शुभांगी आप्टे 65 के उम्र में भी नहीं थकने वाली समाज सेवी पर्यावरण बचाने लड़ रही युद्ध

रायपुर (IMNB NEWS AGENCY) प्रदेश में सरकार कांग्रेस की रहे या भाजपा की समाज सेवी महिला शुभांगी आप्टे के कार्यों को सभी सराहते हैं। उनके कार्यों को लेकर उनकी तारीफ करने वालो में राज्यपाल सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ला हो पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ,प्रथम नेता प्रतिपक्ष डॉ नंद कुमार साय ,पूर्व मुख्यमंत्री  डॉ रमन सिंह या वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनका मंत्री मंडल हो या रायपुर के महापौर रहे प्रमोद दुबे,सुनील सोनी (वर्तमान रायपुर सांसद) वर्तमान महापौर एजाज ढेबर या रायपुर के लोकप्रिय विधायक पूर्व मंत्री

बृजमोहन अग्रवाल ,कुलदीप जुनैजा,मो अकबर,शिव डहरिया ऐसे नेताओ की एक लंबी सूची होगी दीदी को सभी जानते हैं।

रायपुर को स्वच्छ बनाने पर्यावरण बचाने शुभांगी काकी की मुहिम

 

 

 

 

शुभांगी आप्टे Shubhangi Apte यह नाम आपने कही जरूर सुना होगा। टीवी चैनलो और समाचार पत्रो में पढ़ा होगा। कभी कपडे़ की थैली का वितरण तो कभी बच्चो को स्कूल में हाथ धोने के तौर तरीके सिखने के कार्यक्रम में. बहारहाल Shubhangi Apte शुभांगी आप्टे एक 65 वर्षीय महिला कभी ना थकने वाली समाज सेवा में अग्रणी रहना जैसे उनका लक्ष्य है।
पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने रायपुर प्रेस क्लब के एक कार्यक्रम में कहा था कि अगर ममत्यी मां और बहन की कल्पना करेगे तो शुभांगी दीदी का चेहरा सामने होगा। उन्होंने शुभांगी दीदी को रायपुर नगर निगम का ब्रांड एम्बेडर भी घोषित किया था। सरल सहज शुंभागी दीदी को रायपुर शहर की सड़़को पर आसानी से किसी ना किसी सेवा भावी कार्यो में देख सकते हैं।खास तौर से कपड़े की थैली वितरण करते और महिलाओ से थैली सिलने की अपील करते हुए। उन्हें दिखने के बाद लगता है कि समाज सेवा के लिए आर्थिक रूप से सक्षम होना जरूरी नहीं है। वहीं शरीरिक तौर पर युवा होना भी नहीं बस समाज सेवा की भावना होनी चाहिए। इस सदी का अब तक सबसे संकट ग्रस्त समय जनवरी 2020 से भारत में शुरू हुआ कोरोना काल (विश्व महामारी) जो मार्च 2020 तक ताडंव करना शुरू कर चुका था। इसमें भी वह लोगो की मदद करने से पीछे नहीं हटी। Shubhangi Apte  शुभांगी आप्टे ने महिलाओ को जागरूक किया और उन्हें जनहित में मास्क सिलने के लिए प्रेरित कर पुलिस प्रशासन सहित अनेक संस्थानो में और आम जनता के बीच मास्क बाटा ,पर्यावरण को बचाने के लिए उन्होंने कपड़े की थैलियां सीलकर अलग अळग स्थानो में वितरित किया अपने इसी समाज सेवी आचरण के कारण अपने नाम के अनुरूप Shubhangi Apte शुभांगी दीदी की पहचान कायम है। सौ से अधिक कार्यक्रमो में सम्मान प्राप्त कर चुकी है। रायपुर नगर निगम ने उन्हें अपना ब्रांड एम्बेडर चुना था।

  1. पॉलीथिन प्लास्टिक झिल्ली से मुक्त करने कसी कमर
    शुभांगी आप्टे Shubhangi Apte एक लंबे अर्से से कपड़े की थैली वितरण कर समाज को जागरूक करने में जुटी हुई है। दर्जनो शासकीय अर्धशासकीय कार्यक्रमो के माध्यम से उन्होंने जनजागरण अभियान चलाया है। उनका मानना है कि समाज में जागरूकता के साथ साथ सहयोग की भी भावना आ रही है। शुरू शुरू में तो उन्हें मजाक और उपहास का भी सामना करना पड़ा लेकिन अब समाज में लोग उनकी मदद के लिए सामने आ रहे हैं.थैली सिलकर भी दी जा रही है। वहीं पर्यावरण बचाने के लिए चलाए जाने वाले कार्यक्रमों में उन्हें आमंत्रित कर सुझाव भी लिए जा रहे हैं। वहीं थैली सिलने के लिए महिला वर्ग सामने आ रही है। उन्होंने कहा की कपड़े की थैली का इस्तेमाल करने से ही हम बहुत हद तक पर्यावऱण की रक्षा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि व्यापारी मजबूर है समाज स्वंय छोड़ दे प्लास्टिक झिल्ली का उपयोग उत्पाद अपने आप बंद हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पालीथिन से पशु पक्षी सभी को नुकसान है। खासकर गौ सेवा करने वालो की भी यही शिकायत है कि गौ वंश झिल्ली खाने के कारण पेट की बीमारी से मर रही है। नदियों तालाबो में झिल्ली जल प्रदुषण फैला रहा है। वहीं कचरे के ढेर में आग लगाने से जलने वाली पालीथिन वायु प्रदुषण फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ती है।

शुभांगी आप्टे की जीवन पर एक नजर
65 वर्षीय शुंभागी आप्टेShubhangi Apte का जन्म महाराष्ट्र के पुणे में 25 अप्रैल सन 1955 में  हुआ है। उनकी शिक्षा दीक्षा रायपुर स्थित दानी कन्या शाला और डिग्री गर्लस कालेज पंडित रवि शुक्ला विश्वविद्यालय में हुआ है। उनकी बेटी मुंबई में है होम्योपैथी डॉक्टर है। बेटा दुबई में इंजिनियर है। उनके पति संजय मोरेश्वर आप्टे है। जो पेशे से एमआर है। पूरे परिवार का उनको सहयोग मिलता है। उनका मायका और ससुराल रायपुर में होने और बच्चो के बाहर रहने के कारण उन्हें भरपूर समय मिलता है। समाज की सेवा करने की उनका मानना है कि वह बेटे बेटियों के पास जा सकते हैं। लेकिन यहां रहकर वह समाज की सेवा कर रहे हैं। इससे उन्हें बहुत खुशी होती है। उन्होने कहा कि समाज भी उनका परिवार है। इसे छोड़ा नहीं जा सकता है।

महंगे कपड़ो और गहनों का त्याग कर उन पैसो को लगा दिया 

वर्ष 2001 से वह पूरी तरह समाज सेवा के लिए समर्पित है। IMNB को बताया कि पिछले 15 सालो से उन्होंने अपने लिए महंगे कपड़े और गोल्ड नहीं लिया है। उन पैसो को वह कपड़े की थैली बनाने में खर्च करती है।  Shubhangi Apte शुंभागी स्कूल कालेज के समय से ही समाजिक सेवा कार्यों में समर्पित रही है। लेकिन अब उन्होंने अपना महाराष्ट्र मंडल के दायरे से ज्यादा बड़ा कर लिया है। पिछले 20 सालो से वह पर्यावरण बचाने के लिए जनजागरूकता अभियान चला रही है। इससे उन्हें बहुत खुशी मिलती है। छोटी सी कहानी है उस महिला की जिसे हम सब अपनी प्रेरणा मानते हैं और बनाते हैं। शुभांगी आप्टे ने बता दिया है कि देश और समाज से प्रेम के लिए आप को सेना,पुलिस,राजनीति में जाए बिना भी कर सकते हैं। अगर आप किसी ऐसे पेशे में नहीं है जिससे सीधे तौर पर देश और समाज की सेवा होती है और आप के अन्दर देश और समाज की सेवा करने की ललक है तो आप शुभांगी आप्टे को अपनी प्रेरणा बना सकते हैं।

देश और समाज में मौजूद ऐसे ही प्रेरणाओ से हम आप को मिलाते रहेेगे और अपने हिस्से की डयूटी निभाते रहेगे । जय हिंद, वंदेमातरम , जय छत्तीसगढ़ (भारत योगी ) bharat yogi

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