Friday, July 19

राजनांदगांव : जल संरक्षण के लिए सभी को करने होंगे समन्वित प्रयास – कलेक्टर

– कलेक्टर ने पौधरोपण एवं जल संरक्षण के संबंध में उद्योग, स्वयं सेवी संस्थाओं एवं विभिन्न विभागों की बैठक लेकर समीक्षा की
– सभी उद्योग एवं एनजीओ जल संरक्षण के लिए दें अपना योगदान
– कम लागत में अधिक जल संरक्षण के लिए नए तकनीक एवं तरीके किए जा रहे ईजाद
– जिले में पौधरोपण के लिए खोदे गए 48 हजार गड्ढे
–  पौधरोपण एवं जल संरक्षण के लिए सभी उद्योगों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं को सौंपी जा रही जिम्मेदारी
राजनांदगांव 19 जून 2024। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में पौधरोपण एवं जल संरक्षण के संबंध में उद्योग, स्वयं सेवी संस्थाओं एवं विभिन्न विभागों की बैठक लेकर समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि जिले में पौधरोपण एवं जल संरक्षण के लिए जनसहभागिता से कार्य किया जा रहा है। छोटे-छोटे प्रयासों के बड़े परिणाम प्राप्त होते हैं। जिले में तीन विकासखंड राजनांदगांव, डोंगरगांव, डोंगरगढ़ क्रिटिकल जोन होने के कारण जल संरक्षण के लिए सभी को समन्वित प्रयास करने होंगे। सभी उद्योग एवं एनजीओ जल संरक्षण में अपना योगदान दें। कम लागत में अधिक जल संरक्षण के लिए नए तकनीक एवं तरीके ईजाद किए जा रहे है। वहीं बहुत सी अनुपयोगी वस्तुओं को रिसायकल कर उसका उपयोग कर सकते हंै। उन्होंने कहा कि जिले में पौधरोपण के लिए 48 हजार गड्ढे खोदे लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पौधे प्राप्त होते ही पौधरोपण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे, तालाब के किनारे, चारागाह तथा विभिन्न स्थानों में सघन पौधरोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के साथ-साथ पौधों को संरक्षित करने के लिए पाईप भी लगाना है। छायादार एवं फलदार पौधे अधिक से अधिक लगाएं।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने पौधरोपण एवं जल संरक्षण के लिए सभी उद्योगों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि जिले में कम पानी की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मक्के की फसल को प्रोत्साहित करना है। जिन स्थानों में पानी कम रूकता है। वहां मक्के की फसल किसानों को लगाने के लिए प्रेरित करें। मक्के की मोनसेंटों वैरायटी खरीफ एवं रबी सीजन में लगाने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए विभिन्न स्थानों पर वाटर रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाएं जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के साथ ही यह भी जरूरी है कि पौधों की अच्छी तरह देखभाल की जाए। इस अवसर पर उप संचालक कृषि श्री नागेश्वर लाल पाण्डे, उप आयुक्त सहकारिता श्रीमती शिल्पा अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की वरिष्ठ वैज्ञानिक श्रीमती गुंजन झा, राजाराम मेज प्रोडक्स के प्रबंधक श्री मनोज चौबे, एबीस के प्रतिनिधि सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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