रायपुर ब्राईट ने किया कोराना काल 2020 में रोजाना जरूरत मंदो ,बेजुबान पशु पक्षियों के लिए पांच हजार रोटियां बनाने वाली एक पहल संस्था की मातृ शक्ति का सम्मान

रायपुर (IMNB NEWS AGENCY ) रायपुर ब्राइट फाउडेशन ने कोरोना काल 2020 में लॉक डाऊन के दौरान बेघर हुए अप्रवासी मजदूर और सड़को में भटक रहे स्ट्रीट डॉग ,गौ वंश और बेजुबान पशु पक्षी के लिए दाना पानी का इतंजाम करने वाली संस्था एक और पहल के सदस्यों का आज अपने बूढ़ापारा स्थित कार्यालय में सम्मान किया है।
रायपुर ब्राईट के अध्यक्ष प्रदीप गोविंद शितूत ,उपाध्यक्ष राधा राजपाल, सचिव डॉ मनोज ठाकुर ने बताया कि सर्व धर्म जाति समाज के विधवा ,विधुर,तलाक शुदा महिला पुरूषो के पुना विवाह सहित विकलांगो के विवाह करवाने वाली एक समाजिक संस्था है।

संस्था ने कोरोना काल में समाज के लिए समर्पित कोरोना योद्धाओ के सम्मान का सिलासिला जारी रखा है. हर सप्ताह संस्था द्वारा उन समाजिक संस्थाओ के पदाधिकारियों समान्य कार्यकर्ताओ का सम्मान करते हैं जिन्होंने विषम परिस्थितियों में देश और समाज की सेवा की है।

इसी कडी में रायपुर शहर की समाजिक संस्था एक  पहल के सदस्यों का सम्मान किया गया है. आप को बता दे इस संस्थान से जुड़ी अधिकांश महिलाएं घरेलू हैऔर घर से कभी बाहर नहीं निकलती है। लेकिन कोरोना काल में एक  पहल नामक संस्था ने सब को अपनी शक्ति अनुसार रोटी बनाकर एक स्थान पर एकत्र करने के लिए तैयार किया सभी ने नेक काम में सहयोग किया 5 हजार रोटियां रोज बनकर तैयार हो जाती थी।

जिसे संस्था के सदस्य भटके हुए राहगीर खासकर अप्रवासी मजदूर जो रिंग रोड के माध्यम से एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंच रहे थे। अस्पताल के परिसर ,सड़को पर भटकने वाले अर्धविक्षिप्त स्त्री पुरूष तक भोजन पहुंचा रहे थे।

संस्था के अध्यक्ष पहलाज खेमानी का कहना है कि जब आम घरो में राशन नहीं पहुंच रहा था. ऐसे में समाजिक जूठन पर पलने वाले स्ट्रीट डॉग और अन्य पशु पक्षियों की हालत खराब थी। उन्हें इनकी चिंता हुई और उन्होंने संस्था की मात्र शक्ति के माध्यम से समाज की अन्य घरेलू महिलाओं को जोड़कर 5 हजार रोटियां बनाई जिसका प्रशासन के द्वारा जारी गाइड लाईन के अनुसार वितरण किया जाता रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में संस्था से जुड़ी मात्र शक्तियां लगातार रोटियां बेलकर कोरोना काल में भूखो की जरूरत पूरी कर रही थी। उन्होंने बताया कि हमारी संस्था दुख में सब के साथ खड़ा होता है। हमारे द्वारा दहेज के विरूद्ध भी लड़ाई लड़ी जा रही है।

सामूहिक विवाह के माध्यम से हम संस्था की ओर से गिफ्ट देकर शादी करवाते है अलग से कोई दहेज नहीं दिया जाता है। इस कड़ी में नौ कन्याओं का विवाह किया गया है।

रायपुर ब्राइट फाउंडेशन सर्व धर्म समाज जाति के विधवा , विधुर वैध तलाकशुदा महिलाओं पुरुषों के पुनर्विवाह की संस्था द्वारा प्रति सप्ताह विभिन्न संस्थाओं , अलग अलग क्षेत्रों में कार्यरत कोरोना योद्धाओं का सम्मान कर रहा है इस सप्ताह संक्रमण काल में पशु – पक्षियों को भोजन कराने वाली महिलाओं सहित पत्रकार भारत योगी का सम्मान किया गया । लॉक डाउन में जब शहर में सड़कों पर घुमने वाले आवारापशुओं कुतों पक्षियों को भोजन नहीं मिल रहा था तब इन कोरोना योद्धाओं ने अपने घरों से भोजन व दाना ले जाकर इनका पेठ भरने का काम किया । आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एक पहल संस्था के संस्थापक  पहलाज खेमानी थे । सभी कोरोना योद्धाओं को श्री फल व सम्मान पत्र प्रदान किया गया । कार्यक्रम का संचालन संस्था के महासचिव डॉ मनोज ठाकुर ने किया ।

अध्यक्ष प्रदीप गोविंद शितूत ने संस्था के मुख्य कार्य सर्व धर्म सर्व जाति , समाज के विधवा तलाकशुदा महिलाओं पुरुषों के पुनर्विवाह की जानकारी दी । उपाध्यक्ष श्रीमती राधा राजपाल ने कोरोना योद्धाओं द्वारा किये गए कामों की संछिप्त जानकारी दी । किशोर जायसवाल ने मुख्य अतिथि एवं कोरोना योद्धाओं का आभार प्रकट किया । इस अवसर पर संस्था के दमयन्ती देशपांडे , अचला स्वामी, अंजली शितूत , गौरी अवधिया उपस्थित थे ।

संस्था ने इन लोगों का सम्मान किया – भारती शर्मा , ऋचा ठाकुर , राजेश वाधवानी शकुंतला लखवानी , सुलोचना नारायणी ,मीना चंदानी , सरिता चंदानी , गोपी धनवानी , लता बुधवानी , रेखा धर्मनी , मीना असरानी , नीलम टेकचंदानी , प्रिया नेभानी , शोभानी , नैना गोपलानी , ज्योति गेलानी , कृपा आहूजा , दीपिका मिर्घानी ,       प्रिया अमलानी , कशिश लूलिया , रोमा वाधवानी सिंधु सभा (महिला प्रकोष्ठ ) अध्यक्ष डिम्पल शर्मा , तनुजा लखवानी,सुमन साहनी ,विशेष रूप सेे शामिल हुुुई

फूलो की होली भी खेली गई
सम्मान के बाद सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए एक दूसरे को फूल की पत्तीयां देकर होली की रस्म भी अदा की गई है। राधा राजपाल ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए होली में रंग खेलने की परंपरा में अंकुश लग सकता है. लेकिन संस्कृति जिंदा रखने के लिए फूलो होली खेलकर समाज को एक और संदेश देना चाहेंगे इस विश्व महामारी का प्रकोप अभी थमा नहीं है होली में सावधानी बरते और परंपरा को बनाए रखने के लिए एक दूसरे को फूल भेट कर रंग लगाने से बचे और लोगो को बचाए।

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