Thursday, July 18

पेंशनरों और कर्मचारियों को मिल रहा 46% डीए डीआर फिर आईएएस को 4% अधिक क्यों?

प्रदेश में मंहगाई से परेशान सेवानिवृत्त पेंशनरों और परिवार पेंशनरों और कर्मचारियों में भारी चिन्ता व्याप्त हो गई है, कोरोना काल से अब तक महंगाई के मार से घर -बाहर के सारे बजट गड़बड़ाया हुआ है। इस बढ़ती और सबके ऊपर चढ़ती हुई मंहगाई के लिये केंद्र और राज्य दोनों सरकार जिम्मेदार है साथ ही राज्य में आईएएस सहित सभी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को राज्य सेवा के अधिकारियों,कर्मचारियों और पेंशनर्रो से 4%प्रतिशत अधिक महंगाई भत्ता का भुगतान किया जा रहा है।जबकि राज्य सेवा के अधिकारी कर्मचारी और पेन्शनर को इन्ही व्यूरोक्रेट के सलाह पर वित्तीय संकट के नाम पर केवल 46%प्रतिशत महंगाई भत्ता का भुगतान किया जा रहा है।उक्त आरोप भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने जारी विज्ञप्ति में लगाया है/

जारी विज्ञप्ति में आगे बताया गया है कि कांग्रेस सरकार से यह परम्परा चल रही है कि राज्य के खजाने से वेतन पाने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी क्रमश: आईएएस, आईपीएस, आईएफएस आदि अपने डीए डीआर के आदेश पर मुख्यमंत्री से नस्ती में अनुमोदन प्राप्त कर खुद के हस्ताक्षर से आदेश जारी कर हमेशा से एरियर सहित डीए डीआर के आदेश जारी करते रहे हैं। अभी हाल में 10 जून 24 को केन्द्र के बराबर जनवरी 24 से 4% डीए डीआर के अपने लिए एरियर सहित 50% के आदेश जारी कर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियो और कर्मचारियों के साथ घोर अन्याय किया है। कर्मचारियों और पेंशनरों को 5 साल से अधिक समय से बिना एरियर देर से डीए डीआर के आदेश कर करोड़ों रुपए हजम कर हानि पहुंचाते आ रहे हैं। अभी वही स्थिति है राज्य सेवा के अधिकारी कर्मचारी और पेंशनर बिना एरियर केवल 46% डीए डीआर प्राप्त कर रहे है जबकि विधान सभा चुनाव में मोदी के गारंटी में भरोसा दिलाया गया था कि छत्तीसगढ़ में सरकार बनने पर राज्य के कर्मचारियों को केन्द्र के देय तिथि और दर पर डीए डीआर का आदेश किए जायेंगे यह भाजपा सरकार में झूठा साबित हो रहा है।

जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, अन्य पदाधिकारी क्रमश: जयप्रकाश मिश्रा, द्रोपदी यादव, कुंती राणा,अनिल गोल्हानी,पूरन सिंह पटेल, अनिल पाठक,अनूप श्रीवास्तव,आर एन ताटी, ओ पी भट्ट,बी के वर्मा, राकेश जैन डी पी गजेंद्र,आर जी बोहरे,लोचन पांडेय,रमेश नन्दे,प्रवीण त्रिवेदी, प्रदीप सोनी,आलोक पाण्डे, सी एल चंद्रवंशी,बी एल यादव, उर्मिला शुक्ला, नरसिंग राम ,आर के नारद,एस के चिलमवार,वंदना दत्ता, सुरेश शर्मा, सी एम पाण्डे,महेश पोद्दार, नागेश कापेवार, अब्दुल वाहिद खान,बसंत गुप्ता, पीतांबर पारकर सोमेश्वर प्रसाद तिवारी,पी आर कटोलकर,नागेन्द्र सिंह, आई एस परिहार , एस पी गौतम, आर डी साहू पी आर साहू,बी के शर्मा, सदा राम ठाकुर,शम्भू नाथ देहारी ,दिवाकर प्रसाद द्विवेदी, पोपट लाल नाग,नामदास साहू, अनंत मोहित दास, आर एन ताटी,दिनेश कुमार सतमन श्रीमती जयमनी ठाकुर, आई सी श्रीवास्तव, के एस ठाकुर, गोपाल यादव, तीरथ यादव, आदि ने कहा है कि वर्तमान में बड़ी समस्या केन्द्र के बराबर महँगाई राहत देने का आदेश सरकार द्वारा नहीं करना मुख्य समस्या बनी हुई है,जो राज्य के पेंशनर्स हेतु आर्थिक परेशानी का कारण बना हुआ है और छत्तीसगढ़ में ऐसा भी होता है जब राज्य में कर्मचारियों को महँगाई भत्ता देने के बाद पेन्शनर को महंगाई राहत देने में लम्बा इन्तजार कराया जाता है। इस पर विचार कर समाधान निकालने की मांग की है।

वीरेन्द्र नामदेव
9826111421

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