जरूरत पड़ने पर तमिलनाडु का विभाजन होगा, अब भाजपा नेता ने दिया विवादित बयान

चेन्नई (IMNB)। तमिलनाडु में भाजपा के सदन के नेता नैनार नागेंद्रन ने मंगलवार को एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो राज्य का विभाजन किया जाएगा। उनका यह बयान डीएमके सांसद ए राजा के एक विवादित बयान के बाद आया है। दरअसल सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेता ए राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तमिलनाडु को स्वायत्तता प्रदान करने का आग्रह करते हुए कहा कि, उन्हें एक स्वतंत्र देश की मांग करने के लिए बाध्य नहीं किया जाए।
अब भाजपा नेता नागेंद्रन ने कहा है कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु का विभाजन कर सकते हैं क्योंकि उनके पास वे अधिकार हैं। उन्होंने मंगलवार को पूरे तमिलनाडु में भाजपा द्वारा आयोजित एक दिवसीय उपवास में ये विवादास्पद टिप्पणी की। भाजपा ने सत्तारूढ़ द्रमुक द्वारा 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले किए गए अपने चुनावी वादों को पूरा कराने को लेकर उपवास रखा था।
नागेंद्रन ने कहा, “राजा कहते हैं कि वह एक अलग तमिलनाडु चाहते हैं। अगर ए राजा की ऐसी इच्छा है, तो नैनार नागेंद्रन तमिलनाडु को विभाजित करने की इच्छा क्यों नहीं कर सकते? हमारे पास 234 निर्वाचन क्षेत्र हैं। आइए इसे 117 + 117 में विभाजित करें। हम दक्षिण और उत्तर में मुख्यमंत्री बनेंगे। यह पांडिया नाडु और पल्लव नाडु होगा। यह मत सोचो कि हम ऐसा नहीं कर सकते। हम उस जगह पर हैं जहां हम यह कर सकते हैं। अगर हमारे पीएम मोदी सोचते हैं, तो यह किया जाएगा।”
नागेंद्रन तिरुनेलवेली जिले से विधायक हैं। वे भाजपा में शामिल होने से पहले अन्नाद्रमुक के साथ थे। उन्होंने कहा, “ऐसा मत सोचो कि हम (राज्य को विभाजित) नहीं कर सकते। हम ऐसी चीजें करने की स्थिति में हैं। अगर मोदी जी चाहें तो यह (विभाजन) हो सकता है।” हालांकि भाजपा ने नागेंद्रन की टिप्पणी से दूरी बना ली और उनकी टिप्पणी का समर्थन नहीं किया। राज्य भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने विरोध प्रदर्शन के दौरान सत्तारूढ़ द्रमुक और ठाकरे गुट की शिवसेना के समानताएं जरूर बता दीं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में भी एकनाथ की चमक उभरेगी।
डीएमके ने नागेंद्रन के बयान की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सत्ता के नशे में है। द्रमुक सांसद टी के एस एलंगोवन ने पूछा, “वे किस आधार पर तमिलनाडु को विभाजित करेंगे? वे उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य को विभाजित नहीं कर सकते, जिसमें 403 विधानसभा सीटें हैं। अगर वह (नागेंद्रन) ऐसे ही बोल रहे हैं, तो मुझे ऐसा लगता है कि वह यह दिखाने के लिए सबूत हैं कि भाजपा किसी कानूनी ढांचे का सम्मान नहीं करती है। केवल इसलिए क्योंकि वे केंद्र में सत्ता में हैं, वे ऐसी बातें कह रहे हैं। अगर वे तमिलनाडु को तीन भागों में बांटते हैं, तो द्रमुक के पास तीन मुख्यमंत्री होंगे।”

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