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कर्ज़ नहीं, कैश दो” और “देश नहीं बिकने देंगे” के लगे नारे, मोदी सरकार की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे प्रदेश में हुए विरोध प्रदर्शन
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कर्ज़ नहीं, कैश दो” और “देश नहीं बिकने देंगे” के लगे नारे, मोदी सरकार की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे प्रदेश में हुए विरोध प्रदर्शन

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के देशव्यापी आह्वान पर आज यहां छत्तीसगढ़ में भी राजनांदगांव, बस्तर, धमतरी, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, रायपुर, महासमुंद, रायगढ़, चांपा-जांजगीर, सूरजपुर, कोरिया, मरवाही, गरियाबंद जिलों के अनेकों गांवों और मजदूर बस्तियों में केंद्र में मोदी सरकार की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किये गए और केंद्र और राज्य सरकार से जन विरोधी नीतियों को वापस लेने, गरीबों को खाद्यान्न और नगद राशि से मदद करने, कोयला, रेलवे, बैंक-बीमा, प्रतिरक्षा सहित अन्य सार्वजनिक उद्योगों के निजीकरण पर रोक लगाने, मनरेगा में 200 दिन काम और 600 रुपये रोजी देने, मजदूर-किसान विरोधी अध्यादेशों और प्रशासकीय आदेशों को वापस लेने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को सार्वभौमिक बनाने और सभी लोगों का कोरोना टेस्ट किये जाने की मांग जोर-शोर से उठाई गई। सीटू, छत्तीसगढ़ क...
कर्ज़ नहीं, कैश दो; कॉर्पोरेट भगाओ — किसानी बचाओ” के नारे के साथ किसानों ने कहा : देश नहीं बिकने देंगे. मजदूर-किसान विरोधी और कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ पूरे प्रदेश में हुए विरोध प्रदर्शन
कोरबा, खास खबर, छत्तीसगढ़ प्रदेश, देश-विदेश

कर्ज़ नहीं, कैश दो; कॉर्पोरेट भगाओ — किसानी बचाओ” के नारे के साथ किसानों ने कहा : देश नहीं बिकने देंगे. मजदूर-किसान विरोधी और कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ पूरे प्रदेश में हुए विरोध प्रदर्शन

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति, भूमि अधिकार आंदोलन और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के देशव्यापी आह्वान पर आज यहां छत्तीसगढ़ में भी राजनांदगांव, बस्तर, धमतरी, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, रायपुर, महासमुंद, रायगढ़, चांपा-जांजगीर, सूरजपुर, मरवाही, कांकेर और गरियाबंद जिलों के अनेकों गांवों, खेत-खलिहानों और मनरेगा स्थलों में आज केंद्र में मोदी सरकार की मजदूर-किसान विरोधी और कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन आयोजित किये गए और कोरोना संकट के मद्देनजर गरीबों को प्रति माह प्रति व्यक्ति 10 किलो अनाज और एक-एक किलो दाल, शक्कर, तेल से और प्रति परिवार 10000 रुपये नगद राशि से मदद करने; कोयला, बैंक-बीमा और रेलवे सहित अन्य सार्वजनिक उद्योगों के निजीकरण पर रोक लगाने; मनरेगा में 200 दिन काम और 600 रुपये रोजी देने; बिजली कानून, मंडी कानून, आवश्यक वस्तु, कृषि व्यापार और ठे...
“कर्ज़ नहीं, कैश दो” के नारे के साथ किसानों ने कहा : देश नहीं बिकने देंगे, मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे प्रदेश में हुए विरोध प्रदर्शन
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“कर्ज़ नहीं, कैश दो” के नारे के साथ किसानों ने कहा : देश नहीं बिकने देंगे, मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे प्रदेश में हुए विरोध प्रदर्शन

मजदूर-किसान संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर आज यहां छत्तीसगढ़ में भी राजनांदगांव, बस्तर, धमतरी, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, रायपुर, महासमुंद, रायगढ़, चांपा-जांजगीर, सूरजपुर, कोरिया, मरवाही, गरियाबंद जिलों के अनेकों गांवों, मजदूर बस्तियों और उद्योगों में आज भी केंद्र में मोदी सरकार की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किये गए और केंद्र और राज्य सरकार से किसान विरोधी, गांव विरोधी नीतियों को वापस लेने, गरीबों को खाद्यान्न और नगद राशि से मदद करने, कोयला और रेलवे सहित अन्य सार्वजनिक उद्योगों के निजीकरण पर रोक लगाने, मनरेगा में 200 दिन काम और 600 रुपये रोजी देने, मजदूर-किसान विरोधी अध्यादेशों और प्रशासकीय आदेशों को वापस लेने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को सार्वभौमिक बनाने और सभी लोगों का कोरोना टेस्ट किये जाने की मांग जोर-शोर से उठाई गई। छत्तीसगढ़ किस...
कर्ज़ नहीं, कैश दो के नारे के साथ किसान संगठनों ने बनाया प्रवासी मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार को भी मुद्दा
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कर्ज़ नहीं, कैश दो के नारे के साथ किसान संगठनों ने बनाया प्रवासी मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार को भी मुद्दा

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (AIKSCC) के देशव्यापी किसान आंदोलन के आह्वान को यहां छत्तीसगढ़ में दूसरे दिन भी विस्तार दिया गया और बस्तर, धमतरी, बिलासपुर, कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, रायपुर, महासमुंद सहित कई जिलों के अनेकों गांवों में आज भी प्रदर्शन आयोजित किये गए और केंद्र और राज्य सरकार से किसान विरोधी, गांव विरोधी नीतियों को वापस लेने, गरीबों को खाद्यान्न और नगद राशि से मदद करने के साथ ही प्रवासी मजदूरों के साथ राहत कैम्पों और क्वारंटाइन सेंटरों में मानवीय व्यवहार किये जाने, उनकी भोजन व पोषण आवश्यकताओं को पूरा किये जाने और सभी लोगों का कोरोना टेस्ट किये जाने की मांग जोर-शोर से उठाई गई। छत्तीसगढ़ किसान सभा (CGKS) के राज्य अध्यक्ष संजय पराते और किसान संगठनों के साझे मोर्चे से जुड़े विजय भाई ने बताया कि इन दोनो दिनों में 20 जिलों के सैकड़ों गांवों में कोविद-19 प्रोटोकॉल के फिजिकल डि...