भूपेश सरकार धान खरीदी के आड़ में हिटलरी फरमान चला रही है ,शिव सेना


अंतागढ़। शिवसेना प्रदेश महासचिव चन्द्रमौली मिश्रा ने कहा है कि 1 दिसम्बर से धान खरीदी आरंभ हुआ। राज्य सरकार ने 2500 में धान खरीदी का वादा कर गंगा जल की कसम खाई थी। किन्तु वही सरकार किसानो से 1,868 रुपये में खरीदी कर रही है । जिसमे पतले धान का रेट 1,868 दे रही है। किंतु इसका पैसा किसानों को कम से कम 1 हप्ते लगेगा खाते में आने में और उसमे भी कृषि ऋण की राशि एकमुश्त काट ली जाएगी। बचत राशि 632 प्रति क्विंटल की राशि सरकार कब और कैसे देगी यह तय नही है। जबकि केंद्र सरकार द्वारा 1,868 रुपये का भुगतान कर रही है । वहीं किसानों की और भी समस्या है जिसमे धान में नमी 17 प्रतिशत स्वीकार्य किया जाएगा। राज्य सरकार के लेट लतीफी खरीदी के वजह से नमी का प्रतिशत 13 तक गिर चुका है । इसका सीधा नुकसान किसानों को ही उठाना पड़ रहा है । फसलों के वजन में कमी होने का नुकसान भी किसानों को ही होगा। यह स्थिति तब है जब खरीदी टोकन 1 से 5 तारीख के बीच है। जैसे ,जैसे यह समय बढ़ता जाएगा इस सुखत का नुकसान किसानों को भोगना पड़ेगा । सरकार ने 1 एकड़ में अनुमानित 15 क्विंटल की सीमा निर्धारित की है। जबकि फसल अच्छी हो और उन्नत किस्म की कृषि हो तो 1 एकड़ में अनुमानित पैदावार 20 से 25 क्विंटल भी धान होता है। धान के मुद्दे पर सत्ता में आई को कांग्रेस सरकार लगातार किसानों को गुमराह कर रही है । और मात्र झूठे वादे से भ्रम पैदा कर रही है । यहीं पर बात खत्म नही हुई सरकार ने किसानों के जमीन के रकबा को कटौती अलग से की जा रही है । जिससे किसान दोहरी मार झेल रहा है। यूँ ही चलता रहा तो शिवसेना उपरोक्त विषय पर आंदोलन करेगी ताकि किसानों को न्याय मिले और किसानो के साथ ही रही दोहरी नीति उजागर हो।

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