किसान बिल का विपक्ष ने किया विरोध,पीएम ने कहा किसानों को बिचौलियो से मुक्ति

नई दिल्ली देश भर में राज्यसभा में पास होने जा रहे किसान बिल का विरोध किया जा र हा है। विपक्षी पार्टीयों ने हल्ला बोल दिया है। लॉक डाउन और कोरोना कहर के बावजूद विपक्षी दलो के किसान संगठनो ने मोर्चा खोल दिया है। जिसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसदों को मंगलवार को सदन में मौजूद रहने और सरकार के रुख का समर्थन करने के लिए तीन लाइन का विप जारी किया है। यह विप सरकार द्वारा किसान बिलों को लेकर विपक्ष द्वारा किए जा रहे विरोध के बाद जारी किया गया है। बता दें कि इस विषय पर विपक्ष के कुछ सांसदों के हंगामे के कारण 8 सांसदों को राज्यसभा से पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि विधेयक को इतिहास के लिये ऐतिहासिक क्षण बताया है। उन्होनें कहा कि ये (कृषि) विधेयक क्षेत्र में पूर्ण बदलाव सुनिश्चित करेंगे और करोड़ों किसानों को सशक्त बनाएंगे। कृषि विधेयक तीन दशकों तक बिचौलियों द्वारा किसानों को विवश रखा गया और तंग किया जाता रहा, संसद द्वारा पारित विधेयक उन्हें मुक्ति दिलाएगा।

उन्होनें कहा कि ये (कृषि) विधेयक किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों को गति देंगे और उनकी ज्यादा समृद्धि सुनिश्चित करेंगे। कृषि विधेयक पांच कृषि क्षेत्र को नवीनतम प्रौद्योगिकी की नितांत आवश्यकता है, किसानों तक उसकी पहुंच अब सुगम होगी, जिससे उत्पादन बढ़ेगा। उन्होनें कहा कि मैं फिर दोहराना चाहूंगा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और सरकारी खरीद की व्यवस्था जारी रहेगी। मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ये कानून कृषि मंडियों के खिलाफ नहीं हैं। यह पहले की तरह चलती रहेंगी।

विपक्ष का विरोध
कांग्रेस ने सोमवार को आठ विपक्षी सदस्यों के निलंबन को ‘‘अलोकतांत्रिक’’ और ‘‘एकतरफा’’ करार दिया। निलंबित सदस्यों में कांग्रेस के भी तीन सदस्य शामिल हैं। पार्टी के नेता राहुल गांधी ने कहा कि पहले तो सदस्यों की आवाज दबाई गई और बाद में उन्हें निलंबित कर दिया। गांधी ने कहा कि ऐसा करके लोकतांत्रिक भारत को चुप कराने की कोशिश जारी है

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