समृद्धि की पेटिंग में उभरा सोनू सूद ,रील लाईफ का विलेन बना रियल लाईफ का हीरो

रायपुर (IMNB NEWS AGENCY) समृद्धि शर्मा Samruddhi Sharma(15 वर्ष)  10 की स्टुडेंट है IMNB समय समय पर Samruddhi Sharma समृद्धि शर्मा के कला से आप को परचित कराते रहता है(‌ नवरात्रि में अपने रूप सज्जा कला से समृद्धि ने नौ दिन मां के नौ रूप से परिचय करवाया था ) ‌ इस कड़ी में समृद्धि शर्मा ने लॉक डाउन और कोरोना काल में रील लाईफ के विलेन और रियल लाईफ के हीरो sonu सूद की एक तस्वीर बनाई है। समृद्धि Samruddhi Sharma

से ये पूछने पर की आखिर सोनू सूद ही क्यो जबकि सोनू सूद तो फिल्मों का खलनायक है शाहरूख ,अमीर, शैफ अली खान सूपर स्टार ,कैटरीना कैफ,क्यो नहीं ,जवाब मिलता है कोरोना काल में जब सरकार भी हाथ खड़े कर दी थी तब सोनू सूद sonu sud गरीब अप्रवासी मजदूरो की मदद करने के लिए सामने आने वाला असली हीरो है। बहारहाल हीरो बनाने के लिए रियल लाईफ में नि स्वार्थ सेवा करने वाला व्यक्ति ही लोगो की पसंद होगा भले ही वह फिल्मों कूर विलेन हो सोनू सूद sonu sud  ने कोरोना के बाद अब चमोली आपदा में पिता को खोने वाले बच्ची को गोद लेकर बॉलीवुड और समाज के उन सभी ख्याति प्राप्त लोगो के लिए प्रेरणा बन रहे हैं कि समाज में सिर्फ वाह वाही लूटने से काम नहीं चलेगा संकट की घड़ी में इंसान बनाना होगा। खास कर बॉलीवुड जगत को दर्शको के माध्यम से करोड़ लाखो रूपए कमाने वाले कलाकार इस समाज की कितनी सेवा करते हैं सकंट की घड़ी में या फिर सूपर स्टार अमिताभ बच्चन की तरह दोनो हाथ जेब में डालकर रखते हैं। कही कुछ बाहर ना निकल जाए इस देश और समाज से दर्शको के माध्यम से करोड़ो कमाने वाले कलाकारो की परीक्षा की घड़ी है।

कोरोना काल में अगर कोई सामने आया तो रील लाईफ का विलेन जिसने दो दर्जन से अधिक फिल्मों में काम कर अपने अभिनय का लोहा तो मनवाया ही लेकिन असल जीवन में उससे भी कही ज्यादा प्रभाव डाल दिया। 70 और 80 के दशक में manoj kumar मनोज कुमार का नाम एक ऐसे कलाकार के रूप में लिया जाता था जिसे फिल्मों के पर्दे में ही नहीं बल्कि हकीकत की जिदंगी में भी देश प्रेम और समाज की चिंता थी। तीन दशक बाद एक बार फिर सिनेमा जगत को manoj kumar मनोज कुमार की तरह सोनू सूद मिले हैं। राजनीतिक गलियारे में तो अमिताभ,धमेन्द्र,शत्रु घन सिन्हा,गोविंदा,मिथुन सलमान,अक्षय,अजय देवांगन कांग्रेस,सपा और bjp भाजपा की राजनीति में शामिल है। लेकिन कोरोना काल में एक भी कलाकार सोनू सूद से मुकाबला नही कर पाया है।

उत्तराखंड के चमोली जिले में आई आपदा से कई लोग बेघर हो गए हैं तो कई श्रमिकों को अपनी जान से हाथ गंवाना पड़ा। यहीं नहीं,सरकारी आंकड़ाें की मानें तो आपदा के बाद 204 लोग लापता हो गए थे। सेना, एनडीआरएफ,एसडीआरएफ,आईटीबीपी, बीआरओ आदि के जवान लापता लोगाें की तलाश में दिन-रात एक कर रहे हैं लेकिन, चिंता की बात है त्रासदी के 12 दिन बाद भी 174 श्रमिकों का कुछ पता नहीं है।

ऐसे में बॉलीवुड अभिनेता sonu sud सोनू सूद ने एक बार फिर मिसाल पेश की है। कोरोनाकाल में देशभर में फंसे लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने की मदद से कई लोग उनके कायल हो गए थे।  समाज सेवा में हमेशा आगे रहने वाले सूद ने त्रासदी में एक पीड़ित परिवार के बच्चों को गोद लेने का फैसला लिया है। टिहरी जिले की दोगी पट्टी में रह रहे एक परिवार की मदद को हाथ बढ़ाए हैं। इस परिवार की चार बच्चियों को उन्होंने गोद लिया है। आपदा में इन बच्चियों के पिता की मौत हो गई थी।

 

बता दें कि आलम सिंह (45) विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना से जुड़ी ऋत्विक कंपनी में इलेक्ट्रीशयन के पद पर कार्यरत थे। आपदा में आलम परियोजना की टनल के भीतर काम करने गए थे, लेकिन उसके बाद लौटे नहीं। आठ दिन बाद मलबे में दबा उनका शव मिला तो परिवार पर मानो दुख का पहाड़ टूट आया। इकलौते कमाऊ सदस्य की असमय मौत से उनकी पत्नी के कंधों पर अपनी और चार मासूम बच्चों आंचल (14), अंतरा (11), काजल (08) व दो वर्षीय अनन्या की जिम्मेदारी का बोझ आ गया। इस बीच सिने अभिनेता सोनू सूद देवदूत बनकर सामने आकर उन्होंने पहल की है। sonu sud सोनू सूद ने आलम सिंह के चारों बच्चों को गोद लेकर उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने का भरोसा दिया है।

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