Tag: कवंर आदिवासी समाज ने दिखाया जागरूकता विश्व आदिवासी दिवस पर समारोह के बजाए घर आंगन

कवंर आदिवासी समाज ने दिखाया जागरूकता विश्व आदिवासी दिवस पर समारोह के बजाए घर आंगन,समाजिक भवन,देव स्थलो पर जलाएगें सिर्फ 9 दिपक आनलाईन निंबध और वेशभूषा प्रतियोगिता
कांकेर, छत्तीसगढ़ प्रदेश, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, महासमुंद, रायगढ़, रायपुर

कवंर आदिवासी समाज ने दिखाया जागरूकता विश्व आदिवासी दिवस पर समारोह के बजाए घर आंगन,समाजिक भवन,देव स्थलो पर जलाएगें सिर्फ 9 दिपक आनलाईन निंबध और वेशभूषा प्रतियोगिता

*छत्तीसगढ़ कंवर समाज द्वारा 09अगस्त20 "विश्व आदिवासी दिवस " पर कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए घर - आंगन , सामाजिक भवन और देवस्थलों में 09 दीया जलाने का निर्णय लिया गया एवं आदिवासी संस्कृति की जानकारी और वेशभूषा को संजोने के लिए ऑनलाइन निबंध और वेशभूषा प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।* छत्तीसगढ़ प्रदेश आदिवासी बाहुल्य राज्य है और वर्ष 2011 के जनगणना अनुसार छ ग प्रदेश में लगभग 78 लाख 22 हज़ार 902 आदिवासी समाज में निवास करती है ,जिसमें से प्रमुख रूप से आदिवासी समाज जैसेगोंड ,कंवर ,हल्बा ,उरांव ,नगारची ,मुंडा , कमार ,बैगा ,भरिया ,नगेशिया ,मंझवार ,खैरवार ,धनवार , अबुझमाड़िया , पहाड़ी कोरबा , बिरहोर , बैगा है । संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित दिनांक 09 अगस्त 1982 को "विश्व आदिवासी" के रूप में मूलवासी समाज की उपेक्षा ,बेरोजगारी ,बंधुवा बाल मजदूरी जैसे समस्याओं से ग्रसित होने पर इन समस्याओ...