पड़ोसी राज्यों से आने वाले धान को छत्तीसगढ़ में खपाने से रोकें, शासन-प्रशासन को सहयोग करें : भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री ने किसानों और नागरिकों का किया आव्हान
प्रदेश सरकार हर हाल में किसानों से 25 सौ रूपए क्विंटल पर खरीदेगी धान – बघेल ने दोहराया संकल्प
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजनांदगांव के स्टेट हाईस्कूल मैदान में आयोजित राजीव गांधी आश्रय योजना पट्टा वितरण, विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह में प्रदेश के किसानों और नागरिकों से आव्हान किया है कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले धान को छत्तीसगढ़ में खपाने से रोकें, इस काम में शासन-प्रशासन को सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 137 करोड़ 20 लाख रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 54 करोड़ 27 लाख रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 82 करोड़ 74 लाख रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने जिले में राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत पट्टे वितरण का शुभारंभ किया। उन्होंने घर पहुंच पेंशन मितान योजना का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरूआत राज्यगीत ‘‘अरपा पैरी के धार – महानदी हे अपार’’ से हुई। समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों और आम नागरिकों ने अपनी जगह पर खड़े होकर राज्यगीत का सम्मान किया। मुख्यमंत्री सहित सभी अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया। श्री बघेल ने समारोह स्थल पर लगे जिले के नगरीय निकायों के स्टॉलों में जाकर राजीव गांधी आश्रय योजना के पट्टेधारी लोगों से चर्चा भी की।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अपना वायदा पूरा करेगी और हर हाल में किसानों का धान 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से ही खरीदेगी। छत्तीसगढ़ की जनता के आशीर्वाद और सहयोग से हमारी सरकार अनाज का अपमान नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को धान की भरपूर कीमत मिलने के कारण छत्तीसगढ़ में मंदी की स्थिति नहीं है। श्री बघेल ने कहा कि केन्द्र सरकार से केन्द्रीय पुल का चावल लेने के लिए हमारी कोशिश लगातार जारी है। छत्तीसगढ़ की जनता ने हमारी सरकार को आशीर्वाद दिया है। जनता के हक की आवाज दिल्ली तक जरूर पहुंचेगी। श्री बघेल ने कहा कि इस साल खरीफ मौसम में 85 लाख मीटरिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। छत्तीसगढ़ में गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा सबके विकास के लिए योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जा रहा है। लोगों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 5 लाख रूपए तक के इलाज की सुविधा दी जाएगी। बड़ी बीमारियों में 20 लाख रूपए तक की सहायता देने की योजना बनाई गई है। देश में छत्तीसगढ़ एक मात्र ऐसा राज्य है जो इतनी बड़ी राशि इलाज के लिए देने का फैसला लिया है।
श्री बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने योजना शुरू की गई है। ऐसे बच्चों को अतिरिक्त पोषण आहार दिया जा रहा है। प्रदेश की 41 प्रतिशत से अधिक महिलाएं एनीमिया से पीडि़त हैं। इन महिलाओं को भी पोषण आहार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री हॉट बाजार क्लीनिक योजना से दूरस्थ अंचलों के लोगों को इलाज की सुविधा मिल रही है। शहरी गरीबों के लिए मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना चल रही है। श्री बघेल ने कहा छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी – नरवा, गरवा, घुरवा और बारी योजना से एक ओर जहां ग्रामीण अर्थ व्यवस्था मजबूत होगी वहीं दूसरी ओर आज की जरूरत के अनुरूप जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
श्री बघेल ने लोगों से खरीफ धान के पैरा को वर्मीकम्पोस्ट बनाने के लिए उपयोग करने का आग्रह करते हुए कहा कि पैरा को जलाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा। श्री बघेल ने गोठान योजना की चर्चा करते हुए कहा कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिए सबका सहयोग चाहिए। श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संपदा का उपयोग जनता के हित में किया जाएगा। उन्होंने लोगों से शासकीय योजनाओं का लाभ लेने का भी आग्रह किया। श्री बघेल ने कहा कि गरवा योजना के तहत विकसित किए जा रहे गौठानों में भी किसानों को पैरा दान करना चाहिए।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों का कर्जा माफ, 2500 रूपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी, बिजली बिल हाफ, बोनस वितरण, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि जैसे वायदे पूरे हो गए हैं। श्री अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य है। जहां के 65 लाख परिवारों को राशन कार्ड के दायरे में लाया गया है।
कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बने 19 साल पूरे हो गए, लेकिन अब मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सरकार आने के बाद पहली बार छत्तीसगढिया लोगों को लग रहा है कि यह उनका राज्य है। मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन को एक नया सम्मान मिला है। मुख्यमंत्री की सोच है कि कोई भी गरीब आदमी बेघर न रहे इसलिए राजीव आश्रय योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में पट्टे दिए जा रहे हैं। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की राह में चलकर छत्तीसगढ़ का विकास करना है।
नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने कहा कि राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत 19 नवम्बर 2018 से पूर्व सार्वजनिक अथवा नजूल की जगह पर काबिज शहरी गरीबों को पट्टे दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मोर जमीन-मोर मकान योजना के तहत शहरी क्षेत्रों के गरीबों के कच्चे मकान को पक्का बनाने आर्थिक सहायता दी जा रही है। मोर मकान-मोर चिन्हारी योजना के तहत शहरों में सार्वजनिक जगहों पर बसे लोगों को बसाहट दी जाएगी।
समारोह में विधायक सर्वश्री दलेश्वर साहू, श्री इन्द्रशाह मंडावी, श्रीमती छन्नी साहू, श्री भुनेश्वर बघेल, श्री देवव्रत सिंह, जिला पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती चित्रलेखा वर्मा, नगर निगम राजनांदगांव के महापौर श्री मधुसूदन यादव, राज्य अल्प संख्यक आयोग के सदस्य श्री हफीज खान, पूर्व सांसद श्रीमती करूणा शुक्ला सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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