Tag: the locks in the church for 37 weeks have no collection of donations and Mahavari donations

लॉक डाउन,37 हप्तों से चर्च में लगे ताले रविवारीय ओर महावारी दान का संग्रह नही,फिर भी छःत्तीसगढ़ डायसिस ने कुशल प्रबंधन से पासवानों को दी सैलेरी, पेंशन स्कीम भी शुरू
खास खबर, छत्तीसगढ़ प्रदेश, रायपुर

लॉक डाउन,37 हप्तों से चर्च में लगे ताले रविवारीय ओर महावारी दान का संग्रह नही,फिर भी छःत्तीसगढ़ डायसिस ने कुशल प्रबंधन से पासवानों को दी सैलेरी, पेंशन स्कीम भी शुरू

रायपुर। कोरोना की वजह से छत्तीसगढ़ डायसिस के चर्चों में 37 हफ्तों से ताले लटके हैं। इस वजह से गिरजाघरों की माली हालत खराब होती जा रही है। यहां तक कि पादरियों को मानदेय देने में परेशानी हो रही। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ डायसिस के कुशल प्रबंधन से मानदेय नियमित रखने का प्रयास किया है। निवर्तमान एडहॉक कमेटी व पदाधिकारियों ने पासबानों के हितों के लिए सेलेरी रिवाइज की कार्ययोजना तैयार की थी। इसे मूर्त रूप प्रदान किया गया। जिससे पासबानों कि सेलरी में 1500 से 3500 तक सेलेरी में बढ़ोतरी हुई है। डायोसिस ने स्वयं की पेंशन स्कीम चालू की है। इस स्कीम के अंतर्गत सेवानिवृत्त पासबानों को इस माह से पेंशन चालू कर रही है। पिछले साल लाक डाउन में तीस संडे और इस साल अब तक सात इतवार चर्च बंद हैं। ऑनलाइन आराधनाएं हो रही हैं। रविवारीय दान और माहवारी दान का संग्रह नहीं हो सका है। इससे चर्चों के प्रबंधन, स्टाफ, बिजली, पान...