कोरोना मरीजो की बढती संख्या दुर्ग जिले में 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक सम्पूर्ण लॉकडाउन रायपुर में भी हो सकती है कभी भी लॉक डाउन की घोषणा

दुर्ग 02 अप्रैल/(IMNB NEWS AGENCY)  जिले में कोविड संक्रमण की स्थिति को देखते हुये जिला प्रशासन ने 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक सम्पूर्ण जिले में लॉकडाउन का निर्णय लिया है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिले में संक्रमण के तेज प्रसार को नियंत्रित करने यह बहुत जरूरी है कि लॉकडाउन के माध्यम से कोरोना की गतिशीलता को नियंत्रित किया जाए।

आप को बता दे कि दुर्ग के साथ ही राजधानी रायपुर की स्थिति भी खराब है । होली के दूसरे दिन से लगातार मिल रहे कोरोना पाजेटिव ने शहर के आधा दर्जन से अधिक नामी इलाको को प्रतिबंधित करवा दिया है। इसके अलावा लगातार रायपुर में मरीजो की मिलने की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। देर सबेर यहां भी लॉक डाउन की घोषणा हो जाए तो आश्चर्य नहीं होगी। कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल ने प्रेस विज्ञाप्ति जारी कर पूरे प्रदेश में लॉक डाउन लगाने की मांग की है। इसके साथ ही राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड में देर रात तक खुले होटल पब कैफे पर निशाना साध प्रशासन का ध्यान इस और आकार्षित करवाया है। वहीं दूसरी और दुर्ग कलेक्टर ने कहा है कि   नागरिकों का सहयोग बेहद जरुरी है। पूर्व में जिले में लॉक डाउन लगाए गए थे और जन सहयोग से कोरोना की पहली लहर को रोक पाने में सफलता मिली थी। इस बार भी कोविड संकट के दौर में धैर्य की जरूरत है ताकि कोविड संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि घर में रहें, सुरक्षित रहें। पिछली बार की तरह हमने लॉक डाउन में सम्पूर्ण संयम का परिचय दिया तो कोविड की गंभीरता से पूरी तरह से बच सकेंगे। उन्होंने 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों से नजदीकी टीकाकरण केंद्र पहुंचकर टीका लगवाने का आग्रह किया। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि कोरोना के लक्षण उभरते ही टेस्ट कराएं। साथ ही पॉजिटिव आने पर चिकित्सक की सलाह पर कार्य करें। पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने पर भी टेस्ट कराएं। पॉजिटिव मरीजों के आइसोलेशन का पूरा ध्यान रखें।
कलेक्टर ने कहा है कि जिले के समक्ष यह कठिन परिस्थिति है। यदि इस समय पूरे संयम और दृढ़ता से इस परिस्थिति का मुकाबला किया तो निश्चय ही हम अपने परिवारजनों और प्रियजनों को इस विपदा से सुरक्षित रख सकेंगे।
उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले के नागरिकों ने हमेशा संकट का सामना हिम्मत और धैर्य से किया है। इस बार भी अपने संकल्प से हम इससे विजय प्राप्त करेंगे।

गौरतलब है कि सरकारी और निजी अस्पतालो में बेड नहीं होने के कारण स्थित बहुत ही संकट मय बनी हुई है। हलांकि प्रशासन को होली के बाद दूसरे दिन से ही कोरोना प्रभावितो की संख्या बढ़ने का अंदेशा था। जिसके कारण उन्होंने होलिका दहन से एक दिन पहले से नियम कानून का हवाला देते हुए गाइड लाईन का पालन करना अनिवार्यकर दिया। इसके बावजुद होली में लोगो ने गाइड लाईन का पालन ना करते हुए खुलकर होली खेल है। मेल मिलाप के कारण प्रभावितो की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। वहीं मरने वालो की संख्या भी बढ़ी है।

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