Saturday, February 4

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महान संगीत रचने के लिये लय और पद्य के बीच विवाह सरीखे मधुर सम्बंध होने चाहियेः प्रसून जोशी
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महान संगीत रचने के लिये लय और पद्य के बीच विवाह सरीखे मधुर सम्बंध होने चाहियेः प्रसून जोशी

गीतकार का सबसे महत्त्वपूर्ण गुण उसकी प्रामाणिकता होता है नई दिल्ली (IMNB). शब्दों के उस्ताद खिलाड़ी प्रसून जोशी ने कहा है कि महान संगीत की रचना के लिये कवि के पद्य और संगीतकार की लय के बीच विवाह सरीखे मधुर सम्बंध होने चाहिये। श्री जोशी 53वें भारत अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान आज गोवा में आयोजित एक संवाद-सत्र में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “गीतकार और संगीतकार के बीच का रिश्ता दो विपरीत प्राणियों का एक साथ रहने जैसा होता है, लेकिन दोनों को हमेशा एक-दूसरे का पूरक होना चाहिये।”   “आर्ट एंड क्राफ्ट ऑफ लिरिक राइटिंग” विषयक संवाद-सत्र को सम्बोधित करते हुये जाने-माने कवि और गीतकार ने कहा कि ‘प्रामाणिकता’ एक गीतकार का सबसे महत्त्वपूर्ण गुण होता है। उन्होंने कहा, “आप जैसा कोई नहीं है। आप अनोखे और बेमिसाल हैं। एक गीतकार को हमेशा अपनी शैली में लिखने की, अपने शब्दों को ...