्ञातव्य हो कि सफुरा माता जी का यहाँ जन्म हुआ था जो छत्तीसगढ़ के महान संत सद्गुरु बाबा जी के अर्धांग्नी हुई। सिरपुर का महत्व और बढ़ जाता क्योंकि सद गुरु बाबा घासीदास जी का ससुराल था। यहाँ से मात्र 40 किलोमीटर की दूरी पर छत्तीसगढ़ पर छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारी प्रथम शहीद वीरनारायण सिंह जी का जन्म भूमि सोनाखान भी स्थिति है। आज से 25 सौ साल पहले सिरपुर के बौद्ध विरासत का सृजन कर्ता छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी जिसे आज अनुसूचित जाति,जन जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के नाम से जाने जाते है इनके पूर्वज इस महान सभ्यता का निर्माण किये थे जो सिंधुघाटी सभ्यता से जोड़कर देख सकते।
    इस मौके पर आयोजन समिति सिरपुर महोत्सव एवं सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के पदाधिकारियों में रघुनंदन साहू, रामकृष्ण जांगड़े, शगुन लाल वर्मा, डॉ नरेश साहू,डॉ. जितेंद्र सोनकर, डॉ आरके सुखदेव, हेमंत जोशी, सुभ्रा रजक, कृपा यादव, अनिल कोरी, रवि मिलन, अंजू मेश्राम, कल्याण साहू, डॉ रामचंद्र साहू, कृष्णा पैकरा,अग्निश देव, रवि साहू, बीनिका दुर्गम, युगल किशोर चंद्राकर, निखिल हगवने, उमेश मानिकपुरी, परसराम भरद्वाज, नारायण लक्ष्में व ईश्वर चंद्र मालाकार आशीष पुरैना, जितेंद्र सोनवानी, भंजन जांगडे सहित समाज के गणमान्य प्रबुद्ध लोग भी उपस्थित रहें।

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