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केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भूपेश सरकार की गलत नीतियों के कारण कोरोना काल में अव्यवस्था को जनता भुगत रही है ,शिव सेना
कांकेर, खास खबर, छत्तीसगढ़ प्रदेश, रायपुर

केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भूपेश सरकार की गलत नीतियों के कारण कोरोना काल में अव्यवस्था को जनता भुगत रही है ,शिव सेना

भानूप्रतापपुर ,शिवसेना प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा ने प्रेस के माध्यम से कहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश की कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के कारण देश की और छत्तीसगढ़ प्रदेश में आम जनता को कोरोना के दूसरे चरण में हो रहे अकाल मौतों एवं अव्यवस्था से जूझना पड़ रहा है विदित हो कि कोरोना के प्रथम चरण के समय ही चिकित्सा विशेषज्ञों ने आगामी समय में कोरोना के व्यापक प्रसार एवं प्रभाव की आशंका देश के प्रधानमंत्री के समक्ष जताई थी एवं केंद्र सरकार को इसके रोकथाम हेतु उपाय सुझाए थे किंतु केंद्र सरकार ने चिकित्सा विशेषज्ञों के विचार को बहुत ही हल्के में लेते हुए देश भर में आगे चलकर कोरो ना से निपटने हेतु कोई व्यापक इंतजाम नहीं किए और ना ही कोई ऐसी दूरगामी नीति बनाई जिससे कोरोना के कारण बर्बाद हो चुकी देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ सके उल्टा केंद्र में बैठी भाजपा सरकार पूरे देश क...
भूपेश सरकार धान खरीदी के आड़ में हिटलरी फरमान चला रही है ,शिव सेना
कांकेर, कोंडागांव, खास खबर, छत्तीसगढ़ प्रदेश

भूपेश सरकार धान खरीदी के आड़ में हिटलरी फरमान चला रही है ,शिव सेना

अंतागढ़। शिवसेना प्रदेश महासचिव चन्द्रमौली मिश्रा ने कहा है कि 1 दिसम्बर से धान खरीदी आरंभ हुआ। राज्य सरकार ने 2500 में धान खरीदी का वादा कर गंगा जल की कसम खाई थी। किन्तु वही सरकार किसानो से 1,868 रुपये में खरीदी कर रही है । जिसमे पतले धान का रेट 1,868 दे रही है। किंतु इसका पैसा किसानों को कम से कम 1 हप्ते लगेगा खाते में आने में और उसमे भी कृषि ऋण की राशि एकमुश्त काट ली जाएगी। बचत राशि 632 प्रति क्विंटल की राशि सरकार कब और कैसे देगी यह तय नही है। जबकि केंद्र सरकार द्वारा 1,868 रुपये का भुगतान कर रही है । वहीं किसानों की और भी समस्या है जिसमे धान में नमी 17 प्रतिशत स्वीकार्य किया जाएगा। राज्य सरकार के लेट लतीफी खरीदी के वजह से नमी का प्रतिशत 13 तक गिर चुका है । इसका सीधा नुकसान किसानों को ही उठाना पड़ रहा है । फसलों के वजन में कमी होने का नुकसान भी किसानों को ही होगा। यह स्थिति तब है जब खरी...