बजट में अल्पसंख्यकों के लिए कुछ नहीं :इससे भूपेश सरकार में अल्पसंख्यको की उपेक्षा दर्शाता है  रिजवी*

रायपुर। (IMNB NEWS AGENCY)  जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व उपमहापौर तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने प्रदेश के मुखिया श्री भूपेश बघेल के समक्ष अल्पसंख्यक इदारों जैसे छ0ग0 राज्य अल्पसंख्यक आयोग, वक्फ बोर्ड, हज कमेटी, उर्दू अकादमी एवं मदरसा बोर्ड में विगत 10-15 वर्षों से कलेक्टर दर पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किए जाने की फरियाद की है।

सन् 2006 में पिथौरा दंगों में प्रभावितों को हुए आर्थिक नुकसान की लम्बित शेष मुआवजा राशि का भुगतान आज तक नहीं किया गया है, उसे पीड़ितों को तत्काल उपलब्ध करावें।

473 स्वीकृत उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति की चयनित सूची भाजपा ने जानबूझकर जारी नहीं की, जो अपेक्षित थी। उन स्वीकृत पदों पर तत्काल नियुक्ति हेतु चयन प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। हाल ही में सेन्ट्रल वक्फ कौंसिल ने वक्फ बोर्ड में वक्फ सम्पत्ति की बंदरबाट एवं हेराफेरी में करोड़ों का चूना बोर्ड के लगभग 15 वर्षों से काबिज पदाधिकारियों द्वारा लगाया गया था, उनकी जांच में विभागीय सचिव लगभग डेढ़ साल से चुप्पी साधे बैठे हैं। उर्दू अकादमी एवं मदरसा बोर्ड में उर्दू के जानकार आलिम को ही पदस्थ करें। सभी मुस्लिम इदारों की समीक्षा सक्षम एवं उर्दू के जानकार अधिकारी से करवाई जाए, जिससे भाजपा शासनकाल की अनियमितताएं उजागर होंगी।

          रिजवी ने कहा है कि इन इदारों में हुई अंधेरगर्दी की मुख्यमंत्री श्री बघेल से कांग्रेस के किसी भी मुस्लिम पदाधिकारियों द्वारा दो साल व्यतीत होने के बावजूद नहीं की गई जो उनकी लापरवाही को उजागर करने पर्याप्त है। मुख्यमंत्री तक अपनी फरयाद पहुंचाने में किसी भी वर्ग को कोताही नहीं बरतना चाहिए। कहावत है कि ‘बच्चे के रोने पर ही माँ दूध पिलाती है।’रिजवी ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा है कि अल्पसंख्यकों के लिये बजट में कुछ भी नहीं है जो अल्पसंख्यकों की उपेक्षा को दर्शाता है।*

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