कवर्धा थाना कोतवाली पुलिस एवं महिला बाल विकास की टीम ने घुमंतू वह भीख मांगने वाले बच्चों के माता-पिता को दी समझाइस

जिले के किसी भी संस्थान में बाल श्रमिक होंगे तो संचालक के खिलाफ होगी कार्यवाही

कबीरधाम जिले के जिलाधीश श्री रमेश शर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी व उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री बी आर मंडावी के निर्देशन में थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्री मुकेश यादव तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री सत्यनारायण राठौर के द्वारा थाना कोतवाली पुलिस व बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त रूप से घुमंतु बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कवायद शुरू कर दी है। जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे बच्चों की तलाश कर रहे हैं, जो पढ़ाई छोड़ चुके हैं। जिले की सड़कों व गांवों में पढ़ाई छोड़कर भीख मांगने वाले व बस स्टॉप सहित अन्य स्थानों पर पढ़ाई छोड़ कर घूमने वाले बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पहले महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से बच्चों की खोजबीन की जाती थी। लेकिन अब कोतवाली पुलिस व महिला बाल विकास विभाग द्वारा टीम बनाया गया है जो घुमंतू बच्चों की खोज करेगी। ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है मजबूरी वश जिनकी पढ़ाई छूट गई है उन सभी बच्चों को चिन्हांकित कर जिले के स्कूलों व विशेष एवं गैर आवासीय केंद्र में दाखिला दिलाकर शिक्षित किया जाएगा। दाखिला के बाद पालक वर्ग बच्चों को पढ़ने से मनाही करते हैं तो उस पर भी कार्यवाही हो सकती है,पिछले कुछ दिनों में शहर में पेट्रोलिंग के दरमियान निरीक्षण किया गया था। जिसमें पुलिस टीम के द्वारा कुछ होटल, दुकानों के संचालकों को समझाइश दी गई है कि बच्चों से कार्य ना लें बाल श्रमिक अपने संस्थान में ना रखें यदि बाल श्रमिक होंगे तो निश्चित ही अगली बार कार्यवाही होगी समझाइश दी गई। 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा का प्रावधान है। इसके बाद भी कुछ लोग अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए जागरूक नहीं है। ऐसे लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बजाय उनके अधिकारों का हनन करते हुए या होटल या अन्य संस्थानों में काम करने भेज देते हैं। शासन की मंशा है कि बच्चें शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़कर काबिल बन सकें।
अब पालक यदि बच्चों से होटल अन्य संस्थाओं में काम करते या सार्वजनिक स्थलों पर भीख मांगते दिखे तो पालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। शिक्षा का अधिकार के तहत 6 से 14 वर्ष तक बच्चों को शिक्षित करना है। जिसकी जानकारी महिला बाल विकास टीम व कोतवाली पुलिस द्वारा पालको को दी जा रही है तथा बच्चों से भीख मंगवाना अपराध, है जिसमें 5 साल व एक लाख का जुर्माना हो सकता है शहर के संस्थानों एवं पालको को समझाइश दिया गया।

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