ऋचा जोगी के जाति का मामला गरमाया, जोगी परिवार की राजनीतिक हत्या करने दुर्भावनापूर्वक ऋचा जोगी को ग़ैर आदिवासी किया घोषित – JCCJ

रायपुर, छत्तीसगढ़, 11 जुलाई 2021। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मुख्य प्रवक्ता अधिवक्ता भगवानू नायक ने जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति के द्वारा श्रीमती ऋचा जोगी जी को गैर आदिवासी घोषित करने और उनके जाति प्रमाण पत्र को निरस्त किए जाने पर सवाल खड़ा करते हुए कहा ऋचा जोगी यदि आदिवासी नहीं है तो किस जाति की है ? भूपेश सरकार बताए। जोगी परिवार की राजनीतिक हत्या करने के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्वक ऋचा जोगी का जाति प्रमाणपत्र निरस्त किया गया जिसके विरुद्ध न्यायालय में चुनौती देंगे।

भगवानू नायक ने कहा श्रीमती ऋचा जोगी ने वैधानिक तरीके से मुंगेली से अपना जाति प्रमाणपत्र बनावाया था, उनके परदादा स्व बी. साधु के नाम पर 1940 का राजस्व रिकॉर्ड है जिसके आधार पर ऋचा जोगी के चाचा ने पहले अपनी जाति प्रमाणपत्र बनाकर बैंक में नौकरी किए जो अब सेवानिवृत्त है । उसी प्रकार ऋचा जोगी के चचेरा भाई ने भी रिकॉर्ड के आधार पर न सिर्फ जाति प्रमाणपत्र बनाया बल्कि पीएससी की परीक्षा पास कर कवर्धा में दंत चिकित्सक के पद पर पदस्थ है। चूंकि श्रीमती ऋचा जोगी , छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में एकमात्र मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमित जोगी की पत्नी और जोगी परिवार की बहू है इसलिए उन्हें अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है। पहले उन्हें चुनाव लड़ने से रोका गया और अब उनके जाति प्रमाण पत्र को ही रद्द कर दिया गया है ।

भगवानू नायक ने कहा पहले स्व अजीत जोगी को आदिवासी नहीं माना, फिर उनके सुपुत्र अमित जोगी को आदिवासी नहीं माना और अब जोगी परिवार की बहू श्रीमती ऋचा जोगी को गैर आदिवासी किया गया है। सरकार जोगी परिवार को आदिवासी मानने से इंकार तो करती है पर यह बताने के लिए भी तैयार नहीं है कि जोगी की जाति क्या है ? ऐसा लगता है पूरी दुनिया मे जोगी परिवार ही ऐसा है जिसकी कोई जाति नहीं है।

भगवानू नायक ने कहा स्वर्गीय अजीत जोगी जी के मृत्यु के पश्चात खाली हुई मरवाही सीट पर उपचुनाव के दौरान जोगी परिवार से हार के डर के कारण रातो रात अमित जोगी और ऋचा जोगी के नामांकन को रद्द कर दिया गया और उन्हें चुनाव लड़ने से वंचित कर लोकतंत्र की हत्या की गई है। जोगी को चुनाव से बाहर करने के लिए अजाजजा अधिनियम में भी परिवर्तन किया गया जिसको जोगी परिवार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है, अब ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया है उसको भी लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। जोगी परिवार को भारत के संविधान और न्यायिक प्रक्रिया में पूर्ण विश्वास है हमेशा की तरह आगे भी जोगी परिवार को न्यायालय से न्याय मिलेगा।

 

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