पाकिस्तान सिख युवती के पिता ने कहा अपहरण हो गया बेटी ने वाटस्आप पर मैसेज कर कहा निकाह कर लिया

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओ पर अत्याचार भारत के विभाजन के साथ ही शुरू हो गया था। यह कहे तो 7 ईसवी में सिंध पर बीन कासिम के हमले से ही वहां हिन्दू प्रताड़ित होते आ रहा है। सैकड़ो साल बाद भी वहां हिन्दू असुरक्षित है। अब तो हिन्दू वहां अल्पसंख्यक है। हिन्दूओ पर नए नए तरह के अत्याचार किए जा रहे हैं खासतौर से जवान युवतियों को जबरन अपहरण कर धर्मातंरित किया जा रहा है। ऐसे ही एक घटना में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 22 वर्षीय सिख लड़की लापता हो गई है। पुलिस ने अज्ञात अपहर्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मीडिया में आई एक खबर के मुताबिक यह घटना हाल में अटक जिले के हसनअब्दाल शहर में हुई। इसी शहर में सिखों का पवित्र धर्मस्थल प्रसिद्ध गुरुद्वारा पंजा साहिब है।

‘डॉन’ अखबार के मुताबिक लड़की कचरा फेंकने के लिए अपने घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं आई। उसके पिता हसनअब्दाल में एक दुकान चलाते हैं। खबर में इस बात का जिक्र नहीं है कि यह घटना कब हुई। उप संभागीय पुलिस अधिकारी राजा फैयाज उल हसन के हवाले से बताया गया कि हसनअब्दाल पुलिस ने लड़की के पिता की शिकायत के आधार पर अज्ञात अपहर्ता के खिलाफ पाकिस्तान की दंड संहिता की धारा 365 बी के तहत अगवा करने (शादी करने के लिए अपहरण समेत) के तहत एक मामला दर्ज किया है।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस लापता लड़की की तलाश कर रही है। जिला पुलिस के प्रवक्ता ताहिर इकबाल ने कहा कि लड़की के पिता द्वारा शिकायत दर्ज कराने के तुरंत बाद अज्ञात अपहर्ता के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया। उपसंभागीय पुलिस अधिकारी हसन नेबताया कि जिस दिन लड़की लापता हुई, उसके अगले दिन उसने अपने पिता को वाट्सऐप पर एक मैसेज भेजकर बताया कि उसने अपनी इच्छा से शादी की है और इस्लाम कबूल कर लिया है।

उन्होंने कहा कि पुलिस की कई टीमें लड़की की तलाश कर रही हैं ताकि उसे अदालत में पेश किया जाए और बयान दर्ज कराया जाए। पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव सरदार अमीर सिंह ने पुष्टि की है कि गुरुद्वारा पंजा साहिब के पास स्थित घर से लड़की लापता हो गई।

सिंह ने कहा कि लड़की के पिता और चाचा ने धार्मिक मामलों के संघीय मंत्री नूरउल हक कादरी से शुक्रवार को मुलाकात की और लड़की के लापता होने के बारे में उन्हें अवगत कराया। पाकिस्तान में जबरन धर्मांतरण और गैर मुस्लिम लड़कियों से शादी के मामले आते रहते हैं लेकिन उनमें से ज्यादातर मामले सिंध प्रांत से आते हैं। जानकारो की माने तो सिंध पूरी तरह अल्पसंख्यको को इस्लाम कबूलने के लिए दबाव बनाया गया है। सिंध से आज भी भारत में नागरिकता लेने के लिए बड़े पैमाने पर आवेदन भारत सरकार को प्राप्त होते हैं। वहीं बहुत से नागरिको को नागरिकता भी मिल चुकी है।

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