राष्ट्रीय सिंधी समाज का वर्चुअल गायन कार्यक्रम संपन्न* ** *बच्चों ने बारन जी फुलवारी कार्यक्रम में सिंधियत के गीत सुनाकर सबका मन जीता

राष्ट्रीय सिंधी समाज द्वारा आयोजित ऑन लाइन सिन्धी गीत संगीत, बारन जी फुलवारी कार्यक्रम में 10 से 15 साल के बच्चों ने संत कंवर राम, शाह कवि बेबस, देवकी नागरानी राही के लिखें गीतो को प्रस्तुत कर वर्चुअल कार्यक्रम में वातावरण को तनाव मुक्त कर राष्ट्रीय स्तर से जुड़े विद्वानों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल वरधानी ने की। अतिथियों का स्वागत करते हुए श्री वरधानी ने कहा कि संस्था द्वारा कोरोना वायरस के चलते पूरे राष्ट्र के विभिन्न प्रदेशों कि प्रतिभाओ को मंच देकर सफलतम कार्यक्रम दिये है। उसी कङी में बच्चों का यह कार्यक्रम रखा गया है। प्रदेश प्रभारी राधा राजपाल ने बताया की मुख्य अतिथि देवास विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष मनोज राजानी ने बच्चों की प्रस्तुति पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह बच्चें हमारी सिन्धीयत के भविष्य हैं। इतनी छोटी उम्र होने के बावजूद इन्होंने सुफी कलाम ओर गीत बेहद खूबसूरत तरीके से गाया है कोटा के हर्षित कुरस्वानी ने कार्यक्रम की शुरुआत मुहिंजा यार मिठा मुखा थी न परे (यार मेरे मुझसे न जा परे) पहले गीत से ही संमा बांध दिया । उसके बाद गुलशन माखीजा ने न रहनदे तू न रहंवदम मां विड़ू छा लाए गीत सुमधुर आवाज मे गाया (तुम रहोगे ना हम रहेंगे फिर आपस में यह लड़ाई क्यों) भूमि रोचवानी ने कवि बेबस का लिखा गीत “सिंध मुहिंजी अम्मां छा लिखी छा चंवां” प्रस्तुत किया। (सिन्धी बोली हमारी मां है इसके लिए हम क्या लिखें और क्या बोले) अनोखी आहूजा खैरथल ने मशहूर सुफी कलाम पेश किया। पेरे पवंदी सा रही वठ रात भंभोड़ में, जयपुर से रुचिका चंदानी काफी दिनों से अस्पताल में भर्ती थी। इसके बावजूद केसियो पर खुद ही संगीत देते हुए नाले अलख जे बेडो तार मुंहिंजो संत कंवर राम का गीत सुना कर आयोजकों की तालियां बटोरी। भीलवाड़ा से मनन पुर्सवानी ने तूहिंजी कावड़ में कुर्ब घणो सुनाकर कार्यक्रम को उंचाईयां दी। राजस्थान सिन्धी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष डॉ लाल थदानी ने बच्चों से आग्रह किया कि वे राष्ट्रीय सिंधी समाज के साथ जुड़कर सिन्धी बोली, भाषा, सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम करें और वे विभिन्न मंचों पर उनके कार्यक्रम आयोजित करने का प्रयास करेंगे। महासचिव मुकेश सचदेव ने सस्था के उद्देश्यों का जिक्र करते हुऐ जानकारी दी की सस्थापक अध्यक्ष उनके पिता श्री नन्दलाल सचदेव जी ने सिन्धी समाज की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रधानमंत्रीयों से शिष्टमंडल के साथ मुलाकात की जिसमें डाॅ लाल थदानी ओर कमल वरधानी भी शामिल थें। कार्यक्रम संयोजिका एवं राष्ट्रीय महिला सिन्धी समाज उपाध्यक्ष अनीता शिवनानी ने संचालक करते हुए बच्चों का परिचय दिया और उनके मां बाप व उनके गुरुओं को नमन किया कि इतनी छोटी उम्र में बच्चों को सिंधी गीत संगीत के लिए प्रेरित किया हैंं। राष्ट्रीय सूत्रधार ललित अगनानी ने वर्चुअल कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों को जानकारी दी कि मोहन जो दड़ो और सिंधु का इतिहास प्राचीनतम है और हिंदुस्तान के स्वतंत्रता संग्राम में हमारे योगदान की भी महत्वता है। अंत में भाउ गुल माखीजानी ने उपस्थितों का आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम मे युवा अध्यक्ष राजकुमार दरियानी, जयप्रकाश बेलानी, रतन बासाणी, चित्रा गवलानी,शंकरलाल मोटवानी, वीरूमल पुर्सवानी,रितु भाटिया, जया बेलानी, दीपक लखवानी,तरुण पुर्सवानी, मनोज निहलानी इत्यादि उपस्थित थे ।


राधा राजपाल(प्रदेश प्रभारी)
मोबा: *9329427324*

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