Tag: : *किसानों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा देने के मुद्दे पर एकजुट हुए प्रदेश के 25 संगठन : कल होगा देशव्यापी प्रदर्शन*

शिक्षक दिवस ,चर्च में धर्मगुरुओं और गुरुओं का सम्मान
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शिक्षक दिवस ,चर्च में धर्मगुरुओं और गुरुओं का सम्मान

रायपुर। सेंट पॉल कैथेड्रल में रविवार को धर्म गुरुओं और गुरुओं का शिक्षक दिवस पर महिला सभा ने सम्मान किया। उनके लिए आराधना में विशेष प्रार्थना की गई। उन्हें शाल, पेन, डायरी और छोटी बाइबल भेंट की गई। इस अवसर पर बिशप रॉबर्ट अली, पादरी अजय मार्टिन, सहायक पुरोहित श्री मारकुस केजू, श्री अब्राहम दास, श्री एम आर पतरस व श्री इस्माईल मसीह उपस्थित थे। महिला सभा अध्यक्ष नीला मुंडू, सचिव प्रीति प्रकाश आदि ने शिक्षकों के योगदान पर आभार माना।...
सीएम भूपेश के जन्म दिन पर जोगी परिवार के भेजे केक को वापस करने से मचा बवाल,अमित ने समर्थको से कहा तूल ना दे मामले को
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सीएम भूपेश के जन्म दिन पर जोगी परिवार के भेजे केक को वापस करने से मचा बवाल,अमित ने समर्थको से कहा तूल ना दे मामले को

सोशल मीडिया पर एक खबर दो दिनों से बहुत ज्यादा वाइरल हो रही है। छत्तीसगढ़ के तमाम क्षेत्रों को लाँघते हुए ये पोस्ट दिल्ली तक जा पहुंची।सभी जगह से मुझ से हकीकत जानने का आग्रह किया गया है। पूरे मरवाही का हमारा परिवार, मेरे अपने लोग इस खबर से मर्माहत हैं इसलिए मैं स्थिति साफ करना चाहता हूँ। आदरणीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी का परसों जन्मदिन था। मैंने और मेरी धर्मपत्नी ऋचा ने उनके सम्मान में अपनी शुभकामनाओं समेत मेरे स्वर्गीय पिता जी का पसंदीदा स्ट्रोबेरी केक भेजा था। ऐसे अवसरों पर ये एक ‘Good Gesture’ (शुभकामना) का प्रतीक होता है। हमारे द्वारा भेजे गए केक को लौटा दिया गया। ये सच है। ठीक है ये आदरणीय मुख्यमंत्री जी का gesture है। सभी शुभचिंतकों से विनम्र आग्रह है कृपया इसे तूल न दें। https://twitter.com/amitjogi/status/1298190481340342272?s=21...
भूपेश का जोगी पर आरोप अमानवीय व कुंठा का प्रतीक : रिजवी
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भूपेश का जोगी पर आरोप अमानवीय व कुंठा का प्रतीक : रिजवी

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मीडिया प्रमुख एवं मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के उस बयान जिसमें उन्होंने प्रथम मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी पर कांग्रेस को 15 साल तक सत्ता से दूर रखने का आरोप लगाया है, वह अमर्यादित तो है ही, साथ ही झूठा भी है। श्री बघेल का बयान गैरजिम्मेदाराना एवं कुंठा से ग्रसित प्रतीत होता है। दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी की काबलियत, राजनैतिक सूझ-बूझ एवं अतुलनीय प्रशासनिक कसावट का कोई सानी नहीं है। श्री भूपेश बघेल का अशोभनीय कथन एवं सोच मुख्यमंत्री पद की गरिमा के विपरीत है। यहां संत कबीर की यह पंक्तियां प्रासंगिक सिद्ध हो रही जिसमें कहा गया है कि ‘बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलया कोय, जो मन टटोला अपना, मुझसे बुरा न कोय’ पंक्ति का स्मरण कराता है। स्व. अजीत जोगी को मृत्युपरांत कोसना...
Exclusiveप्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप महिला सरपंच की सूझबूझ से आत्मनिर्भर हो रहे हैं मजदूर
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Exclusiveप्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप महिला सरपंच की सूझबूझ से आत्मनिर्भर हो रहे हैं मजदूर

किशोर कर ब्यूरोचीफ महासमुंद Exclusiveप्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप महिला सरपंच की सूझबूझ से आत्मनिर्भर हो रहे हैं मजदूर अप्रवासी मजदूर क्वारेंटीन अवधि में बना रहे हैं ईंट महासमुंद - छत्तीसगढ़ के महासमुन्द जिले की ग्राम पंचायत मानपुर (पटेवा) की महिला सरपंच ब्रिजेन हीरा बंजारे। जिनकी सूझबूझ से मजदूर परिवारों के आत्मनिर्भर बनने की इस समय खूब चर्चा हो रही है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने जहां राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन है।  बेरोजगारी की संकट उत्पन्न हो गई। पलायन कर गए श्रमिक अपने गृहग्राम लौट रहे हैं। जहां उन्हें 14 दिन के लिए कवारंटाइन किया जा रहा है। ऐसे समय में कवारंटाइन अवधि में भी रोजगार मुहैया कराने के लिए सरपंच ने नवाचार किया है। जिसे सोशल मीडिया में खूब वाहवाही मिल रही है। पलायन कर गए थे ओडिशा दरअसल, मानपुर गांव से दर्जनभर श्रमिक ईट भट्ठा में काम करने छत्ती...
किसानों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा, किसानी को मान देने और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी की मांग : पूरे प्रदेश में दूसरे दिन भी हुए प्रदर्शन
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किसानों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा, किसानी को मान देने और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित घर वापसी की मांग : पूरे प्रदेश में दूसरे दिन भी हुए प्रदर्शन

*अब 27 मई को ग्राम पंचायत स्तर पर प्रदर्शन का आह्वान* कोरोना संकट के कारण उपजी विपरित परिस्थितियों में किसानों को वास्तविक राहत देने, खेती-किसानी की समस्या को हल करने और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षित वापसी को लेकर छत्तीसगढ़ में किसानों और आदिवासियों के पचीसों संगठनों के साझे आह्वान पर आज भी पूरे प्रदेश में किसानों के विरोध प्रदर्शनों की खबरें मिल रही हैं। कोरबा, कवर्धा, कांकेर, सूरजपुर, सरगुजा, गरियाबंद, रायगढ़ आदि जिलों में आज भी किसानों ने अपने घरों या खेत-खलिहानों और मनरेगा स्थलों पर मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया और 'कर्ज नहीं, कैश दो' के नारे लगाए। छत्तीसगढ़ किसान सभा के राज्य अध्यक्ष संजय पराते और किसान संगठनों के साझे मोर्चे से जुड़े विजय भाई ने बताया कि इन दो दिनों में प्रदेश के 20 जिलों के सैकड़ों गांवों में ये विरोध प्रदर्शन आयोजित किये गए। आज प्रदर्शन में भाग...
:  *किसानों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा देने के मुद्दे पर एकजुट हुए प्रदेश के 25 संगठन : कल 16 मई को होगा देशव्यापी प्रदर्शन*
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: *किसानों को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा देने के मुद्दे पर एकजुट हुए प्रदेश के 25 संगठन : कल 16 मई को होगा देशव्यापी प्रदर्शन*

25 किसान संगठनों और नेताओं का संयुक्त प्रेस बयान अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति से जुड़े देश के 300 से अधिक संगठनों ने मिलकर कल 16 मई को किसानों को मान-सम्मान और सामाजिक सुरक्षा देने के मुद्दे पर देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ में भी किसानों और दलित-आदिवासियों से जुड़े 25 से ज्यादा संगठन एकजुट हो गए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि केंद्र की मोदी सरकार की कृषि व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करें और फिजिकल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए अपने-अपने घरों से या गांव की गलियों में कतार बनाकर अपने संगठन के झंडे-बैनरों के साथ अपनी मांगों के पोस्टर लहरायें और आधे घंटे नारेबाजी करें। ग्रामीणों को अपनी सुविधानुसार विरोध प्रदर्शन का समय तय करने के लिए कहा गया है। आयोजकों के अनुसार, इन सभी संगठनों के साथ आने से प्रदेश के सैकड़ों गांवों में य...