1965 युद्ध के बाद से बंद रेल लिंक 56 साल बाद फिर बहाल, भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापार में मिलेगी मदद

नईदिल्ली (IMNB)। भारत और बांग्लादेश के बीच 56 साल के बाद ट्रेन परिचालन फिर से शुरू कर दिया गया है। पिछले पांच दशकों से बंद पड़े हल्दीबाड़ी-चिल्हाटी मार्ग पर ट्रेन सेवा फिर बहाल हो गई। पहली मालगाड़ी ट्रेन बांग्लादेश के लिए रवाना की गई है। ये गाड़ी हल्दीबाड़ी के रास्ते बांग्लादेश के चिल्हाटी तक गई। हल्दीबाड़ी से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक की दूरी 4.5 किलोमीटर है। जबकि चिल्हाटी से जीरो प्वाइंट की दूरी करीब 7.5 किलोमीटर है। इस रेलवे मार्ग के अलावा दोनों देशों के बीच पांच और रेलवे लिंक का संचालन होगा। पत्थर की सिल्लियों से लदी 58 डिब्बों वाली मालगाड़ी जब अलीपुर दौर के डिमडिमा स्टेशन से निकली तो लोगों ने गर्मजोशी से इसे रवाना किया।
1965 युद्ध के बाद बंद हो गया परिचालन
ये रेलवे मार्ग 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध के बाद बंद हो गया था। पीएम मोदी और बांग्लादेश की पीएम ने 17 दिसंबर 2020 में इसे बहाल किया था। लेकिन मार्ग के उद्घाटन के बाद कोरोना महामारी की वजह से किसी भी ट्रेन का परिचालन नहीं हो सका था।
भारत-बांग्लादेश के बीच रेलवे लिंक
बांग्लादेश सरकार ने 80, 16, 94,000 टका की लागत से चिलाहाटी रेलवे स्टेशन से सीमा तक 6.724 किमी ब्रॉड गेज रेलवे के निर्माण और 2.36 किमी लूप लाइन और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण का प्रोजेक्ट लिया है। वर्तमान में, बांग्लादेश और भारत के बीच चार परिचालन रेल लिंक- बेनापोल (बांग्लादेश)-पेट्रापोल (भारत), दर्शन (बांग्लादेश)-गेडे (भारत), रोहनपुर (बांग्लादेश)-सिंहाबाद (भारत), और बिरोल (बांग्लादेश)- राधिकापुर (भारत) हैं।
रेल मंत्री ने जताई खुशी
भारत बांग्लादेश के बीच रेल सेवा बहाल होने पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुशी जताई है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ये रेल लिंक क्षेत्र आर्थिक और सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करेगा।
कारोबार में मिलेगी मदद
पिछले पांच दशकों से बंद पड़े हल्दीबाड़ी-चिल्हाटी मार्ग पर ट्रेन सेवा फिर बहाल होने के साथ ही पूर्वोत्तर भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार में जाने के लिए नया मार्ग मिल जाएगा। हल्दीबाड़ी-चिल्हाटी मार्ग, असम, पश्चिम बंगाल, नेपाल और भूटान से बांग्लादेश जाने के लिए सबसे कम दूरी वाला रास्ता है। इस रेल लिंक से व्यापार, आर्थिक और सामाजिक विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा।

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