Tag: Badal Saroj

मृत्यु महोत्सव के बाद टीका उत्सव : देश के साथ छल, छद्म और कपट की राजनीति
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मृत्यु महोत्सव के बाद टीका उत्सव : देश के साथ छल, छद्म और कपट की राजनीति

*(आलेख : बादल सरोज)* महामारी की तीसरी लहर के आने की आशंकाओं, जिसकी अब डेल्टा वैरिएंट के नाम पर पहचान तथा अधिकृत पुष्टि भी हो गयी है, के बीच जनता को किसी भी तरह की राहत देने से मोदी सरकार ने सीना ठोंक के मना कर दिया है। जो खुद किसी राष्ट्रीय आपदा से कम नहीं है, वह मोदी सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन क़ानून के बाध्यकारी प्रावधानों से भी मुकर गयी है। कोरोना को बाहर से आयी और लगातार आने वाली विपदा बताकर एक तरह से उसने इसे महामारी या राष्ट्रीय आपदा तक मानने से भी इंकार कर दिया है। जिस देश में इस महामारी के कालखण्ड में करीब 50 लाख से ज्यादा मौतें हुयी हों, (गुजरात से मध्यप्रदेश तक मौतों की असली संख्या को छुपाने के आपराधिक धतकरम हर रोज उजागर हो रहे हैं, किन्तु इसके बाद भी सरकारी आंकड़ा अभी 4 लाख तक भी नहीं पहुंचा है।) घर के कमाने वालों की मौतों के चलते लाखों परिवारों को दो जून के खाने और जिंदगी बच...
डॉ अम्बेडकर की 130 वीं सालगिरह पर विशेष आलेख : *बाबा साहब,भारतीय संविधान और मौजूदा खतरे
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डॉ अम्बेडकर की 130 वीं सालगिरह पर विशेष आलेख : *बाबा साहब,भारतीय संविधान और मौजूदा खतरे

*(आलेख : बादल सरोज)* *संविधान सभा के लिए दो बार चुने गए थे बाबा साहब* आजादी के लिए हुए समझौते और तिथि तय हो जाने के बीच ही संविधान सभा के लिए चुनाव हुए थे। जुलाई 1946 में करीब 10 लाख पर एक के हिसाब से एक सदस्य के साथ 292 सदस्य चुने गए। इनके अलावा 93 प्रतिनिधि रियासतों के थे और 4 प्रतिनिधि दिल्ली, अजमेर-मेवाड़. कूर्ग और ब्रिटिश बलोचिस्तान से थे। बाबा साहब संविधान सभा के लिए बंगाल की जैसोर खुलना सीट से जीते। इस सीट से लड़ने के लिए उन्हें मुस्लिम लीग के बड़े नेता और नमोशूद्र आंदोलन से जुड़े समाज सुधारक जोगेंद्र नाथ मंडल ने न्यौता देकर बुलाया था। मगर विभाजन में जैसोर और खुलना पाकिस्तान (अब के बांग्लादेश) में चला गया। ऐसी स्थिति में नेहरू की पहल पर उन्हें कांग्रेस और कम्युनिस्टों के समर्थन से बॉम्बे प्रेसीडेंसी के एक कांग्रेसी सदस्य की सीट खाली करवा कर वहां से चुनवाकर लाया गया। इस तरह डॉ. अम्बे...
कैलेंडर का विमोचन,लालच और असीमित मुनाफे की हवस ने पूरी दुनिया को विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है,. कॉमरेड लाल का संघर्ष पृथ्वी को बचाने का संघर्ष था, बादल सरोज
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कैलेंडर का विमोचन,लालच और असीमित मुनाफे की हवस ने पूरी दुनिया को विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है,. कॉमरेड लाल का संघर्ष पृथ्वी को बचाने का संघर्ष था, बादल सरोज

कॉमरेड लाल का संघर्ष पृथ्वी को बचाने का संघर्ष था : बादल सरोज, कैलेंडर का विमोचन* धमतरी। लालच और असीमित मुनाफे की हवस ने पूरी दुनिया को विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। यदि दुनिया को बचाना है, तो आम जनता के शोषण पर टिकी पूंजी की ताकत से लड़ना होगा। असंगठित मजदूरों को संगठित करते हुए, उनके संघर्षों को आगे बढ़ाते हुए कॉमरेड लाल इस पृथ्वी को बचाने के संघर्ष में ही लगे थे। उक्त विचार अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव बादल सरोज ने माकपा नेता अजीत लाल की स्मृति में आयोजित एक स्मरण सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि कॉमरेड लाल उनके गुरु थे और मध्यप्रदेश के जमाने में जब असंगठित मजदूरों के बीच में सीटू ने काम करने का फैसला किया था, तो उन्होंने देखते ही देखते बीड़ी, मण्डी, हमालों व अन्य असंगठित मजदूरों की 18 यूनियनें खड़ी कर दीं थीं। इनमे भी हरेक के नेता उन्ही उद्योग...
वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला पर प्राण घातक हमला,राज  किसका है? माफिया का या आपका? सीएम भूपेश बघेल से सवाल,बादल सरोज का
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वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला पर प्राण घातक हमला,राज  किसका है? माफिया का या आपका? सीएम भूपेश बघेल से सवाल,बादल सरोज का

"आज कांकेर में देश के जाने-माने पत्रकार कमल शुक्ला पर हुआ हमला स्तब्ध और बहुत विचलित करने वाली खबर है। यह इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में आज भी राज काज भ्रष्ट नौकरशाह, अपराधी नेता और गुंडों के हाथ में है तथा इस बात का सबूत भी कि मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस माफिया गिरोह को नाथने में या तो पूरी तरह असफल हुए हैं या फिर उन्होंने उनके साथ सहअस्तित्व कायम कर लिया है।" इन शब्दों के साथ दी गई अपनी कड़ी प्रतिक्रिया में लोकजतन के सम्पादक और अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव बादल सरोज ने इस घटना को छत्तीसगढ़ के लिए शर्मनाक और पत्रकारिता को डराने-धमकाने में असफल रहने पर उन्हें मार डालने तक की कायराना हरकतों का नमूना बताया है। बादल सरोज के अनुसार पिछले 15 दिनों से पूरी दुनिया जानती थी कि कैबिनेट का दर्जा पाए, मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले एक अपराधी के संरक्षण में चलने वाले ...