विश्व एड्स दिवस पर विशेष,जानकारी ही है एड्स से बचाव-डॉ. मीरा बघेल


*‘’असमानताओं का अंत करें’’ ‘’एड्स का अंत करें’’ ‘’महामारी का अंत करें’’की थीम पर मनाया जाएगा विश्व एड्स दिवस*
*रायपुर 30 नवंबर 2021 ।* राज्य के एनएफएचएस-5 के आंकड़ों में यह बात सामने आई है कि पहले जहाँ 20 प्रतिशत महिलाओं को ही एचआईवी एड्स की जानकारी थी वहीँ अब 23 प्रतिशत महिलाओं को एचआईवी एड्स के बारे में पर्याप्त जानकारी है। इसके अतिरिक्त पहले 57 प्रतिशत महिलाएं ही जानतीं थीं कि शारीरिक सम्बन्ध के दौरान कंडोम के प्रयोग से एचआईवी एड्स से बचा जा सकता है वहीँ अब लगभग 76 प्रतिशत महिलाओं को इस बारे में पता है।
इस सम्बन्ध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मीरा बघेल ने बताया, “एचआईवी (ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस) एक प्रकार के जानलेवा इंफेक्शन से होने वाली गंभीर बीमारी है जिसे मेडिकल भाषा में ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस यानी एचआईवी के नाम से जाना जाता है । जबकि लोग इसे आम बोलचाल में एड्स यानी एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम के नाम से भी जानते हैं। इस रोग में जानलेवा इंफेक्शन व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) पर हमला करता है जिसकी वजह से शरीर सामान्य बीमारियों से लड़ने में भी अक्षम होने लगता है। इस बीमारी का कोई इलाज़ नहीं है लेकिन जागरुकता से ही इस बीमारी का बचाव संभव है।“
विश्व एड्स दिवस हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है। इस वर्ष “असमानताओं को समाप्त करें, एड्स खत्म करें’’ की थीम पर विश्व एड्स दिवस मनाया जाएगा । कोविड नियमों का पालन करते हुए एड्स जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा ।
*किसी भी उम्र में हो सकती है यह बीमारी*
एचआईवी संक्रमण की वजह से होने वाली यह बीमारी हर उम्र के लोगों में हो सकती है जागरूकता बढ़ाना ही इसका बचाव है। एड्स वर्तमान युग की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। शुरुआती दौर में विश्व एड्स दिवस को सिर्फ बच्चों और युवाओं से ही जोड़कर देखा जाता था जबकि एचआईवी संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। साल 1996 में एचआईवी/ एड्स पर संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक स्तर पर इसके व्यापक प्रचार और प्रसार का काम किया । वर्ष 1997 में विश्व एड्स अभियान के तहत संचार, रोकथाम और शिक्षा पर काफी काम किया। विश्व में प्रत्येक वर्ष एचआईवी संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे (World AIDS Day) यानि विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। सबसे पहले विश्व एड्स दिवस को वैश्विक स्तर पर मनाने की शुरूआत वल्ड हेल्थ आर्गनाईज़ेशन में एड्स की जागरुकता अभियान से जुड़े जेम्स डब्ल्यू बुन और थॉमस नेटर नाम के दो व्यक्तियों ने अगस्त 1987 में की थी।
*इस नंबर से लें ज्यादा जानकारी*
छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति रायपुर द्वारा अधिक जानकारी के लिए 1097 टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है जिस पर कॉल करके एड्स संबंधित जानकारियां प्राप्त की जा सकती है ।
*एचआईवी क्या है*
एचआईवी यानी ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस हमारे इम्यून सिस्टम पर असर डालता है। इसके कारण शरीर किसी अन्य रोग के संक्रमण को रोकने की क्षमता खोने लगता है। वहीं एड्स एचआईवी संक्रमण का अगला चरण माना जाता है। शरीर का बैक्टीरिया वायरस से मुकाबला करने की क्षमता खोने लगता है। जिससे शरीर बीमारियों की चपेट में आने लगता है। शरीर प्रतिरोधक क्षमता आठ-दस सालों में ही न्यूनतम हो जाती है। इस स्थिति को ही एड्स कहा जाता है।
*तीन टेस्ट के बाद आता है परिणाम*
इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (आइसीटीसी) रायपुर से मिली जानकारी के अनुसार एचआईवी की संभावना वाले व्यक्ति को तीन तरह का टेस्ट कराना पड़ता है। इससे ही उसके पॉजिटिव या निगेटिव होने की पुष्टि होती है। अगर वह व्यक्ति संक्रमित पाया जाता है तो उसका नियमित तरीके से इलाज शुरू किया जाता है। संक्रमित व्यक्ति के बारे में किसी को नहीं बताया जाता है। इसको गुप्त रखा जाता है।
*इन वजहों से होता है एड्स*
संक्रमित खून चढ़ाने से ,HIV पॉजिटिव महिला से उसके बच्चे को, एक बार इस्तेमाल की जानी वाली सुई को दूसरी बार यूज करने से,इन्फेक्टेड ब्लेड यूज करने से साथ ही एचआईवी/एड्स होने के लक्षण में प्रमुख रूप से बुखार, पसीना आना, ठंड लगना, थकान, भूख कम लगना, वजन घटना,उल्टी आना,गले में खराश रहना,दस्त होना,खांसी होना, सांस लेने में समस्या, शरीर पर चकत्ते होना, स्किन प्रॉब्लम आदि है।

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