प्रतिदिन स्वाध्याय से धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है* महावीर जन्मकल्याणक पर घर घर स्वाध्याय,*23 अप्रेल को माता पिता की सेवा करो – भव से तरो,24 अप्रेल को मूक प्राणियों की सेवा करो – भव से तरो

*23 अप्रेल को माता पिता की सेवा करो – भव से तरो*

*24 अप्रेल को मूक प्राणियों की सेवा करो – भव से तरो*

भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव के अवसर पर सकल जैन समाज ने स्वाध्याय दिवस मनाया । वर्तमान समय में शास्त्रों के अध्ययन के साथ ही नई पीढ़ी यू ट्यूब , गूगल पर धार्मिक सामग्री देख सुनकर भी स्वाध्याय करती है । यहाँ भी सुलभ व विशाल संग्रह उपलब्ध है । बच्चों , युवाओं व बुजुर्गों ने सपरिवार स्वाध्याय कर धर्म चर्चा की । भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष महेन्द्र कोचर व चन्द्रेश शाह ने कहा कि कोरोना संकट के समय स्वाध्याय घर पर की जाने वाली श्रेष्ठ क्रिया है । जो हमें वीर प्रभु के बताए श्रेष्ठ मार्ग को प्रशस्त करती है। अध्यक्ष महेन्द्र कोचर ने बताया कि 23 अप्रेल को घर घर माता पिता की सेवा पूजा का प्रकल्प रखा गया है । कोचर ने आगे कहा कि माता पिता की सेवा पूजा केवल जैन ही नही अपितु सभी समाज के लोग मना सकते हैं । मुख्य सलाहकार विजय चोपड़ा व कमल भन्साली ने कहा कि जैन भाई बहन घर पर अपने से बड़ों का सम्मान करें व महावीर जन्मकल्याणक पर प्रतिदिन प्रणाम करने का संकल्प लेवें । रात्रि में माता पिता के पैर दबाएं फिर सोवें ।यही भारतीयों के संस्कार हैं । महासचिव चन्द्रेश शाह व कोषाध्यक्ष सुशील कोचर ने बताया कि 24 अप्रेल को मूक प्राणियों की सेवा करो भव से तरो का आव्हान किया गया है । सकल जैन समाज के परिवार अपने घरों के आसपास रहने वाले मूक प्राणियों पशु पक्षियों के लिए भोजन पानी की व्यवस्था करेंगे ।अध्यक्ष महेन्द्र कोचर ने कहा कि कोरोना काल में गाय सांड़ कुत्ते आदि घुमन्तु पशु भी भूखे रहा जाते हैं अतः जैन समाज के लोग उनकी सेवा करेंगे । पक्षियों के लिए घर की छत पर सकोरे व दाने रखकर सेवा करें । अध्यक्ष महेन्द्र कोचर ने बताया कि भगवान महावीर जन्मकल्याणक 25 अप्रेल को घर घर पर मनाया जाएगा प्रातः 7 से 8 बजे तक नवकार जाप , 8.45 बजे से सामायिक करना है । जन्मकल्याणक के अवसर पर प्रतिवर्ष सामुहिक साधर्मिकवात्सल्य ( भोज ) रखा जाता है जिसमें जैन दादाबाड़ी में लगभग दस हजार लोग शामिल होते हैं । कोरोना की वजह से इस वर्ष सभी घर पर खीर पूड़ी व अन्य व्यंजन बनाकर भोजन करेंगे । रात्रि 8. 45 बजे से वीर भक्ति करो भव से तरो रखा गया है ।

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